चना फसल पर बढ़ा पाले का खतरा, किसानों के लिए बहुत कारगर है ये धुएं वाला उपाय… बस करें ये काम Chana fasal par bada paale ka khatra

चना फसल पर बढ़ा पाले का खतरा, किसानों के लिए बहुत कारगर है ये धुएं वाला उपाय… बस करें ये काम Chana fasal par bada paale ka khatra

Chana fasal par bada paale ka khatra: रबी सीजन में तापमान गिरते ही चना फसल पर पाले का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। खासतौर पर जनवरी–फरवरी के महीनों में जब रात का तापमान बहुत नीचे चला जाता है, तब चना जैसी फसलें पाले से सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। पाला पड़ने से फूल और फल झुलस जाते हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। ऐसे में किसानों के लिए एक पुराना लेकिन बेहद कारगर तरीका है—धुएं वाला उपाय, जिसे अपनाकर फसल को पाले से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

पाला क्या है और चना फसल को क्यों होता है नुकसान

पाला तब पड़ता है जब रात में तापमान शून्य के आसपास या उससे नीचे चला जाता है। इस स्थिति में फसल की पत्तियों और फूलों पर जमी ओस बर्फ में बदल जाती है, जिससे पौधों की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। चना फसल के फूल और नई फलियां पाले के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं। पाले के बाद पौधे मुरझा जाते हैं और पैदावार में 30–50 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है।

Chana fasal par bada paale ka khatra

पाले से बचाव में धुएं वाला उपाय क्यों असरदार है

धुएं वाला उपाय पाले से बचाव का एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका है। खेत में धुआं फैलने से वातावरण का तापमान अचानक नहीं गिरता। धुआं जमीन से निकलने वाली गर्मी को ऊपर जाने से रोकता है और खेत के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है। इससे पाले का सीधा असर फसल पर नहीं पड़ता और पौधे सुरक्षित रहते हैं।Chana fasal par bada paale ka khatra

धुएं वाला उपाय कैसे करें

पाले की आशंका वाले दिन शाम के समय खेत में सूखी घास, भूसा, पत्तियां, गोबर के उपले या फसल अवशेष छोटे-छोटे ढेर में रख दें। रात के अंतिम पहर यानी करीब 2 से 4 बजे के बीच जब तापमान सबसे कम होता है, तब इन ढेरों में हल्की आग लगाकर धुआं करें। ध्यान रखें कि आग की लपटें तेज न हों, सिर्फ धुआं निकलना चाहिए। पूरे खेत में धुआं फैलना जरूरी है, ताकि अधिकतम क्षेत्र को सुरक्षा मिल सके।

किन किसानों को यह उपाय जरूर अपनाना चाहिए

जिन क्षेत्रों में खुले और समतल खेत हैं तथा जहां ठंडी हवा तेजी से बहती है, वहां पाले का खतरा अधिक रहता है। ऐसे इलाकों में चना की फसल लगाने वाले किसानों के लिए धुएं वाला उपाय बेहद जरूरी है। खासतौर पर फूल और फल आने की अवस्था में इस उपाय से बड़ा नुकसान रोका जा सकता है।Chana fasal par bada paale ka khatra

अन्य जरूरी सावधानियां

धुएं वाले उपाय के साथ-साथ किसानों को कुछ और सावधानियां भी अपनानी चाहिए। खेत में हल्की सिंचाई करने से भी पाले का असर कम होता है क्योंकि गीली मिट्टी ज्यादा गर्मी संचित करती है। साथ ही, संतुलित पोषण देने से पौधों की सहनशक्ति बढ़ती है और वे ठंड को बेहतर तरीके से झेल पाते हैं।

Chana fasal par bada paale ka khatra
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लापरवाही पड़ सकती है भारी

अक्सर किसान पाले की चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें उत्पादन में भारी गिरावट के रूप में भुगतना पड़ता है। थोड़ी सी सतर्कता और सही समय पर धुएं वाला उपाय अपनाकर चना फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।

निष्कर्ष

चना फसल पर पाले का खतरा वास्तविक और गंभीर है, लेकिन सही समय पर सही उपाय अपनाकर इससे बचाव संभव है। धुएं वाला उपाय कम खर्च में किया जाने वाला, आसान और बेहद प्रभावी तरीका है। यदि किसान मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए इस उपाय को अपनाएं, तो चना फसल को पाले से सुरक्षित रखकर अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं।Chana fasal par bada paale ka khatra

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