Udad Ki Kheti Kaise Kare: उड़द भारत में उगाई जाने वाली महत्वपूर्ण दलहनी फसलों में से एक है। इसका सेवन ‘दाल’ (साबुत) के रूप में किया जाता है। यह विशेष रूप से पोषक आहार के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह विशेष रूप से दुधारू पशुओ के लिए पोषक आहार के रूप में प्रयोग किया जाता है।
Udad Ki Kheti Kaise Kare

यह हरी खाद वाली फसल भी है, लाइसिन के उच्च मान उड़दबीन बनाते हैं। संतुलित मानव पोषण के मामले में चावल का उत्कृष्ट पूरक है। हमारे इस लेख में हम आपको उड़द की फसल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करने वाला Udad Ki Kheti Kaise Kare
Udad Ki Kheti Kaise Kare उड़द की खेती का सही समय
उड़द की खेती साल में मुख्यतः दो बार की जाती है:
- खरीफ फसल (मुख्य): जून – जुलाई (बरसात के साथ)
- जायद फसल: मार्च – अप्रैल (सिंचाई सुविधा होने पर)
खरीफ सीजन में उत्पादन और मुनाफा दोनों ज्यादा होता है। Udad Ki Kheti Kaise Kare
उपयुक्त मिट्टी और जलवायु
- हल्की से मध्यम दोमट या बलुई मिट्टी सबसे अच्छी
- pH मान: 6–7.5
- गर्म और हल्की बारिश वाली जलवायु उपयुक्त
पानी भराव (जलभराव) से फसल खराब हो सकती है, इसलिए निकासी जरूरी है। Udad Ki Kheti Kaise Kare
खेत की तैयारी
- 2–3 बार जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाएं
- अंतिम जुताई में गोबर की खाद (5–8 टन/एकड़) मिलाएं
- खेत समतल और खरपतवार मुक्त होना चाहिए Udad Ki Kheti Kaise Kare
बुवाई का समय और विधि
- खरीफ: खरीफ मौसम में बुवाई जून के अंत में मानसून के आगमन के साथ की जाती है या जुलाई की शुरुआत में ।
- रबी: दक्षिण के राज्यों में अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा या नवंबर का दूसरा पखवाड़ा भी उत्तम समय है।
- ग्रीष्म ऋतु: बुवाई फरवरी अप्रैल के तीसरे सप्ताह से प्रथम सप्ताह तक की जा सकती है। बुवाई 20-25 सें.मी. की दूरी पर करनी चाहिए। बीज की बुवाई के लिए ड्रिल का इस्तेमाल किया जा सकता है। Udad Ki Kheti Kaise Kare
और जाने –
बीज की मात्रा और बुवाई
- बीज दर: 8–10 किलो प्रति एकड़
- बुवाई की दूरी:
- लाइन से लाइन: 30 सेमी
- पौधे से पौधे: 10 सेमी
उन्नत किस्में:
- T-9
- PU-31
- LBG-752 Udad Ki Kheti Kaise Kare
सिंचाई प्रबंधन
- खरीफ में आमतौर पर बारिश पर निर्भर
- जरूरत पड़ने पर 1–2 सिंचाई पर्याप्त
- फूल और दाना बनने के समय नमी जरूरी Udad Ki Kheti Kaise Kare
खाद और उर्वरक
- नाइट्रोजन: 10–15 kg/एकड़
- फास्फोरस: 20–25 kg/एकड़
बीज को राइजोबियम कल्चर से उपचारित करें, इससे उत्पादन बढ़ता है। Udad Ki Kheti Kaise Kare
खरपतवार नियंत्रण
- 20–25 दिन बाद निराई-गुड़ाई करें
- जरूरत हो तो खरपतवारनाशी का उपयोग करें
कीट और रोग नियंत्रण
सामान्य समस्याएं:
- माहू (Aphids)
- पत्ती मोड़क कीट
- पीला मोजेक रोग
उपाय:
- समय पर दवा का छिड़काव
- रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन
- साफ-सफाई बनाए रखें Udad Ki Kheti Kaise Kare
फसल अवधि (कम समय में तैयार)
- उड़द की फसल 70–90 दिन में तैयार हो जाती है
यही कारण है कि यह कम समय में मुनाफा देने वाली फसल है।
उत्पादन और मुनाफा
- उत्पादन: 5–8 क्विंटल प्रति एकड़
- बाजार भाव: ₹6000–8000 प्रति क्विंटल
कुल आय: ₹30,000 – ₹60,000 प्रति एकड़
खर्च: ₹10,000 – ₹15,000 Udad Ki Kheti Kaise Kare
शुद्ध मुनाफा: ₹20,000 – ₹45,000 प्रति एकड़ (कम समय में)
तगड़ा मुनाफा पाने के टिप्स
- समय पर बुवाई करें (बारिश के साथ)
- उन्नत और प्रमाणित बीज का चयन करें
- बीज उपचार जरूर करें
- खेत में पानी जमा न होने दें
- मंडी के भाव पर नजर रखें Udad Ki Kheti Kaise Kare
निष्कर्ष
उड़द की खेती कम लागत, कम समय और अच्छे मुनाफे वाली फसल है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें तो यह उनकी आय बढ़ाने का एक बेहतरीन साधन बन सकती है।
सही तकनीक अपनाकर आप 3 महीने में अच्छी कमाई कर सकते हैं। Udad Ki Kheti Kaise Kare

