मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अरहर का रकबा तीन गुना बढ़ा, 12,300 हेक्टेयर में फसल Dalhan Atmanirbharta Mission 2026

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अरहर का रकबा तीन गुना बढ़ा, 12,300 हेक्टेयर में फसल  Dalhan Atmanirbharta Mission 2026

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में Dalhan Atmanirbharta Mission 2026 के तहत अरहर की खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर दिखाई देने लगा है। जिले में अरहर की खेती का रकबा पिछले वर्ष के मुकाबले करीब तीन गुना बढ़ गया है। पिछले साल जहां लगभग 4,000 हेक्टेयर में अरहर की खेती की गई थी, वहीं खरीफ वर्ष 2026 में इसका क्षेत्रफल बढ़कर करीब 12,300 हेक्टेयर पहुंच गया है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष अरहर की फसल की स्थिति भी अच्छी है।

छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अरहर फसल का निरीक्षण

Dalhan Atmanirbharta Mission 2026 के अंतर्गत छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में किसानों के खेतों पर लगाए गए अरहर फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया गया। छिंदवाड़ा के ग्राम रामगढ़ी, मोहखेड़ के लिंगा, सौंसर के काजलवानी और पांढुर्णा के मोरडोंगरी में किसानों के खेतों में अरहर की फसल लगी हुई है। दलहन निदेशालय भोपाल के निदेशक डॉ. महेश कुमार ने इन क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से फसल की स्थिति, खेती में इस्तेमाल की जा रही तकनीक और संभावित उत्पादन को लेकर चर्चा की। इस दौरान किसानों को अरहर की उन्नत उत्पादन तकनीकों और फसल प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी गई।

मेड़-नाली पद्धति से अरहर की फसल

दलहन आत्मनिर्भरता कार्यक्रम के तहत कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव द्वारा मोहखेड़ विकासखंड के ग्राम सिल्लेवानी में किसानों के खेतों पर क्लस्टर फ्रंट लाइन प्रदर्शन लगाए गए हैं। इन खेतों में मेड़-नाली पद्धति से अरहर की खेती की गई है। निरीक्षण के दौरान फसल की स्थिति अच्छी दिखाई दी। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी और उचित प्रबंधन की जानकारी दी। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026

अधिकारियों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और उचित फसल प्रबंधन अपनाने से अरहर की उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026 के तहत इस तरह के फसल प्रदर्शन किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और दलहन उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

किसानों को MSP और पंजीयन की जानकारी

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को अरहर की फसल का पंजीयन कराने और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीदी की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। किसानों से समय पर आवश्यक पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही सभी अरहर फसल प्रदर्शनों का कृषि मैपर एप पर जल्द पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। इससे फसल प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने में मदद मिलेगी। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026

महिला किसानों से भी की गई चर्चा

क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ. महेश कुमार ने महिला किसानों से भी बातचीत की। उन्होंने दलहन उत्पादन में महिलाओं की भूमिका और कृषि क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी के बारे में चर्चा की।अधिकारियों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महिला किसान खेती के साथ-साथ फसल प्रबंधन और कृषि गतिविधियों के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026

दलहन उत्पादन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिल सकती है। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026 के तहत किसानों तक उन्नत तकनीक और कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

छिंदवाड़ा में 4,000 से बढ़कर 12,300 हेक्टेयर हुआ अरहर का रकबा

उप संचालक कृषि मोरिस नाथ के अनुसार कलेक्टर हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में खरीफ वर्ष 2026 में छिंदवाड़ा जिले में अरहर की खेती के क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जिले में करीब 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की खेती हुई थी। इस वर्ष यह रकबा बढ़कर लगभग 12,300 हेक्टेयर हो गया है। यानी जिले में अरहर की खेती का क्षेत्रफल करीब तीन गुना बढ़ा है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में अरहर की फसल की स्थिति अच्छी है। यदि मौसम और अन्य कृषि परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो किसानों को बेहतर उत्पादन मिलने की उम्मीद है।

दलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर

देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में लगाए गए अरहर फसल प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, फसल प्रबंधन, MSP और पंजीयन से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026 के तहत छिंदवाड़ा में अरहर का रकबा 4,000 हेक्टेयर से बढ़कर 12,300 हेक्टेयर होना दलहन खेती के विस्तार को दर्शाता है। कृषि विभाग का जोर किसानों को उन्नत तकनीक अपनाने के साथ बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी देने पर भी है। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026

किसानों के लिए क्या है खास?

छिंदवाड़ा में अरहर के बढ़ते रकबे से जिले में दलहन खेती के प्रति किसानों की रुचि बढ़ने का संकेत मिलता है। फसल प्रदर्शन, मेड़-नाली पद्धति, उन्नत उत्पादन तकनीक और MSP पर खरीदी जैसी जानकारियां किसानों के लिए उपयोगी हो सकती हैं। आने वाले समय में यदि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट और बाजार से जुड़ी बेहतर जानकारी मिलती है, तो अरहर उत्पादन को और बढ़ावा मिल सकता है। Dalhan Atmanirbharta Mission 2026 का उद्देश्य भी देश में दलहन उत्पादन को मजबूत करना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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