Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के भिनैनी गांव की रहने वाली सीता देवी की कहानी उन किसानों और महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो कम संसाधनों के बावजूद कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं। कभी प्राइवेट स्कूल में मात्र 2 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करने वाली सीता देवी आज औषधीय खेती (Medicinal Farming) के माध्यम से सालाना 2 लाख रुपये से ज्यादा की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता दिखाती है कि यदि सही प्रशिक्षण, नई तकनीक और बाजार की समझ हो, तो खेती भी बेहतर रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकती है।
कृषि विज्ञान केंद्र से मिला प्रशिक्षण, बदली जिंदगी Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
सीता देवी ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सीतापुर से प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें औषधीय फसलों की खेती, प्राकृतिक खेती, मिट्टी प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने करीब 1.5 बीघा बंजर जमीन पर कैमोमाइल (Chamomile) और ब्लू कॉर्न (Blue Corn) की खेती शुरू की। शुरुआत में कई लोगों को इस खेती पर संदेह था, लेकिन सही तकनीक अपनाने से उनकी फसल ने शानदार परिणाम दिए।
बंजर जमीन को बनाया उपजाऊ खेत
सीता देवी के अनुसार, जिस जमीन को पहले खेती के लिए अनुपयोगी माना जाता था, वह आज पूरी तरह उपजाऊ बन चुकी है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों को अपनाते हुए गोबर, गोमूत्र और जैविक खाद का उपयोग किया। इसके साथ ही मिट्टी की जांच कराकर पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया गया। लगातार जैविक तरीकों से खेती करने के कारण जमीन की उर्वरता बढ़ी और उत्पादन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
कैमोमाइल और ब्लू कॉर्न की खेती से बढ़ी आय
सीता देवी ने बताया कि उन्होंने औषधीय फसलों में कैमोमाइल और ब्लू कॉर्न को चुना क्योंकि इनकी बाजार में अच्छी मांग है। विशेष रूप से ब्लू कॉर्न के फूलों को सुखाकर बेचा जाता है, जिसकी अच्छी कीमत मिलती है। इन फसलों की खेती में लागत अपेक्षाकृत कम रही, जबकि बाजार मूल्य बेहतर मिलने से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। आज उनकी पहचान जिले की सफल औषधीय खेती करने वाली महिला किसानों में होती है। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
कृषि सखी बनकर भी बढ़ा आत्मविश्वास
खेती के साथ-साथ सीता देवी कृषि सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। इस जिम्मेदारी के तहत उन्हें किसानों को खेती संबंधी जानकारी देने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। इसके लिए उन्हें हर महीने लगभग 5 हजार रुपये का मानदेय भी मिलता है। इससे उनकी अतिरिक्त आय होने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
जैविक खेती से मिली बेहतर सफलता
सीता देवी ने खेती शुरू करने से पहले कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर अपनी मिट्टी की जांच करवाई। इसके बाद उन्होंने जैविक खाद, गोबर और आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग किया। रासायनिक उर्वरकों की बजाय प्राकृतिक खेती पर जोर देने से उत्पादन बेहतर हुआ और फसल की गुणवत्ता भी बढ़ी। इससे बाजार में उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती गई। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
FPO के माध्यम से मिल रहा बेहतर बाजार
सीता देवी ने बताया कि उनकी फसल की बिक्री सीतापुर के बिसवां स्थित किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से होती है। FPO से जुड़ने के कारण उन्हें अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और उचित कीमत मिलती है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई और आय में लगातार बढ़ोतरी हुई। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
केवल 400 रुपये के बीज से शुरू की थी खेती
सीता देवी बताती हैं कि उन्होंने इस सफर की शुरुआत केवल 400 रुपये के बीज खरीदकर की थी। सीमित निवेश के बावजूद उन्होंने फसल की सही देखभाल, समय पर सिंचाई, जैविक पोषण और बाजार की मांग को समझते हुए खेती की। परिणामस्वरूप उत्पादन हर साल बढ़ता गया और उनकी आमदनी भी लगातार बढ़ती रही। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
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बीज उत्पादन से बनाया अतिरिक्त आय का स्रोत
फसल उत्पादन के साथ-साथ सीता देवी ने बीज उत्पादन और बीज बिक्री का मॉडल भी अपनाया। इससे उन्हें अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिला। आज वे केवल फसल बेचने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराकर अन्य किसानों को भी लाभ पहुंचा रही हैं। यह मॉडल उनकी आर्थिक मजबूती का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
आज सीता देवी अपने गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के कई क्षेत्रों में एक सफल महिला किसान के रूप में जानी जाती हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर कई महिलाएं कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेकर औषधीय और प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा रही हैं। सीता देवी का मानना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और बाजार की सही जानकारी के साथ काम करें, तो खेती से सम्मानजनक और स्थायी आय अर्जित की जा सकती है। Success Story Of UP Woman Farmer Sita Devi
