Kese Kare Mungfali Ki Kheti
Kese Kare Mungfali Ki Kheti गेहूं-चना कटने के बाद खाली पड़े खेत गर्मी में किसानों के लिए कमाई का शानदार मौका बन सकते हैं. कम समय में तैयार होने वाली मूंगफली की फसल कम पानी में अच्छी पैदावार देती है. खरीफ से पहले यह फसल खेत को फिर खाली कर देती है, जिससे एक ही जमीन से अतिरिक्त आय का रास्ता खुल जाता है. Kese Kare Mungfali Ki Kheti
गेहूं और चने की कटाई के बाद अक्सर किसानों के खेत कुछ समय के लिए खाली पड़े रह जाते हैं. कई किसान इस जमीन को अगली खरीफ फसल तक यूं ही छोड़ देते हैं, लेकिन यही खाली समय कमाई का बड़ा मौका बन सकता है. खेती विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल से जून के बीच गर्मी के मौसम में कम अवधि वाली मूंगफली की खेती किसानों के लिए शानदार विकल्प है. कम पानी, कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली यह फसल खेत को खाली भी नहीं रहने देती और खरीफ से पहले अतिरिक्त आय का रास्ता खोल देती है. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, सही किस्म, समय पर बुवाई और संतुलित सिंचाई अपनाकर किसान गर्मियों में भी बंपर मुनाफा कमा सकते हैं. Kese Kare Mungfali Ki Kheti

गर्मी में खाली खेत अब नहीं रहेंगे बेकार
अक्सर किसान गेहूं या सरसों की कटाई के बाद खेत को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन अब उसी समय का उपयोग कर मूंगफली की खेती करके अतिरिक्त आमदनी हासिल की जा सकती है।
अप्रैल में करें बुवाई, जल्दी तैयार होगी फसल
विशेषज्ञ के मुताबिक गर्मी की मूंगफली की बुवाई अप्रैल में शुरू कर देनी चाहिए. इस समय खेत की अच्छी तरह सफाई, जुताई और भुरभुरी मिट्टी तैयार करना जरूरी होता है. कम अवधि वाली उन्नत किस्में करीब 75 से 80 दिनों में तैयार हो जाती हैं, जबकि कुछ किस्में 105 से 110 दिन में पकती हैं. एक एकड़ में करीब 7 से 8 किलो बीज पर्याप्त माना जाता है. सही दूरी पर बुवाई करने से पौधों को फैलने की जगह मिलती है और दानों का विकास बेहतर होता है. समय पर बोई गई फसल जून-जुलाई से पहले तैयार हो जाती है, जिससे किसान अगली खरीफ फसल की तैयारी भी आसानी से कर सकते हैं. Kese Kare Mungfali Ki Kheti
कम पानी और सही खाद से बढ़ेगी पैदावार
गर्मी के मौसम में पानी सबसे बड़ी चुनौती होती है, लेकिन मूंगफली ऐसी फसल है जो सीमित पानी में भी अच्छा उत्पादन दे सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान और मिट्टी के अनुसार 4 से 5 सिंचाई काफी रहती है. हल्की रेतीली या दोमट मिट्टी, जहां पानी निकासी अच्छी हो, इसके लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है. खाद के रूप में देसी गोबर खाद और संतुलित मात्रा में डीएपी का उपयोग करने से फसल की बढ़वार तेज होती है. अगर किसान शुरुआती अवस्था में नमी बनाए रखें और फूल आने के समय पानी की कमी न होने दें, तो उत्पादन में बड़ा फर्क देखने को मिलता है. सही देखभाल से पैदावार 25 से 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है. Kese Kare Mungfali Ki Kheti
खरीफ से पहले खेत फिर होगा खाली, डबल कमाई का मौका
गर्मी की मूंगफली का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यह जल्दी तैयार हो जाती है. जून-जुलाई में खरीफ सीजन शुरू होने से पहले फसल की खुदाई हो जाती है और खेत फिर से अगली फसल के लिए तैयार हो जाता है. इसका मतलब है कि किसान एक ही जमीन से साल में एक अतिरिक्त फसल लेकर डबल कमाई कर सकता है. यानी जिस खेत को पहले खाली छोड़ दिया जाता था, वही अब कमाई का मजबूत जरिया बन सकता है. इससे जमीन का बेहतर उपयोग होता है और खेती की कुल आय बढ़ती है. छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह तरीका खास तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है. Kese Kare Mungfali Ki Kheti
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बाजार में हमेशा डिमांड, मिट्टी को भी मिलेगा फायदा
मूंगफली एक प्रमुख नकदी फसल है और इसकी बाजार में सालभर अच्छी मांग बनी रहती है. दाने, तेल और खली तीनों की जरूरत खाद्य और उद्योग में रहती है, इसलिए किसानों को इसका अच्छा भाव मिल जाता है. यही वजह है कि मक्का जैसी कई फसलों के मुकाबले यह ज्यादा लाभ देने वाली मानी जाती है. एक और बड़ा फायदा यह है कि मूंगफली मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करती है, जिससे खेत की उर्वरता बढ़ती है. अगली फसल को भी इसका सीधा फायदा मिलता है. यानी यह फसल सिर्फ तुरंत कमाई ही नहीं देती, बल्कि खेत की सेहत भी सुधारती है. Kese Kare Mungfali Ki Kheti
कितनी हो सकती है कमाई?
यदि किसान सही तकनीक अपनाते हैं, तो 1 बीघा में अच्छी पैदावार लेकर वे कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
यह फसल छोटे और मध्यम किसानों के लिए खासतौर पर फायदेमंद साबित हो रही है। Kese Kare Mungfali Ki Kheti
किसानों के लिए जरूरी सलाह
- प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें
- समय-समय पर सिंचाई करें
- खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान दें
- फसल कटाई सही समय पर करें

