किसानों के लिए खुशखबरी! नई मूंगफली किस्में लॉन्च, किसानों को होगा बड़ा फायदा, जानें क्या है खास New High Oleic Groundnut Varieties

किसानों के लिए खुशखबरी! नई मूंगफली किस्में लॉन्च, किसानों को होगा बड़ा फायदा, जानें क्या है खास New High Oleic Groundnut Varieties

New High Oleic Groundnut Varieties: भारत में मूंगफली की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वैज्ञानिकों ने High Oleic Groundnut Varieties की दो नई किस्मों की पहचान की है, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ देश के खाद्य तेल उत्पादन को भी मजबूती देंगी। इन नई किस्मों में बेहतर उत्पादन, अधिक तेल प्रतिशत और उच्च गुणवत्ता वाला खाद्य तेल मिलेगा, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। सबसे खास बात यह है कि इनमें से एक किस्म ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के लिए स्वीकृत पहली हाई-ओलिक मूंगफली की किस्म है। इससे इन क्षेत्रों के किसानों को भी आधुनिक और अधिक लाभदायक किस्मों का फायदा मिलेगा।

आईसीएआर ने दो नई किस्मों को दी मंजूरी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP-Groundnut) की किस्म पहचान समिति (VIC) ने अप्रैल 2026 में पुणे में आयोजित वार्षिक बैठक के दौरान दो नई हाई-ओलिक मूंगफली किस्मों ICGV 201214 और ICGV 181030 को राष्ट्रीय स्तर पर जारी करने के लिए मंजूरी दी है। इन दोनों किस्मों को वैज्ञानिकों ने बेहतर उत्पादन, अधिक तेल गुणवत्ता और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया है।

High-Oleic मूंगफली क्या होती है? New High Oleic Groundnut Varieties

सामान्य मूंगफली की तुलना में High-Oleic Groundnut में ओलिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इससे बनने वाला तेल अधिक समय तक खराब नहीं होता और उसकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।

इसके प्रमुख फायदे हैं—

  • तेल की शेल्फ लाइफ अधिक होती है।
  • ऑक्सीडेटिव स्थिरता बेहतर रहती है।
  • स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में इसकी मांग अधिक रहती है।
  • किसानों को प्रीमियम कीमत मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

यही कारण है कि देश और विदेश में हाई-ओलिक मूंगफली की मांग लगातार बढ़ रही है। New High Oleic Groundnut Varieties

ICGV 181030 की क्या हैं खासियत?

ICGV 181030 किस्म को ICRISAT और कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (UAS), धारवाड़ ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह मध्यम अवधि में तैयार होने वाली स्पेनिश गुच्छेदार किस्म है।

इस किस्म को निम्न राज्यों के लिए अनुशंसित किया गया है—

  • गुजरात
  • राजस्थान
  • महाराष्ट्र
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • पश्चिम बंगाल
  • पूर्वोत्तर भारत के राज्य

इस किस्म में लगभग 78 प्रतिशत ओलिक एसिड पाया जाता है। तीन वर्षों के परीक्षणों में इसने कई प्रचलित किस्मों की तुलना में 7 से 12 प्रतिशत तक ज्यादा फली उत्पादन दिया है। New High Oleic Groundnut Varieties

ICGV 201214 किसानों को कैसे देगा फायदा?

दूसरी नई किस्म ICGV 201214 को ICRISAT और जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसे गुजरात और राजस्थान में खरीफ मौसम के लिए अनुशंसित किया गया है।

इस किस्म की प्रमुख विशेषताएं हैं—

  • 81% ओलिक एसिड
  • 53% तेल की मात्रा
  • 27% प्रोटीन
  • बड़े और आकर्षक दाने
  • बाजार में अधिक मांग

तीन वर्षों तक विभिन्न स्थानों पर किए गए परीक्षणों में इस किस्म ने प्रचलित किस्म JL 501 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक गिरी उत्पादन दर्ज किया। New High Oleic Groundnut Varieties

किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

नई हाई-ओलिक मूंगफली किस्मों से किसानों को कई तरह के लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर उत्पादन, अधिक तेल प्रतिशत और प्रीमियम गुणवत्ता के कारण किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों और तेल उद्योग की बढ़ती मांग से इन किस्मों की बाजार क्षमता भी अधिक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये किस्में किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। New High Oleic Groundnut Varieties

खाद्य तेल आयात कम करने में मिलेगी मदद

भारत खाद्य तेल की मांग का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में अधिक तेल उत्पादन देने वाली मूंगफली की नई किस्में देश के लिए भी लाभदायक साबित हो सकती हैं।

इन किस्मों के बड़े स्तर पर अपनाने से—

  • खाद्य तेल उत्पादन बढ़ेगा।
  • आयात पर निर्भरता कम होगी।
  • तिलहन क्षेत्र मजबूत होगा।
  • खाद्य तेल उद्योग को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल मिलेगा।

राष्ट्रीय तिलहन मिशन को मिलेगा समर्थन

नई हाई-ओलिक मूंगफली किस्में राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन (NMEO-Oilseeds) के तहत मूंगफली उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकती हैं। विशेष रूप से ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में इनके विस्तार से तिलहन उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है। New High Oleic Groundnut Varieties

वैज्ञानिकों ने क्या कहा?

वैज्ञानिकों के अनुसार भविष्य की कृषि ऐसी किस्मों पर आधारित होगी जो किसानों, उपभोक्ताओं और उद्योग—तीनों को लाभ पहुंचाएं। हाई-ओलिक मूंगफली की नई किस्में इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक पौध प्रजनन तकनीक और विभिन्न कृषि संस्थानों के सहयोग से विकसित ये किस्में किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य तेल की गुणवत्ता सुधारने और भारत को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। New High Oleic Groundnut Varieties

किसानों के लिए क्यों खास हैं ये नई किस्में?

नई High Oleic Groundnut Varieties बेहतर उत्पादन, अधिक तेल, बेहतर पोषण गुणवत्ता और मजबूत बाजार मांग का बेहतरीन संयोजन हैं। यदि किसान इन उन्नत किस्मों को अपनाते हैं, तो उन्हें अधिक मुनाफा मिलने के साथ-साथ देश के खाद्य तेल उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में ये किस्में भारत की तिलहन खेती में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। New High Oleic Groundnut Varieties

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