Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar , CCI Ne Kapas Ki Kimte Bdhai , Jaaniyw Kisano Ko Kitna Milega Fayda? कपास किसानों के लिए बड़ी खबर, CCI ने कपास की कीमतें बढ़ाईं, जानिए किसानों को कितना मिलेगा फायदा?

Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar , CCI Ne Kapas Ki Kimte Bdhai , Jaaniyw Kisano Ko Kitna Milega Fayda? कपास किसानों के लिए बड़ी खबर, CCI ने कपास की कीमतें बढ़ाईं, जानिए किसानों को कितना मिलेगा फायदा?

Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar देश के कपास किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने कहा है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक और घरेलू बाजार में मजबूत मांग को देखते हुए की गई है. वैश्विक स्तर पर कपास की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. कपास के वायदा सौदों में मार्च के पहले हफ्ते से अब तक भाव में लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है.Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

वैश्विक अस्थिरता के चलते कपास की मांग में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इसके चलते कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने सोमवार को 2025-26 की फसल के लिए फ्लोर प्राइस में 1,300 रुपये प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) ) की बढ़ोतरी की है. जबकि, पिछले सप्ताह भी कपास निगम ने 300 रुपये की बढ़ोत्तरी की थी. अब कीमतें एमएसपी के ऊपर चली गई हैं. हालांकि, ज्यादातर राज्यों में कपास की खरीद लगभग पूरी हो चुकी है. महाराष्ट्र में खरीद की तारीख को आगे बढ़ाया गया है और कुछ राज्यों में अभी भी खरीद सक्रिय है. ऐसे में कुछ संख्या में ही किसानों को इस बढ़ोत्तरी का लाभ मिल पाएगा. Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

क्या है CCI का नया फैसला?

CCI (Cotton Corporation of India) सरकार की एक एजेंसी है जो किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कपास खरीदती है।
हाल ही में CCI ने बाजार की स्थिति और मांग को देखते हुए कपास की कीमतों में बढ़ोतरी की है।

इसका सीधा मतलब है:

  • किसानों को अब पहले से ज्यादा दाम मिलेंगे
  • बाजार में कपास की कीमतों को स्थिरता मिलेगी

कपास निगम ने बढ़ाई कपास की कीमतें

भारत में स्पिनिंग मिलों और व्यापारियों की मांग बढ़ने से कपास की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है. घरेलू कीमतें वैश्विक बाजार के बढ़ते रुझान के अनुरूप चल रही हैं, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयात महंगा हो गया है. ऐसे में कपास की फ्लोर कीमतों को कपास निगम ने फिर से बढ़ा दिया है. ताजा फैसले में भारतीय कपास निगम ने सोमवार को 2025-26 की फसल के लिए फ्लोर प्राइस में 1,300 रुपये प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) ) की बढ़ोतरी की है. इस बढ़ोतरी को मिलाकर CCI ने मार्च की शुरुआत से अब तक 2025-26 की फसल के लिए कुल 3,200 रुपये प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) की कीमत बढ़ाई है. Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

और जाने –

किन किसानों को सबसे ज्यादा फायदा?

  • छोटे और मध्यम किसान
  • वे किसान जो CCI केंद्रों पर अपनी फसल बेचते हैं
  • वे क्षेत्र जहां बाजार कीमत MSP से नीचे चल रही थी

वायदा बाजार में कपास की कीमतों में 15 फीसदी उछाल

कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने कहा है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक कीमतों और घरेलू बाजार में मजबूत मांग को देखते हुए की गई है. वैश्विक स्तर पर कपास की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ICE बाजार में कपास के वायदा सौदों (futures) में मार्च के पहले हफ्ते से अब तक लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. मई डिलीवरी वाले कपास के वायदा सौदे 70.12 सेंट प्रति पाउंड के स्तर को पार कर गए, जबकि जुलाई डिलीवरी वाले सौदे 73.28 सेंट के आसपास बने रहे हैं. Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

आयात महंगा होने से मार्च में घरेलू बिक्री बढ़ी

देश में कपास का सबसे बड़ा भंडार रखने वाली संस्था कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CCI) के CCI के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ललित गुप्ता ने ‘बिजनेसलाइन’ को बताया कि कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक बाजार के रुझान को देखते हुए की गई है। कपास और सूत (yarn) की अच्छी मांग है. उन्होंने कहा कि हमने कुल 1.05 करोड़ गांठों की खरीद में से मार्च महीने में ही 170 किलोग्राम की 39 लाख गांठें बेचने में सफलता हासिल की है. यह इस बात का संकेत है कि बाज़ार में कपास की अच्छी मांग है. Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

Kapas Kisano Ke Liye Bdi Khbar

किसानों को बढ़ी कीमतों का फायदा कितना मिलेगा

कई राज्यों में खुले बाजार में कपास की कीमतें 8,900 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई हैं. जबकि, केंद्र सरकार ने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7,710 रुपये प्रति क्विंटल तय कर रखा है. ऐसे में कुछ किसानों को इन कीमतों का फायदा मिल सकता है. हालांकि, ज्यादातर कपास की सरकारी खरीद पूरी हो चुकी है. वहीं, महाराष्ट्र में खरीद की अंतिम तिथि को मार्च 2026 के अंत तक बढ़ाया गया है. वहीं, अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना में भी MSP संचालन सक्रिय हैं और कपास खरीद के लिए 550 केंद्र बनाए गए हैं. लेकिन, ज्यादातर हिस्सों में किसानों से उपज खरीद पूरी हो चुकी है.

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *