Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai? किसानों को चिंता सता रही है कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते होरमुज स्ट्रेट से समुद्री मार्ग बाधित है और इसके चलते खाड़ी देशों से आने वाली खाद आपूर्ति प्रभावित हुई है. नतीजे में खरीफ सीजन के लिए उन्हें खाद मिल पाना मुश्किल होगा. हालांकि, सरकार खूब स्टॉक होने की बात कह रही है. यहां खाद उत्पादन, जरूरत और मौजूदा स्टॉक के आंकड़े दिए जा रहे हैं…Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?

मध्य पूर्व में युद्ध के हालातों के चलते जरूरी वस्तुओं गैस, तेल और खाद की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल का भरपूर स्टॉक है. लेकिन, किसानों को आगामी खरीफ सीजन की बुवाई के लिए खाद स्टॉक को लेकर चिंता सता रही है. बीते दिन पीएम मोदी ने संसद में आश्वस्त किया कि किसान चिंता न करें देश में खाद का भरपूर स्टॉक है और अब केंद्रीय कृषि मंत्री ने भी खाद का भरपूर स्टॉक होने की बात कही है. ऐसे में जानते हैं कि देश में कितनी खाद की जरूरत है और कितना स्टॉक मौजूद है. सरकार ने भी खाद स्टॉक और उत्पादन संबंधी आंकडे़ जारी किए हैं. Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?
Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai? कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- देश में फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि आज सुबह मैंने रिव्यू मीटिंग की है किसानों को इसकी कमी नहीं होने दी जाएगी. संकट है पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर समाधान निकाला जाएगा, हम हर समस्या का समाधान करके रहेंगे. उन्होंने कहा कि किसान भाई-बहन आश्वस्त रहें. हमारे पास फर्टिलाइजर की पर्याप्त व्यवस्था है. खेती-बाड़ी में कोई दिक्कत नहीं आएगी. आगे बाकी व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम दिन और रात प्रयत्न कर रहे हैं. Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?
खाद सप्लाई और स्टॉक को लेकर क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बीते गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. सरकार ने खाद की पर्याप्त सप्लाई के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि किसानों पर किसी भी संकट का बोझ न पड़े. मैं देश के किसानों को फिर आश्वस्त करूंगा कि सरकार, हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है. Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?
खाद उत्पादन के सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग के अनुसार भारत ने उर्वरक उत्पादन में रिकॉर्ड बनाया है और स्वदेशी यूरिया उत्पादन क्षमता बढ़कर 283.74 लाख मीट्रिक टन सालाना पहुंच गई है. इसी तरह डीएपी का घरेलू उत्पादन 37.69 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया है. इसी तरह एनपीके खाद का उत्पादन 121.05 लाख मीट्रिक सालाना हो गया है और बीते साल की तुलना में 21 लाख मीट्रिक टन अधिक उत्पादन दर्ज किया गया है. वहीं, सिंगल सुपर फास्फेट खाद का उत्पादन बीते साल की तुलना में 8 लाख मीट्रिक टन बढ़कर 52.44 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है. Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?
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देश की खाद की मांग कितनी है और स्टॉक कितना है
केंद्रीय उर्वरक विभाग के अनुसार 18 मार्च 2026 तक देश में यूरिया का स्टॉक 439.87 लाख मीट्रिक टन मौजूद है. जबकि, यूरिया खाद की जरूरत किसान को 375.18 लाख मीट्रिक टन है. इस हिसाब से खपत की तुलना में स्टॉक में 65 लाख मीट्रिक टन यूरिया ज्यादा मौजूद है. डीएपी की बात करें तो इस खाद की मांग 109.39 लाख मीट्रिक टन है और स्टॉक में 120.41 लाख मीट्रिक टन मौजूद है. इस हिसाब से जरूरत से लगभग 11 लाख मीट्रिक टन खाद ज्यादा उपलब्ध है. इसी तरह एनपीकेएस खाद का स्टॉक 194.92 लाख मीट्रिक टन है, जबकि मांग इससे 40 लाख मीट्रिक टन कम है. इसी तरह एमओपी भी मांग के अनुरूप 3 लाख मीट्रिक टन अधिक स्टॉक में मौजूद है. Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?
खाद का भरपूर स्टॉक होने के बावजूद किसान संगठन और अन्नदाता परेशान क्यों है
किसानों को चिंता सता रही है कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते होरमुज स्ट्रेट से समुद्री मार्ग बाधित है. इसके चलते खाड़ी देशों से भारत आने वाली खाद का आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसके चलते किसान चिंतित हैं कि खरीफ सीजन में उन्हें खाद मिल पाना मुश्किल होगा. भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि हम रासायनिक खाद को लेकर आयात पर निर्भर हैं . खाड़ी देशों में युद्ध समुद्र में आवाजाही सामान्य न होने के कारण भारत में कृषि क्षेत्र में प्रभाव पड़ना निश्चित है. सरकार प्रभाव को कम करने का प्रयास कर सकती है, लेकिन रासायनिक खाद की कमी, कीटनाशकों की कीमतों में वृद्धि, कृषि निर्यात में गिरावट आदि समस्याओं का सामना किसानों को करना होगा. उन्होंने किसानों से जमाखोरी नहीं करने की अपील की है. Kya Khad Ka Koi Sankat Nhi Hai?

