IMD Alert: भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस बदलाव के पीछे केवल देश के अंदर बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय शक्तिशाली टाइफून ‘बावी’ (Bavi) का भी अप्रत्यक्ष प्रभाव देखने को मिल रहा है।
IMD Alert के मुताबिक यह टाइफून भारत से हजारों किलोमीटर दूर मौजूद है, लेकिन इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मॉनसूनी हवाओं का प्रवाह कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे यह टाइफून कमजोर होगा, भारत में मॉनसून दोबारा मजबूत होने की संभावना बढ़ जाएगी।
IMD Alert: टाइफून ‘बावी’ क्या है और भारत पर इसका असर क्यों पड़ रहा है?
टाइफून ‘बावी’ पश्चिमी प्रशांत महासागर में बना एक शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय चक्रवात है। यह तूफान चीन, ताइवान, जापान और दक्षिण चीन सागर के आसपास के क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर रहा है। हालांकि यह भारत से हजारों किलोमीटर दूर है, लेकिन मौसम विज्ञान के अनुसार महासागरों और वायुमंडल में बनने वाली बड़ी प्रणालियां एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं।
IMD Alert के अनुसार टाइफून ‘बावी’ अपनी तीव्रता के कारण आसपास की हवाओं और नमी को अपनी ओर खींच रहा है। इसका असर बंगाल की खाड़ी से भारत की ओर आने वाली मॉनसूनी हवाओं पर भी पड़ रहा है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश का वितरण सामान्य से अलग दिखाई दे रहा है।
मॉनसून की चाल में क्यों आया बदलाव?
सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से भरपूर नमी लेकर पूरे भारत में बारिश करता है। लेकिन इस समय टाइफून ‘बावी’ की वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली कुछ नमी दक्षिण चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत महासागर की ओर खिंच रही है।
IMD Alert के अनुसार इसी कारण कुछ क्षेत्रों में मॉनसून की गति धीमी हुई है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिक इसे अस्थायी प्रभाव मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि टाइफून कमजोर पड़ने के बाद मॉनसूनी हवाएं फिर सामान्य स्थिति में लौट आएंगी।
मौसम विशेषज्ञों ने क्या कहा?
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. पांडेय के अनुसार टाइफून ‘बावी’ भारत के लिए प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि यह केवल कुछ समय के लिए हवाओं और नमी के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का मॉनसून मुख्य रूप से अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और देश के भीतर बनने वाले कम दबाव वाले क्षेत्रों से संचालित होता है। इसलिए टाइफून ‘बावी’ का प्रभाव सीमित रहेगा और इससे पूरे देश में मॉनसून कमजोर होने की संभावना नहीं है।
IMD Alert: पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD Alert के अनुसार कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है।लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों से भी मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
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IMD Alert: इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक होगी अच्छी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अच्छी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।
वहीं दक्षिण भारत के केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी मॉनसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
मुंबई और मध्य भारत में क्यों बढ़ी बारिश?
मध्य भारत में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसी मौसम प्रणाली के कारण मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और मुंबई में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।IMD Alert के अनुसार यदि यह कम दबाव का क्षेत्र आगे भी सक्रिय रहता है तो मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे खरीफ फसलों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या भारत के लिए कोई बड़ा खतरा है?
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल टाइफून ‘बावी’ से भारत को किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि इसके कारण कुछ समय के लिए मॉनसूनी हवाओं और नमी के प्रवाह में हल्का बदलाव देखा जा सकता है।
यदि टाइफून तेजी से कमजोर होता है तो बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे पूर्वी भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां फिर से तेज हो सकती हैं और मॉनसून पहले की तरह सक्रिय हो जाएगा।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
IMD Alert के अनुसार किसानों को अपने जिले के मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पहले से कर लें ताकि फसलों को जलभराव से नुकसान न हो।
जिन इलाकों में फिलहाल बारिश सामान्य से कम हो रही है, वहां सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किसान बुवाई, उर्वरक का उपयोग और अन्य कृषि कार्य मौसम विभाग की ताजा चेतावनी और स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह के अनुसार ही करें। अगले कुछ दिन मॉनसून की स्थिति में बदलाव वाले हो सकते हैं, इसलिए मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
