Multi Layer Farming: खेती योग्य जमीन लगातार कम होती जा रही है, जबकि सब्जियों की मांग हर साल बढ़ रही है। ऐसे में Multi Layer Farming किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। इस तकनीक की मदद से किसान एक ही खेत में अलग-अलग ऊंचाई और गहराई पर कई फसलों की खेती कर सकते हैं। इससे खेती की लागत कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और कम जमीन से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह तकनीक काफी लाभदायक मानी जाती है, क्योंकि इसमें सीमित भूमि का अधिकतम उपयोग किया जाता है।
जुलाई का महीना क्यों है सबसे उपयुक्त?
जुलाई में मानसून सक्रिय होने से मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, जिससे सब्जियों की रोपाई और बीज अंकुरण बेहतर होता है। यही कारण है कि कृषि विशेषज्ञ इस मौसम को मल्टीलेयर फार्मिंग शुरू करने के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं। बरसात के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता भी कम पड़ती है, जिससे खेती की लागत और मेहनत दोनों घट जाती हैं।
क्या है Multi Layer Farming?
Multi Layer Farming ऐसी आधुनिक खेती तकनीक है, जिसमें एक ही खेत में अलग-अलग ऊंचाई और गहराई वाली फसलों को एक साथ उगाया जाता है। इस तकनीक में सबसे पहले जमीन के अंदर तैयार होने वाली फसलें लगाई जाती हैं। इसके बाद जमीन की सतह पर बढ़ने वाली सब्जियां लगाई जाती हैं और सबसे ऊपर मचान या सहारे के माध्यम से बेल वाली सब्जियों की खेती की जाती है। इस तरह एक ही खेत की पूरी जगह का बेहतर उपयोग होता है।
जुलाई में कौन-सी सब्जियां लगाएं?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई में मल्टीलेयर फार्मिंग के तहत कई सब्जियों की खेती की जा सकती है।
जमीन के अंदर उगने वाली फसलें
- आलू
- अदरक
- हल्दी
जमीन की सतह पर उगने वाली सब्जियां
- टमाटर
- बैंगन
- मिर्च
मचान पर उगाई जाने वाली बेल वाली सब्जियां
- करेला
- लौकी
- तोरई
- गिल्की
- कद्दू
इस तकनीक से एक ही खेत से अलग-अलग प्रकार की सब्जियों का उत्पादन एक साथ लिया जा सकता है। Multi Layer Farming
कम जगह में भी शुरू कर सकते हैं खेती
कृषि विज्ञान केंद्र, नौगांव (छतरपुर) के कृषि विशेषज्ञ डॉ. कमलेश अहिरवार के अनुसार किसान शुरुआत में लगभग 30×30 फीट के छोटे प्लॉट से भी मल्टीलेयर फार्मिंग शुरू कर सकते हैं। इस छोटे से क्षेत्र में खेती शुरू करने की लागत लगभग 10 हजार रुपये तक आ सकती है। यदि खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाए और बाजार अच्छा मिले, तो लगभग 6 महीने में 20 से 30 हजार रुपये तक की आय प्राप्त होने की संभावना रहती है। हालांकि वास्तविक मुनाफा फसल, उत्पादन, बाजार भाव और प्रबंधन पर निर्भर करता है।
खेती की लागत कैसे होती है कम?
मल्टीलेयर फार्मिंग में एक साथ कई फसलें उगाई जाती हैं, इसलिए सिंचाई, खाद और श्रम का बेहतर उपयोग होता है।
इस तकनीक के प्रमुख लाभ हैं—
- कम पानी में खेती संभव।
- सिंचाई का खर्च घटता है।
- उर्वरकों का बेहतर उपयोग होता है।
- खरपतवार कम उगते हैं।
- उत्पादन क्षमता बढ़ती है।
- एक ही खेत से कई फसलों की आय प्राप्त होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक से पानी की खपत में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। Multi Layer Farming
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छोटे किसानों के लिए क्यों है फायदेमंद?
जिन किसानों के पास कम जमीन है, उनके लिए मल्टीलेयर फार्मिंग अतिरिक्त आय का अच्छा विकल्प बन सकती है। इस तकनीक से खेत की ऊंचाई और गहराई दोनों का उपयोग किया जाता है, जिससे प्रति वर्गमीटर उत्पादन बढ़ जाता है। इसके अलावा किसान सालभर अलग-अलग मौसम की सब्जियां उगाकर नियमित आय भी प्राप्त कर सकते हैं। Multi Layer Farming
घर के गार्डन में भी कर सकते हैं मल्टीलेयर फार्मिंग
मल्टीलेयर फार्मिंग केवल बड़े खेतों तक सीमित नहीं है। यदि आपके पास घर में छोटी-सी खाली जगह या किचन गार्डन है, तो वहां भी इस तकनीक को अपनाया जा सकता है। इसके लिए केवल मजबूत मचान या सहारे की आवश्यकता होती है, जिस पर बेल वाली सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं।
भविष्य की खेती है Multi Layer Farming
बढ़ती आबादी, घटती कृषि भूमि और सीमित संसाधनों को देखते हुए Multi Layer Farming भविष्य की टिकाऊ खेती तकनीकों में से एक मानी जा रही है। यदि किसान सही फसलों का चयन, वैज्ञानिक प्रबंधन और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर इस तकनीक को अपनाते हैं, तो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह खेती आय बढ़ाने का प्रभावी और लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है।
