Barish Se Kheto Me Giri Fasal , Gehu Upaj 20% tChoupat Hone Ka Khtara.. Krishi Vegyaniko Ne Jatai Chinta बारिश से खेतों में गिरी फसल, गेहूं उपज 20% तक चौपट होने का खतरा.. कृषि वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

Barish Se Kheto Me Giri Fasal , Gehu Upaj 20% tChoupat Hone Ka Khtara.. Krishi Vegyaniko Ne Jatai Chinta बारिश से खेतों में गिरी फसल, गेहूं उपज 20% तक चौपट होने का खतरा.. कृषि वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

 Barish Se Kheto Me Giri Fasal रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि बारिश के बाद हवा चलने से गेहूं की फसल को नुकसान होगा. गेहूं की क्वालिटी में फर्क आएगा. 20 फीसदी तक उपज प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है.

बेमौसम बारिश के बाद तेज हवाओं से गेहूं फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में और रूहेलखंड के हिस्से में गेहूं को नुकसान पहुंचा है. कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि गेहूं उत्पादन पर 20 फीसदी तक बुरा असर पड़ सकता है. जबकि, पहले से नमी वाले क्षेत्रों में फसल को 30 % नुकसान होने की आशंका जताई गई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे कराने के निर्देश जारी किए हैं. Barish Se Kheto Me Giri Fasal

Barish Se Kheto Me Giri Fasal

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बीते सप्ताह बारिश के साथ गरज चमक दर्ज की गई है. इससे पकी खड़ी गेहूं फसल भीग गई है, जिससे दाने की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ने की चिंता सता रही है. वहीं, अब तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल खेत में गिर गई है. रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र में करीब डेढ़ एकड़ में खड़ी गेहूं की उन्नत किस्मों की फसल बारिश के बाद तेज हवा के चलते खेत में गिर गई है. Barish Se Kheto Me Giri Fasal

Barish Se Kheto Me Giri Fasal कृषि विज्ञान केंद्र की 1.5 एकड़ गेहूं फसल गिरी

रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉक्टर मयंक राय ने ‘किसान इंडिया’ को बताया कि उनके केंद्र की ओर से उन्नत किस्मों वाली गेहूं फसल की बुवाई की गई है. डॉक्टर मयंक कुमार राय ने बताया कि उनके यहां केंद्र पर बोई गई गेहूं की 1.5 एकड़ गेहूं की फसल बारिश के बाद हवा चलने की वजह से गिर गई है. उन्होंने कहा कि उनके केंद्र पर कई प्रजातियों का गेहूं बोया गया है, जिसमें एचडी 2967 में गिरने की संभावना ज्यादा देखी गई है. Barish Se Kheto Me Giri Fasal

दाने की क्वालिटी प्रभावित होने का खतरा

डॉक्टर मयंक कुमार राय ने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का गेहूं की फसल पर बुरा असर देखा जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. इस असमय बारिश और कहीं-कहीं तेज हवा के कारण फसल गिरने (लॉजिंग), दानों में नमी बढ़ने की समस्या देखी जा रही है, जिससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह बारिश फसल को बुरी तरह प्रभावित करेगी. फसल भीगने से दानों में नमी बढ़ जाती है तो सूखने में समय लगता है. इसके चलते दाना हल्का और कमजोर हो जाता है. Barish Se Kheto Me Giri Fasal

खरपतवार बढ़ने से फसल को दोहरी चोट

रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान में जो बारिश हुई है उसके बाद हवा चलने से गेहूं की फसल को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि गेहूं की क्वालिटी में फर्क आएगा. उन्होंने किसानों को नुकसान होने की चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अपनी फसल को बचाने के लिए खेत में पानी की निकासी के प्रबंध करने चाहिए. वहीं, उन्होंने गेहूं उत्पादन में कमी को लेकर भी चिंता जताई है. वहीं, उन्होंने कहा कि अचानक हुई बारिश से फसल में खरपतवार भी बढ़ गया है जो पौधों को और दाने को मजबूत होने में रुकावट बन सकता है. Barish Se Kheto Me Giri Fasal

20 फीसदी तक गेहूं फसल को नुकसान का खतरा

कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि बारिश और उसके बाद चल रही तेज हवाओं से गेहूं के गिरने का खतरा बढ़ गया है. मार्च महीने में जब गेहूं पककर लगभग तैयार है तब ये बारिश फसल के लिए बेहद घातक है. अनुमान है कि जिन इलाकों में बारिश और हवा चल रही है वहां 15 से 200 फीसदी तक फसल को नुकसान पहुंच सकता है. कहा गया है कि जिन खेतों में जल निकासी की व्यवस्था कमजोर रही है या निचले हिस्से वाले, जलभराव वाले खेतों में नुकसान का खतरा ज्यादा है. Barish Se Kheto Me Giri Fasal

किसानों के लिए प्रमुख खतरे

1. दाने काले पड़ना

अधिक नमी के कारण गेहूं के दाने काले या फीके हो सकते हैं।

2. अंकुरण शुरू होना

कटाई में देरी होने पर दाने बालियों में ही अंकुरित होने लगते हैं।

3. बाजार में कम दाम

खराब क्वालिटी के कारण मंडियों में गेहूं का भाव कम मिल सकता है। Barish Se Kheto Me Giri Fasal

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नुकसान कम करने के उपाय

कृषि वैज्ञानिको के अनुसार किसानो को नुकसान कम करने के लिए कुछ बातो का ध्यान रखने रखना जरुरी है

  • मौसम की जानकारी नियमित लें
  • मजबूत किस्मों का चयन करें
  • संतुलित खाद का उपयोग करें (अधिक नाइट्रोजन से फसल गिरने का खतरा बढ़ता है)
  • खेत में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर रखें Barish Se Kheto Me Giri Fasal

भविष्य के लिए क्या करें?

बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को:

  • जलवायु अनुकूल खेती अपनानी चाहिए
  • नई तकनीकों और उन्नत किस्मों का उपयोग करना चाहिए
  • फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहिए Barish Se Kheto Me Giri Fasal

क्या होगा किसानों पर आर्थिक असर?

यदि 20% तक फसल खराब होती है, तो:

  • उत्पादन घटेगा
  • आय में कमी आएगी
  • कर्ज का दबाव बढ़ सकता है

इसलिए समय रहते सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। Barish Se Kheto Me Giri Fasal

निष्कर्ष

बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिरना किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। लेकिन अगर किसान सही समय पर कटाई, जल निकासी और भंडारण के उपाय अपनाते हैं, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सतर्कता और सही जानकारी ही इस संकट से बचने का सबसे बड़ा उपाय है। Barish Se Kheto Me Giri Fasal

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