Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉक्टर मयंक राय ने किसान इंडिया को बताया कि बारिश का गेहूं की फसल पर बुरा असर देखा जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. इस असमय बारिश और कहीं-कहीं तेज हवा से फसल गिरने, दानों में नमी बढ़ने की समस्या देखी जा रही है, जिससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों प्रभावित हुए हैं Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवा दर्ज की जा रही है. उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है. गेहूं किसानों को नुकसान होने की आशंका जताई गई है. कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि यह बारिश पकी खड़ी गेहूं फसल के लिए घातक है. गेहूं की क्वालिटी और उत्पादन में भारी गिरावट की चिंता जताई गई है.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, कानपुर, मेरठ और रामपुर समेत कई जिलों और मंडलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ मौसम केंद्र ने कहा है कि बागपत, बुलंदशहर, मथुरा, हापुड़ समेत प्रदेश के पश्चिमी जनपदों में आज 20 मार्च को हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और आसपास के इलाकों समेत पूर्वी जनपदों में भी तेज हवाएं चलने और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal असमय बारिश और तेज हवा गेहूं के लिए घातक
रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉक्टर मयंक राय ने किसान इंडिया’ को बताया कि बारिश का गेहूं की फसल पर बुरा असर देखा जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. इस असमय बारिश और कहीं-कहीं तेज हवा के कारण फसल गिरने (लॉजिंग), दानों में नमी बढ़ने की समस्या देखी जा रही है, जिससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि जो फसलें देरी से बोई गई हैं उनके लिए यह बारिश फायदा पहुंचाने वाली साबित होगी. Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
कृषि विज्ञान केंद्र की 1.5 एकड़ गेहूं फसल गिरी
डॉक्टर मयंक कुमार राय ने बताया कि उनके यहां केंद्र पर बोई गई गेहूं की 1.5 एकड़ गेहूं की फसल बारिश के बाद हवा चलने की वजह से गिर गई है. उन्होंने कहा कि उनके केंद्र पर कई प्रजातियों का गेहूं बोया गया है, जिसमें एचडी 2967 में गिरने की संभावना ज्यादा देखी गई है. उन्होंने कहा कि हालांकि, रामपुर जिले में इस किस्म के गेहूं की बुवाई कम की गई है. उन्होंने कहा कि यह बारिश फसल को बुरी तरह प्रभावित करेगी. फसल भीगने से दानों में नमी बढ़ जाती है तो सूखने में समय लगता है. इसके चलते दाना हल्का और कमजोर हो जाता है. Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
किन क्षेत्रों में ज्यादा असर?
इस मौसम का असर मुख्य गेहूं उत्पादक राज्यों में देखा जा रहा है:
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
इन इलाकों में फसल लगभग तैयार थी, इसलिए नुकसान का असर ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
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फसल को कैसे हुआ नुकसान?
बारिश और आंधी के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कई जगहों पर गिर गई है। इसके अलावा:
- लगातार नमी से दाने काले या सिकुड़े हुए हो सकते हैं
- कटाई में देरी होने से नुकसान और बढ़ सकता है
- खेतों में पानी भरने से जड़ें कमजोर हो जाती हैं
वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर जल्द धूप नहीं निकली तो नुकसान और ज्यादा बढ़ सकता है। Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
गेहूं की क्वालिटी खराब होने का खतरा गहराया
एग्रोनॉमी साइंटिस्ट डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि वर्तमान में जो बारिश हुई है उसके बाद हवा चलने से गेहूं की फसल को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि गेहूं की क्वालिटी में फर्क आएगा. उन्होंने किसानों को नुकसान होने की चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अपनी फसल को बचाने के लिए खेत में पानी की निकासी के प्रबंध करने चाहिए. वहीं, उन्होंने गेहूं उत्पादन में कमी को लेकर भी चिंता जताई है. Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
30 फीसदी तक गेहूं फसल को नुकसान का खतरा
कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि बीते दो दिनों में हुई बारिश और उसके बाद चल रही तेज हवाओं से गेहूं के गिरने का खतरा बढ़ गया है. मार्च महीने में जब गेहूं पककर लगभग तैयार है तब ये बारिश फसल के लिए बेहद घातक है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिन इलाकों में बारिश और हवा चल रही है वहां 10 फीसदी से 30 फीसदी तक फसल को नुकसान पहुंच सकता है. कहा गया है कि जिन खेतों में जल निकासी की व्यवस्था कमजोर रही है या निचले हिस्से वाले, जलभराव वाले खेतों में नुकसान का खतरा ज्यादा है. Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
वैज्ञानिकों की सलाह किसानों के लिए
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:
- मौसम साफ होते ही तुरंत कटाई शुरू करें
- गिरी हुई फसल को सावधानी से उठाकर काटें
- कटाई के बाद अनाज को अच्छी तरह सुखाएं
- भंडारण से पहले नमी की जांच करें
- फंगल संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal
सरकार और कृषि विभाग की भूमिका
स्थिति को देखते हुए सरकार और कृषि विभाग भी सक्रिय हो गए हैं:
- फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है
- किसानों को मुआवजा देने पर विचार
- बीमा क्लेम की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है
- कृषि विशेषज्ञों द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं Barish-Hawa Se Bigadi Gehu fasal

