Bihar Me Kharif Kheti को समय पर पूरा कराने के लिए बिहार सरकार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। राज्य में धान रोपाई और मक्का बुवाई की प्रगति की समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जिन जिलों में खेती की रफ्तार धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और तकनीकी सलाह समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
Bihar Me Kharif Kheti को लेकर सरकार का बड़ा फैसला
शारदीय (खरीफ) मौसम-2026 की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि Bihar Me Kharif Kheti निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कृषि पदाधिकारी नियमित रूप से गांवों का दौरा करें, किसानों से सीधे संवाद करें और खेती के दौरान आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन जिलों में धान रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई अपेक्षाकृत धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर किसानों को खेती के लिए प्रेरित किया जाए।
धान रोपाई और मक्का बुवाई की वर्तमान स्थिति
इस वर्ष Bihar Me Kharif Kheti के तहत धान रोपाई का लक्ष्य 37 लाख 83 हजार 946 हेक्टेयर रखा गया है। अब तक लगभग 10 लाख 54 हजार 426 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का करीब 28 प्रतिशत है।वहीं मक्का की बुवाई का लक्ष्य 2 लाख 70 हजार 158 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले 1 लाख 91 हजार 591 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है, यानी लगभग 71 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रगति मानी जा रही है।
अनुकूल मानसून से Bihar Me Kharif Kheti को मिलेगा फायदा
कृषि मंत्री ने कहा कि इस समय राज्य में मानसून की स्थिति खेती के लिए अनुकूल बनी हुई है। अधिकांश क्षेत्रों में धान की नर्सरी का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और धान रोपाई तेजी से जारी है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अनुकूल मौसम का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए ताकि Bihar Me Kharif Kheti समय पर पूरी हो सके और उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दी जाएगी वैकल्पिक खेती की सलाह
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ या जलभराव की संभावना है, वहां किसानों को वैकल्पिक फसलों और उपयुक्त फसल प्रणाली अपनाने की जानकारी दी जाए।कृषि विभाग किसानों को तकनीकी सलाह देकर समय रहते वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे नुकसान कम हो और उत्पादन प्रभावित न हो। यह कदम Bihar Me Kharif Kheti को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बारिश से कपास के दाम 800 रुपये प्रति कैंडी बढ़े, बुवाई में गिरावट से बढ़ी चिंता
धीमी प्रगति वाले जिलों में चलेगा विशेष अभियान
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में कृषि गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए। जहां धान रोपाई या खरीफ फसलों की बुवाई की गति कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जाए।इस अभियान के तहत किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक, कृषि आदान और आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि Bihar Me Kharif Kheti की रफ्तार तेज हो सके।
किसानों से कृषि विभाग की अपील
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि यदि खेती के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो वे अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। इसके अलावा कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेकर फसल प्रबंधन और मौसम के अनुसार खेती की योजना बनाएं। इससे Bihar Me Kharif Kheti के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे।
Bihar Me Kharif Kheti के तहत किसानों से कृषि विभाग की अपील
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से अपील की है कि यदि खेती के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है तो वे अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। किसान कृषि वैज्ञानिकों से भी सलाह लेकर धान रोपाई, मक्का बुवाई, उर्वरक प्रबंधन और मौसम के अनुसार खेती की योजना बना सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि Bihar Me Kharif Kheti समय पर पूरी हो और किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ अधिक लाभ मिल सके।
