Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet: गेहूं की फसल कटने के बाद कई किसान अपने खेतों को कुछ समय के लिए खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसान गेहूं की कटाई के बाद मक्का की बुवाई करते हैं तो वे कम समय में एक और फसल लेकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। मक्का एक ऐसी फसल है जिसकी मांग पशु चारा, पोल्ट्री फीड, स्टार्च उद्योग और खाद्य उत्पादों में लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि गेहूं के बाद मक्का की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक विकल्प बनती जा रही है। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet

Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet गेहूं के बाद मक्का की खेती क्यों फायदेमंद है
अगर किसान गेहूं की कटाई के बाद खेत खाली छोड़ देते हैं तो जमीन का सही उपयोग नहीं हो पाता। लेकिन मक्का की खेती करके किसान साल में एक अतिरिक्त फसल ले सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं। गेहूं की कटाई के बाद मिट्टी में नमी और पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, जिससे मक्का के पौधों की शुरुआती बढ़वार अच्छी होती है और फसल जल्दी विकसित होती है। इसके अलावा गेहूं और मक्का का फसल चक्र अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है।
कम समय में कैसे होगा अच्छा मुनाफा
मक्का की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम समय में तैयार होने वाली फसल है। मक्का की फसल लगभग 90 से 110 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान कम समय में उत्पादन लेकर बाजार में बेच सकते हैं और जल्दी आय प्राप्त कर सकते हैं। अगर किसान गेहूं की कटाई के तुरंत बाद मक्का की बुवाई कर देते हैं तो खेत की नमी का फायदा मिलता है और सिंचाई की लागत भी कम हो जाती है। मक्का की मांग पोल्ट्री फीड, पशु चारा, खाद्य उद्योग और स्टार्च उद्योग में लगातार बनी रहती है, इसलिए किसानों को इसे बेचने में ज्यादा परेशानी नहीं होती और अच्छा दाम मिल सकता है। इस तरह किसान कम लागत में अच्छी पैदावार लेकर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
मक्का की बुवाई का सही समय Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
गेहूं की कटाई के तुरंत बाद मार्च के अंत से अप्रैल के मध्य तक मक्का की बुवाई करना सबसे अच्छा माना जाता है। समय पर बुवाई करने से पौधों की वृद्धि अच्छी होती है, कीट और रोग कम लगते हैं और पैदावार अधिक मिलती है।
खेत की तैयारी
मक्का की अच्छी पैदावार के लिए खेत की सही तैयारी बहुत जरूरी होती है। गेहूं की कटाई के बाद खेत की गहरी जुताई करें। इसके बाद 2 से 3 बार हल या रोटावेटर चलाकर मिट्टी को भुरभुरी बनाएं। खेत को समतल कर लें ताकि सिंचाई सही तरीके से हो सके और अच्छी पैदावार के लिए गोबर की सड़ी हुई खाद भी खेत में डालें। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
मक्का की उन्नत किस्में
अच्छी पैदावार के लिए किसानों को उन्नत किस्मों का चयन करना चाहिए। HQPM-1 उच्च गुणवत्ता और अच्छी पैदावार देने वाली किस्म है। HM-4 जल्दी पकने वाली और रोगों के प्रति सहनशील किस्म मानी जाती है। PMH-1 पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय किस्म है। PMH-10 अधिक उत्पादन देने वाली हाइब्रिड किस्म है। Pioneer-3396 किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है और अच्छी पैदावार देती है। Dekalb-9108 मजबूत पौधों और बेहतर दाने के लिए जानी जाती है। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
बीज की मात्रा और बुवाई
मक्का की बुवाई करते समय सही बीज की मात्रा और दूरी का ध्यान रखना जरूरी होता है। प्रति एकड़ लगभग 8 से 10 किलो बीज पर्याप्त होता है। कतार से कतार की दूरी लगभग 60 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी लगभग 20 से 25 सेमी रखनी चाहिए। बीज को लगभग 4 से 5 सेमी गहराई में बोना चाहिए। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
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खाद और उर्वरक प्रबंधन
मक्का की अच्छी पैदावार के लिए संतुलित उर्वरक का उपयोग जरूरी होता है। बुवाई से पहले गोबर की सड़ी हुई खाद खेत में डालें। इसके साथ नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग करें। आधी नाइट्रोजन बुवाई के समय और बाकी पौधों की बढ़वार के समय देना चाहिए। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
सिंचाई प्रबंधन
मक्का की फसल को सही समय पर सिंचाई देना बहुत जरूरी है। बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करें। इसके बाद पौधों की बढ़वार के समय, फूल आने के समय और दाना बनने के समय सिंचाई जरूर करनी चाहिए। खेत में पानी का जमाव नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे फसल को नुकसान हो सकता है। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
संभावित पैदावार और आय
अगर किसान सही तकनीक अपनाते हैं तो मक्का की खेती से अच्छी पैदावार मिल सकती है। सामान्य रूप से 20 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। अगर बाजार में मक्का की कीमत अच्छी मिलती है तो किसान कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet
निष्कर्ष
गेहूं की कटाई के बाद खेत खाली छोड़ने की बजाय अगर किसान मक्का की खेती करते हैं तो वे अपनी जमीन का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और कम समय में अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। सही किस्मों का चयन, समय पर बुवाई, संतुलित खाद और उचित सिंचाई से मक्का की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे गेहूं की कटाई के बाद खेत खाली न छोड़ें और मक्का की बुवाई करके कम समय में अच्छा मुनाफा कमाएं। Gehu Ki Ktai Ke Baad Khali Naa Chode Khet

