छुट्टा पशुओं से फसल बचेगी और कमाई भी दोगुनी होगी, किसानों ने निकाला स्मार्ट तरीका Chutta pashuo se kese pay chuatkara

छुट्टा पशुओं से फसल बचेगी और कमाई भी दोगुनी होगी, किसानों ने निकाला स्मार्ट तरीका Chutta pashuo se kese pay chuatkara

Chutta pashuo se kese pay chuatkara: खेती में मेहनत के बावजूद अगर फसल ही सुरक्षित न रहे तो किसान की सारी कमाई पर पानी फिर जाता है। देश के कई राज्यों में छुट्टा पशु आज किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं। रातों-रात खेत में घुसकर फसलों को नष्ट कर देना, किसानों की आमदनी और मनोबल दोनों को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन अब किसानों ने एक ऐसा स्मार्ट और व्यावहारिक तरीका निकाल लिया है, जिससे न सिर्फ फसल सुरक्षित रह रही है बल्कि कमाई भी पहले से दोगुनी हो रही है।

क्यों गंभीर हो गई है छुट्टा पशुओं की समस्या

गांवों में पशुओं को खुला छोड़ देने की परंपरा और चारागाहों की कमी के कारण छुट्टा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये पशु गेहूं, सरसों, चना, सब्जियों और बागवानी फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। किसान रातभर पहरा देने को मजबूर हो जाते हैं, फिर भी नुकसान रुक नहीं पाता।

Chutta pashuo se kese pay chuatkaraFour calves in a field

स्मार्ट समाधान: फसल सुरक्षा और अतिरिक्त आय दोनों

अब कई प्रगतिशील किसान ऐसे उपाय अपना रहे हैं, जिनसे खेत की सुरक्षा के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई भी हो रही है। इन तरीकों में सबसे खास हैं – जैविक बाड़ (Bio Fencing), सोलर फेंसिंग और मेड़ पर लाभकारी फसलों की खेती। Chutta pashuo se kese pay chuatkara

जैविक बाड़ से मिलेगी स्थायी सुरक्षा

खेत की मेड़ पर कांटेदार और तेज़ बढ़ने वाले पौधे जैसे करौंदा, बबूल, अगावे और कैक्टस लगाने से छुट्टा पशु खेत में प्रवेश नहीं कर पाते। इन पौधों की खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद सालों तक सुरक्षा मिलती है। कई किसान करौंदा और बबूल से फल और लकड़ी बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा रहे हैं।

सोलर फेंसिंग: कम खर्च में बड़ा फायदा

सोलर फेंसिंग आज के समय में किसानों के लिए एक स्मार्ट तकनीक बनकर उभरी है। इसमें सोलर पैनल से चलने वाली हल्की करंट वाली तारें खेत के चारों ओर लगाई जाती हैं। इससे पशुओं को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें दूर रखा जा सकता है। सरकार की ओर से कई राज्यों में सोलर फेंसिंग पर अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे लागत और कम हो जाती है।

मेड़ पर उगाएं फायदेमंद फसलें

कुछ किसान खेत की मेड़ पर हरा धनिया, लेमनग्रास, गेंदा, एलोवेरा और सहजन जैसे पौधे लगा रहे हैं। इससे एक तरफ तो खेत की सीमा स्पष्ट रहती है और दूसरी ओर इन फसलों से नियमित आय भी होती है। कई मामलों में मेड़ की फसल से ही किसानों की आमदनी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। Chutta pashuo se kese pay chuatkara

कमाई कैसे हो रही है दोगुनी

जब फसल सुरक्षित रहती है तो उत्पादन में सीधा इजाफा होता है। पहले जहां 20 से 30 प्रतिशत फसल छुट्टा पशुओं के कारण नष्ट हो जाती थी, अब वही पूरी उपज बाजार तक पहुंच रही है। इसके साथ-साथ जैविक बाड़, मेड़ की फसल और सोलर फेंसिंग से होने वाली बचत व अतिरिक्त आय मिलकर किसानों की कुल कमाई को लगभग दोगुना कर रही है।

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किसानों के लिए जरूरी सलाह

छुट्टा पशुओं से बचाव के लिए किसी एक उपाय पर निर्भर न रहें। जैविक बाड़, मेड़ पर खेती और तकनीकी साधनों को मिलाकर अपनाएं। इससे फसल सुरक्षा भी मजबूत होगी और लंबे समय तक टिकाऊ मुनाफा भी मिलेगा।

निष्कर्ष

छुट्टा पशुओं की समस्या अब किसानों के लिए अभिशाप नहीं रही। सही योजना और स्मार्ट तरीकों को अपनाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और आमदनी में भी जबरदस्त बढ़ोतरी कर सकते हैं। यह मॉडल न सिर्फ नुकसान रोकता है, बल्कि खेती को ज्यादा लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाता है। Chutta pashuo se kese pay chuatkara

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