हरियाणा सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के तहत सरसों, चना, मसूर, मूंग और सूरजमुखी की खरीद की तारीखें घोषित कर दी हैं. किसानों को तय MSP पर फसल बेचने का मौका मिलेगा. खरीद प्रक्रिया PSS योजना के तहत होगी और एजेंसियों को सर्वाधिक 25 फीसदी तक खरीद अटल करने के निर्देश दिए गए हैं.
हरियाणा में तिलहन और दलहन की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है. सरकार ने तिलहन और दलहन की खरीदी के लिए तारीखों को घोषित कर दिया है. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के मुताबिक , रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 में प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी और मूंग की खरीद की के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मसूर की खरीद 20 मार्च से शुरू होगी और 30 अप्रैल तक चलेगी. जबकि, सरसों की खरीदी 28 मार्च से शुरू होकर 1 मई तक चलेगी. Hariyana me is din se shuru hogi sarso – masur ki khridi , jaane kin fasalo ka kitna hai khrid rate

इस दिन से शुरू होगी मसूर और मूंग की खरीदी
चना की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू हो जाएगी और 10 मई तक किसानों के पास उपज बेचने का मौका होगा. वहीं, मूंग 15 मई से 20 जून तक बेचने का मोका होगा और सूरजमुखी की खरीदी 1 जून से 30 जून तक की जाएगी. सरकार ने इन फसलों के MSP भी तय किए हैं. सरसों की खरीदी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चना 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी 7,721 रुपये प्रति क्विंटल और समर मूंग 8,768 रुपये प्रति क्विंटल की जाएगी. अधिकारियों को किसानों को MSP और खरीद प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही एजेंसियों को नियमों का पालन करते हुए PSS के तहत अधिकतम 25 फीसदी तक ही खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया है
वहीं, सरकार को आशा है कि समय पर खरीदी शुरू होने से दलहन और तिलहन किसानों को अच्छा मुनाफा होगा. उन्हें उनकी उपज का सही रेट मिल पाएगी . ऐसे में किसानों की कमाई में अच्छा मुनाफा होगा. इसके चलते हरियाणा में दलहन और तिलहन का रकबा बढ़ेगा.
फसल खरीदी की तारीखें
- मसूर- 20 मार्च से 30 अप्रैल
- सरसों- 28 मार्च से 1 मई
- चना- 1 अप्रैल से 10 मई
- मूंग- 15 मई से 20 जून
- सूरजमुखी- 1 जून से 30 जून
फसलों की खरीद कीमत (MSP)
- सरसों- 6,200 रुपये प्रति क्विंटल
- चना- 5,875 रुपये प्रति क्विंटल
- मसूर- 7,000 रुपये प्रति क्विंटल
- मूंग- 8,768 रुपये प्रति क्विंटल
- सूरजमुखी- 7,721 रुपये प्रति क्विंटल
2.67 लाख एकड़ में होती है दलहन की खेती
जानकारी के अनुसार बता दे की हरियाणा में दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इसके चलते हरियाणा में दलहन की खेती तेजी से बढ़ रही है. साल 2019-20 में लगभग 1.95 लाख एकड़ में दलहन की खेती होती थी, जो बढ़कर 2024-25 में करीब 2.67 लाख एकड़ तक पहुंच गई है. इनमें मूंग (करीब 1.47 लाख एकड़) और चना प्रमुख फसलें हैं. मुख्य रूप से दक्षिण हरियाणा के हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़ और नूंह जिलों में इसकी खेती ज्यादा हो रही है. किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति एकड़ 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता भी देती है. Hariyana me is din se shuru hogi sarso – masur ki khridi , jaane kin fasalo ka kitna hai khrid rate
सरसों की खेती का रकबा और उत्पादन दोनों ही उत्साहजनक
हरियाणा में 2025-26 के चलते सरसों की खेती का रकबा और उत्पादन दोनों ही उत्साहजनक हैं. अनुमान लगाया जा रहा है की इस साल राज्य में करीब 13.17 लाख मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन होगा, जो पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ोतरी को दर्शाता है. वहीं 2024-25 में सरकार ने 8.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक सरसों की खरीद की थी. इससे यह साफ है कि राज्य में सरसों की खेती और सरकारी खरीद दोनों लगातार मजबूत हो रही हैं. Hariyana me is din se shuru hogi sarso – masur ki khridi , jaane kin fasalo ka kitna hai khrid rate

