Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare : आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ औषधीय और हाई-वैल्यू फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसी ही एक फायदेमंद औषधीय फसल है ईरानी अकरकरा. अकरकरा की खेती मुख्य रूप से औषधीय पौधे के रूप में की जाती है। इसके पौधे की जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने में किये जाता है। अकरकरा के इस्तेमाल से कई तरह की बिमारियों से छुटकारा मिलता है। आयुर्वेद में अकरकरा का प्रयोग लगभग 400 वर्षों से किया जा रहा है। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से मध्य भारत के राज्यों में की जाती है। जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल हैं। Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
अकरकरा का वानास्पतिक नाम Anacyclus pyrethrum (L.) Lag. (ऐनासाइक्लस पाइरेथम) Syn-Anacyclus officinarum Hayne होता है। अकरकरा Asteraceae (ऐस्टरेसी) कुल का होता है। अकरकरा को अंग्रेजी में Pellitory Root (पेल्लीटोरी रूट) कहते हैं।

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जलवायु और मिट्टी
अकरकरा की खेती के लिए मिट्टी का pH: 6–8 के बीच होना चाहिए . अकरकरा की खेती के लिए गर्म और शुष्क जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. अकरकरा की खेती के लिए दोमट मिट्टी (Loamy Soil) सबसे अच्छी रहती है. Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
खेत की तैयारी
अकरकरा की खेती करने से पूर्व हमें खेत की तैयारी करना महत्वपूर्ण है . इसके लिए सबसे पहले खेत की 2-4 बार अच्छी तरह से जुताई कर ले . ध्यान रहे खेत समतल और जल निकासी हो . अकरकरा की खेती के लिए किसी भी प्रकार का रासायनिक खाद का उपयोग नही किया जाता है गोबर से बना जैविक खाद सबसे उपयोगी और लाभदायक माना जाता है . Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
पौधे की तैयारी
अकरकरा के पौधे को बीज और पौधे दोनों रूप में उगाया जा सकता है। इसकी पौध भी बीज के माध्यम से ही नर्सरी में तैयार की जाती है। नर्सरी में पौधे तैयार करने के लिए जमीन में उगाने से पहले इसके बीजों को गोमूत्र और ट्राइकोडर्मा से उपचारित करना चाहिए। ताकि पौधों को शुरुआती बीमारियों से बचाया जा सके। बीजों को उपचारित कर एक माह पूर्व प्रो-ट्रे में बो दिया जाता है। बीज तैयार होने के बाद इन्हें उखाड़कर खेत में तैयार क्यारियों में लगा दिया जाता है। एक एकड़ की खेती के लिए 5 किलो बीज की जरूरत होती है, जो 4000 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिल जाता है। Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
बीज और बुवाई
अकरकरा की खेती बीज और पौध दोनों तरीकों से की जाती है। अकरकरा की खेती के लिए बीज दर लगभग 2–3 किलो प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है . बुवाई का कोई समय निश्चित नही होता है , यह बारह मासी फसल है . इसकी खेती के लिए पौधे से पौधे की दुरी लगभग 20-25 सेमी रखे . उपचारित बीज को खेत में रोपते समय मेड पर रोपित किया जाता है। इसके लिए मेड से मेड की दूरी एक फिट के आसपास होनी चाहिए। जबकि मेड़ पर इसके पौधों को 15 सेंटीमीटर की दूरी पर दोनों तरफ दो से तीन सेंटीमीटर की गहराई में लगाना चाहिए।
पौधे के रूप में इसके पौधों का रोपण भी खेत में ही किया जाता है। मेड़ पर इसके पौधे 15 से 20 सेंटीमीटर की दूरी पर जिग जैज तरीके से लगाना चाहिए। और पौधों की रोपाई के दौरान उन्हें चार से पांच सेंटीमीटर की गहराई पर लगाना चाहिए। शाम को पौधे को लगाना हमेशा अच्छा होता है। क्योंकि शाम के समय की गई रोपाई से पौधों का अंकुरण बेहतर होता है . इस पोधे की बुवाई के 20-25 दिनों के अंतराल के बाद फूल आने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है .
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रोग और उनकी रोकथाम
अकरकरा की खेती में अभी तक कोई विशेष रोग नहीं देखा गया है। लेकिन जलभराव के कारण इसके पौधों में सड़न रोग लग जाता है। जिससे इसकी उपज को काफी नुकसान होता है। इस कारण इसके पौधों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने दें। अकरकरा की खेती को हलकी सिचाई की आवश्यकता होती है . 10-15 दिन के अन्तराल में पोधे को पानी दे . Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
खरपतवार नियंत्रण
अकरकरा की खेती में शुरुआत में खरपतवार नियंत्रण बहुत जरूरी है। इसकी बुवाई के बाद 2-3 बार निराई गुड़ाई अवश्य करे . खरपतवार हटाने से उत्पादन बढ़ता है Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
अकरकरा का उपयोग क्या है?
मुख्य रूप से इस ओषधि का उपयोग दांतों और मसुडो से जुडी समस्या के लिए किया जाता है .ओषधि फसल होने के कारण समय के साथ इसकी माग बढती जा रही है . किसानो को कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है .

उत्पादन और बाज़ार भाव
1 हेक्टेयर से: 8–12 क्विंटल सूखी जड़ उत्पादन संभव है . और बाज़ार भाव के अनुसार देखे तो अकरकरा की कीमत ₹800 – ₹1500 प्रति किलो (गुणवत्ता पर निर्भर) करती है . अकरकरा की फसल से यदि शुद्ध मुनाफा देखे तो लगभग ₹7 लाख से ₹13 लाख प्रति हेक्टेयर तक मुनाफा कमाया जा सकता है . इस फसल को बीज के तोर पर बेच कर भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है साथ ही ओषधिय फसल होने के कारण मंडियों में इसका अच्छा भाव मिल जाता है . लगातार इसकी माग बढ़ने के कारण आने वाले समय में इस फसल से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है . Irani Akarkra Ki Kheti Kese Kare
अकरकरा की खेती के फायदे
- कम पानी में उगने वाली फसल
- उच्च बाजार मूल्य
- निर्यात की संभावना
- औषधीय उपयोग के कारण हमेशा मांग
