पशुपालन विभाग के अनुसार 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को खुरपका और मुंहपाक रोग से बचाने के लिए टीका लगाने का अभियान चलाया जा रहा है. फुट-एंड-माउथ बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम के सातवें चरण के तहत राज्यव्यापी अभियान में गाय-भैंसों के साथ ही छोटे पशुओं को भी कवर किया जा रहा है.
खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग से पशुओं को बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी कुछ दिनों में ही पशु की जान ले लेती है. इस बीमारी से बचाव के लिए राजस्थान सरकार मुफ्त टीकाकरण अभियान का 7वां चरण चला रही है. अभियान के तहत 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को टीका लगाने का टारगेट तय किया गया है. राजस्थान के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि जानलेवा बीमारी से गाय-भैंस के साथ छोटे पशुओं को बचाने के लिए मुफ्त टीका लगाया जा रहा है, पशुपालक इस सुविधा का लाभ उठाएं और पशुधन को सेहतमंद रखें. 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat

राजस्थान सरकार के पशुपालन मंत्रालय के अनुसार राज्य में 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को फुट एंड माउथ बीमारी यानी खुरपका और मुंहपाक रोग से बचाने के लिए टीका लगाया जा रहा है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार अपने फुट-एंड-माउथ बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम के सातवें चरण के तहत दो करोड़ से अधिक पशुओं को टीका लगाएगी. राज्यव्यापी अभियान का सातवां चरण, जिसे पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने जयपुर के पास बगरू स्थित रामदेव गौशाला से शुरू किया है. 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat 2.32 करोड़ पशुओं को टीकाकरण कराने का टारगेट
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यक्रम में कहा कि टीकाकरण अभियान का उद्देश्य सभी जिलों में 2.32 करोड़ गायों और भैंसों को टीका लगाना है. इसके साथ ही छोटे पशुओं का भी टीकाकरण करना है. उन्होंने पशु मालिकों से अपील की कि वे अपने सभी पशुओं को इस संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए उनका टीकाकरण जरूर कराएं. उन्होंने कहा कि इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
FMD क्या है?
- FMD का पूरा नाम Foot and Mouth Disease (फुट एंड माउथ डिजीज) है।
- यह एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है जो गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और अन्य खुर वाले पशुओं को प्रभावित करती है।
- बीमारी के लक्षणों में मुंह और जीभ में छाले, खुरों में फफोले, बुखार, खाना-पीना छोड़ना और दूध उत्पादन में कमी शामिल हैं।
- यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए, तो यह तेजी से फैलती है और बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान कर सकती है। 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
पशुओं के मुंह में और खुरों में फफोले हो जाते हैं और बुखार आता है
पशुपालन मंत्री ने कहा कि फुट एंड माउथ (FMD) एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो पशुधन को प्रभावित करती है, जिसमें गाय, सूअर, भेड़ और बकरियां शामिल हैं. इस बीमारी के लक्षणों में बुखार और मुंह, जीभ तथा खुरों पर फफोले जैसे घाव होना शामिल है. इसकी चपेट में आकर पशु चारा नहीं खा पाता है और चल-फिर भी नहीं पाता है. चारा नहीं खा पाने की वजह से उसका वजन तेजी से घटता है, जिससे उसकी मौत होने का खतरा बढ़ जाता है. 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
आधिकारिक बयान में पशुपालन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिया कि वे टीकाकरण अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करें, ताकि 2030 तक राज्य को इस बीमारी से मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके.
टीकाकरण क्यों जरूरी है?
- FMD बहुत तेजी से फैलती है, इसलिए बचाव ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
- टीकाकरण से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- दूध उत्पादन प्रभावित नहीं होता और प्रजनन क्षमता बनी रहती है।
- इलाज के खर्च और पशुओं के नुकसान से बचा जा सकता है। 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
गांव-गांव टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा
पशुपालन विभाग के निदेशक सुरेश मीणा ने मीडिया से कहा कि FMD एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो पशुधन की उत्पादकता को प्रभावित करती है और किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है. पशुपालन विभाग की टीमें गांवों में घर-घर जाकर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है और अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया की लगातार निगरानी करेंगी. 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
और जाने
सरकार का बड़ा फैसला, धान खरीद पर बढ़ाया कमीशन किसानों से उपज खरीद तेज होगी
टीकाकरण के अलावा जरूरी सावधानियां
- बीमार पशु को झुंड से अलग रखें।
- पशुओं के रहने की जगह को साफ और सूखा रखें।
- बाहर से आए नए पशुओं को झुंड में शामिल करने से पहले अलग रखें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
8. सरकार और पशुपालकों की जिम्मेदारी
- सरकार मुफ्त टीकाकरण, जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण देती है।
- पशुपालकों का कर्तव्य है कि वे समय पर टीका लगवाएं और अपने पशुओं की देखभाल करें।
- दोनों मिलकर FMD जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं। 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat
टीका कब और कैसे लगवाएं?
- सभी खुर वाले पशुओं को 6 महीने के अंतराल पर टीका लगवाना जरूरी है।
- नजदीकी पशु अस्पताल या सरकारी पशु केंद्र पर टीकाकरण कराया जा सकता है।
- अभियान में शामिल अधिकारियों और पशु चिकित्सकों द्वारा सही मात्रा में और सुरक्षित तरीके से टीका लगाया जाता है।
- सभी पशुओं का रिकॉर्ड रखा जाता है ताकि समय पर दूसरी खुराक भी दी जा सके। 2 Cr. Pashuo Ke FMD Tika Lgane Ki Shuruat

