# Kheti Junction ## Posts - [Green Fodder Issue In Summer : गर्मियों में हरे चारे की कमी को दूर करेगा हे, अभी से ऐसे करें तैयारी](https://khetijunction.com/green-fodder-issue-in-summer-garmiyon-me-hare-chare-ki-samsya/): Green Fodder Issue In Summer : एक्सट्रा हरे चारे का हे बनाकर रखा जा सकता है. खास बात ये है कि सालभर में कई ऐसे मौके आते हैं जब हरे चारे की फसल काटी जाती है. हालांकि एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक उत्तर भारत में ‘हे’ तैयार करने का वक्त मार्च-अप्रैल में होता है. लेकिन अक्टूबर में भी कुछ फसलों से ‘हे’ तैयार किया जा सकता है. गर्मियां शुरू होते ही पशुपालकों की परेशानी बढ़ जाती है. वैसे तो गाय-भैंस पालने वालों को गर्मियों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसमे सबसे मुख्य है हरे चारे की […] - [फरवरी में टमाटर की फसल खतरे में, पत्तियों पर धब्बे दिखते ही करें इस घोल का छिडकाव February me tamatar ki fasal khatre me, pattiyo par dabbe dikhte hi kare is goal ka chidkaav.](https://khetijunction.com/february-me-tamatar-ki-fasal-khatre-me-pattiyo-par-dabbe-dikhte-hi-kare-is-goal-ka-chidkaav/): फरवरी के मौसम परिवर्तन ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड और साथ ही सुबह की नमी और कोहरा , ये सब मिलकर टमाटर की फसल में बीमारियों को तेजी से फैलने का मौका दे रहे हैं. खासकर झुलसा रोग इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है.जो टमाटर कि फसल को बहुँत ही ज्यादा नुकसान पंहुचा रहा हैं. टमाटर आज किसानों के लिए सिर्फ एक सब्जी नहीं हैं , बल्कि आमदनी का मजबूत सहारा है. रसोई से लेकर होटल तक इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. यही वजह है […] - [फरवरी की गर्मी ने बिगाड़ी फूलगोभी की हालत! ‘फजीनेस’ से किसान हुए परेशान, इस तरह बचाएं अपनी फसल February ki garmi ne bigadi fulgobhi ki halat! Fazines se kisan hue pareshan , is tarh bachaye apni fasal](https://khetijunction.com/february-ki-garmi-ne-bigadi-fulgobhi-ki-halat-fazines-se-kisan-hue-pareshan-is-tarh-bachaye-apni-fasal/): फरवरी की बढती गर्मी फूलगोभी की फसल को प्रभावित कर रही है . तापमान बढ़ने के कारण फसल में ‘फजीनेस’ की समस्या सामने आ रही है, जिससे फूल बिखर रहे हैं और बाजार में सही दाम नहीं मिल पा रहा. विशेषज्ञों के अनुसार , समय पर रोपाई और उचित फसल प्रबंधन से इस नुकसान से बचा जा सकता है. भारत के कई इलाको में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. कभी ठण्ड तो कभी अचानक से गर्मी का बढ़ना , इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर रबी फसलों पर पड़ रहा है. खासतौर पर फूलगोभी की खेती करने वाले […] - [किसानों के लिए वरदान अरंडी के पत्ते, कम खर्च में मिट्टी बने उपजाऊ और कीटों से मिले पूरी सुरक्षा Kisano ke liye vardaan arandi ke patte , kam khrch me mitti bane upjaau or kito se mile puri surksha](https://khetijunction.com/kisano-ke-liye-vardaan-arandi-ke-patte-kam-khrch-me-mitti-bane-upjaau-or-kito-se-mile-puri-surksha/):  अक्सर किसान अरंडी को सिर्फ तेल के लिए जानते हैं, लेकिन इसके पत्ते भी खेती के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं. अरंडी के पत्ते मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, नमी बनाए रखने और कीटों को दूर रखने में मदद करते हैं. आज के समय में खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. रासायनिक खाद और कीटनाशकों के दाम लगातार बढ़ने से किसानों पर बोझ बढ़ता जा रहा है. ऐसे में अगर खेत में ही कोई ऐसा प्राकृतिक साधन मिल जाए, जो मिट्टी को भी ताकत दे और कीटों से भी बचाए, तो यह किसी वरदान से कम नहीं […] - [फरवरी खत्म होने से पहले लगाएं अगेती सब्जियां, मार्च-अप्रैल में मिलेगा बढ़िया दाम और ज्यादा मुनाफा February khtm hone se pehle lgaye ageti sabjiya , march-april me milega badhiya daam or jyada munafa](https://khetijunction.com/february-khtm-hone-se-pehle-lgaye-ageti-sabjiya-march-april-me-milega-badhiya-daam-or-jyada-munafa/): अगर किसान इस समय सही योजना बनाकर अगेती सब्जियां उगाते हैं, तो मार्च और अप्रैल में उनकी फसल बाजार में सबसे पहले पहुंचती है. शुरुआती फसल होने की वजह से इन सब्जियों का दाम सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा मिलता है. फरवरी महीने के आखरी 15 दिनों का समय किसानों के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आता है. ठंड कम होने लगती है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है. यही समय गर्मी वाली सब्जियों की बुवाई के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. अगर किसान इस समय सही योजना बनाकर अगेती सब्जियां लगाते हैं, तो मार्च और अप्रैल में […] - [किसानों के पास अभी भी रखा है 25 % कपास, 27 फरवरी को बंद हो गई खरीदी तो कम हो जाएगा भाव,27 February ko band ho gai kapas ki kharidi to kam ho jayga bhav](https://khetijunction.com/27-february-ko-band-ho-gai-kapas-ki-kharidi-to-kam-ho-jayga-bhav/): 27 February ko band ho gai kapas ki kharidi to kam ho jayga bhav: निजी बाजार में घाटा देख किसानों ने CCI में पंजीकरण करवाया , जहां भाव 8,100 रुपये प्रति क्विंटल तय था. लेकिन नियमों और प्रक्रियात्मक समस्याओ के कारण कई किसानों को फिर निजी व्यापारियों को ही कपास बेचनी पड़ी. कई किसानों को स्लॉट बुक करने के बाद भी पुष्टि नहीं मिली है.और उनको भाव भी कम मिला | महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में करीब 25 % कपास अभी भी किसानों और व्यापारियों के पास पड़ी हुई है. 27 फरवरी के बाद अगर कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) खरीद […] - [Mandi ka bhav:500 रुपये क्विंटल तक पंहुचा प्याज का भाव , नाराज किसानों की APMC कार्यालय पर भूख हड़ताल.. की ये मांग 500 rupye kwintal tak pahucha pyaj ka bhav, naraz kisano ki APMC karyalay par bhukh hadtaal.. ki ye maang](https://khetijunction.com/500-rupye-kwintal-tak-pahucha-pyaj-ka-bhav-naraz-kisano-ki-apmc-karyalay-par-bhukh-hadtaal-ki-ye-maang/): नासिक में प्याज का भाव गिरकर 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जिससे किसान घाटे में जा रहे हैं. चांदवड APMC में किसानों ने प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की. वे 3000 रुपये MSP और 1500 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान की मांग कर रहे हैं. महाराष्ट्र के नासिक में प्याज की कीमतों में गिरावट आ गई है. प्याज का रेट गिरकर 500 रुपये क्विंटल पहुंच गया है. इससे किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं, नाराज किसानो ने जिले के चांदवड स्थित कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) के कार्यालय पर प्रदर्शन किया. किसानों का कहना है […] - [लेबनान ने सख्त किए कीटनाशक नियम, अटक सकती हैं भारतीय चावल की खेपें- सरकार ने दी चेतावनी Lebnan ne sakht kiye kitnaashk niyam, atak sakti hai bhartiy chawal ki khenpe - sarkar ne di chetavani](https://khetijunction.com/lebnan-ne-sakht-kiye-kitnaashk-niyam-atak-sakti-hai-bhartiy-chawal-ki-khenpe-sarkar-ne-di-chetavani/): पिछले कुछ महीनों में ऐसी खबरें आई हैं कि कुछ देशों में चावल की खेपें कीटनाशक अवशेष ज्यादा होने के कारण रोकी गईं. हालांकि लेबनान की ओर से आधिकारिक तौर पर सभी मामलों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारत सरकार ने पहले ही कदम उठा लिया है. भारतीय चावल निर्यातकों के लिए लेबनान का बाजार अब थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो गया है. सरकार ने सलाह दी है कि लेबनान को चावल भेजते समय खास सावधानी बरती जाए. कारण यह है की वहां की नई गुणवत्ता नीति. लेबनान ने अब आयातित चावल में कीटनाशक अवशेष की […] - [खेती पर 3446 करोड़ खर्च करेगा बिहार, गेहूं, मक्का-मखाना और धान उत्पादन बढ़ाने के साथ जैविक खेती पर जोर Kheti par 3446 Cr. khrch karega , gehu, makka-makhana or dhan utpadan badhane ke sath jaivik kheti par jor](https://khetijunction.com/kheti-par-3446-cr-khrch-karega-gehu-makka-makhana-or-dhan-utpadan-badhane-ke-sath-jaivik-kheti-par-jor/): कृषि मंत्री ने कहा है की मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को रासायनिक खाद के असर से बचाने के लिए सभी जिलो में कुल 50000 एकड़ जमीन पर दो साल तक क्लस्टर में प्राकृतिक खेती की जायेगी. इसके लिए 400 क्लस्टर बनाये जायेंगे, एक क्लस्टर में 125 किसान शामिल होंगे. बिहार विधान परिषद में कृषि विभाग का वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है . कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि विभागीय योजनाओं के लिए 3446.45 करोड़ रुपये की बजट मांग को सदन ने पारित किया. उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि विकास की […] - [पकने से पहले क्यों फटते हैं केले ?जाने इससे बचने के तरीके और वजह Pakhne se phale kyu fat jate hai kele, jane isse bachne k tarike or vajah](https://khetijunction.com/pakhne-se-phale-kyu-fat-jate-hai-kele/): Pakhne se phale kyu fat jate hai kele: फल फटने से केवल दिखावट ही खराब नहीं होती, बल्कि उसकी गुणवत्त भी घट जाती है. इसलिए फल जल्दी ख़राब होने लगते हैं और व्यापारी कम कीमत देते हैं. इसलिए इस समस्या को समझना और समय रहते उपाय करना बहुत जरूरी है. Pakhne se phale kyu fat jate hai kele केले की खेती भारत में लाखों किसानों की रोजी-रोटी है. यह एक नकदी फसल है, जो सही देखभाल के साथ अच्छा मुनाफा देती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है की जब फसल कटाई के करीब होती है, तब अचानक फल फटने […] - [फरवरी-मार्च में करें खरबूजे की बुवाई, जानें बेहतर उत्पादन के आसान तरीके february-march me kare kharbuje ki buvai, jaane behtar utpadan ke aasan tarike](https://khetijunction.com/february-march-me-kare-kharbuje-ki-buvai-jaane-behtar-utpadan-ke-aasan-tarike/): उत्तर भारत में खरबूजे की बुवाई का सबसे अच्छा समय फरवरी का मध्य माना जाता है. वहीं पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में नवंबर से जनवरी के बीच इसकी बुवाई की जाती है. खरबूजे की किस्म के अनुसार 3 से 4 मीटर चौड़ी क्यारियां तैयार करें. हर टीले पर दो बीज बोएं और टीलों के बीच लगभग 60 सेंटीमीटर की दूरी रखे गर्मियों का मौसम आते ही वह फल जो अपनी खुशबु से लोगो को अपनी और आकर्षित करता है वह है खरबूजा. रसीला, मीठा और ठंडक देने वाला यह फल सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद […] - [गेहूं कटाई के बाद किसान उड़द की इन 5 टॉप किस्मों की करें बुवाई, 75 दिन में तैयार हो जाएगी फसलGehu katai ke baad kisan udad ki in 5 top kismo ki kare buvai , 75 din me tayair ho jayegi fasal](https://khetijunction.com/gehu-katai-ke-baad-kisan-udad-ki-in-5-top-kismo-ki-kare-buvai-75-din-me-tayair-ho-jayegi-fasal/): उड़द की ऐसी कुछ खास उन्नत किस्में बहुत जल्दी तैयार हो जाती हैं और किसानों को अच्छा मुनाफा भी देती हैं. उड़द की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम पानी और कम देखभाल में तैयार हो जाती है. यह मिट्टी की उर्वरता  भी बढ़ाती है, जिससे अगली फसल की पैदावार भी अच्छी रहती है.  पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मार्च महीने के आखरी हफ्ते से गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी. इसके बाद खरीफ सीजन तक आधे से ज्यादा खेत खाली रहेंगे. लेकिन अगर किसान चाहें, तो गेहूं की कटाई करने के बाद उड़द […] - [ डेयरी बिजनेस में नुकसान का डर खत्म, इन देसी नस्ल की गायों से होगी पक्की कमाई! Dairy business me nuksan ka dar khtm, in desi nasal ki gaayo se hogi pakki kamai](https://khetijunction.com/dairy-business-me-nuksan-ka-dar-khtm-in-desi-nasal-ki-gaayo-se-hogi-pakki-kamai/): अगर आप दूध का कार्य शुरू करना चाहते हैं लेकिन ज्यादा खर्च और नुकसान से डरते हैं, तो कुछ खास देसी नस्ल की गायें आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं. ये गायें कम देखभाल में भी रोज अच्छा दूध देती हैं. बाजार में इनके दूध की मांग भी अच्छी रहती है. अगर आप दूध का काम शुरू करना चाहते हैं लेकिन ज्यादा खर्च और नुकसान का डर आपको पीछे खींच रहा है, तो अब चिंता छोड़ दीजिए. कुछ खास देसी नस्ल की गायें ऐसी हैं जो कम देखभाल और कम खुराक में भी अच्छा दूध देती हैं. यही वजह […] - [अरहर में दाना भरते ही करें ये जरूरी स्प्रे, दाने बनेंगे मोटे, चमकदार और वजनदार Arahar me daana bharte hi kare ye jaruri spre, daane banege mote , chamakdar or vajandaar](https://khetijunction.com/arahar-me-daana-bharte-hi-kare-ye-jaruri-spre-daane-banege-mote-chamakdar-or-vajandaar/): अरहर की फसल में दाना भरने का समय सबसे ख़ास होता है. इस दौरान सही उर्वरक, संतुलित नमी और कीट नियंत्रण जरूरी होता है. थोड़ी सी लापरवाही से भी दाने पिचके रह सकते हैं. अगर किसान समय पर स्प्रे और देखभाल करें, तो उपज में अच्छी बढ़ोतरी और बाजार में बेहतर कीमत मिल सकती है. अरहर की फसल जब फूल और फलियों से भरने लगती है, तभी असली परीक्षा शुरू होती है. यही वह समय है जो तय करता है कि खेत से औसत पैदावार मिलेगी या रिकॉर्ड उत्पादन. अगर इस समय पर सही पोषण और देखभाल मिल जाए, तो […] - [पूरी दुनिया में मशहूर है बीड का सीताफल, फरवरी-मार्च में होती है बुवाई.. इन देशों में है भारी डिमांड Puri duniya me mashur hai beed ka sitafal , february - march me hoti hai buvai .. in desho me hai bhari dimand](https://khetijunction.com/puri-duniya-me-mashur-hai-beed-ka-sitafal-february-march-me-hoti-hai-buvai-in-desho-me-hai-bhari-dimand/): सीताफल पथरीली, बंजर या कम उपजाऊ जमीन  पर भी उग सकते है, लेकिन बेहतर उत्पादन के लिए अच्छी जल-निकास वाली उपजाऊ और सामान्य pH वाली मिट्टी उपयोगी मानी जाती है. इसके पौधों की जड़ें ज्यादा गहरी नहीं होतीं, इसलिए बहुत गहरी मिट्टी जरूरी नहीं होती. जब भी महाराष्ट्र की बात होती है, तो लोगों के आँखों में सबसे पहले अंगूर और संतरे की तस्वीर उभरकर सामने आती है. लोगों को लगता है कि महाराष्ट्र में केवल इन्हीं दो फलों की खेती हुई है, लेकिन ऐसी बात नहीं है. महाराष्ट्र के बीड जिले में कस्टर्ड एप्पल यानी सीताफल की भी बड़े […] - [फरवरी-मार्च में करें करेले की खेती, सिर्फ 55-60 दिन में तैयार फसल और जबरदस्त मुनाफा February-march me kare karele ki kheti , 55-60 din me taiyar fasal or jabardast munafa](https://khetijunction.com/february-march-me-kare-karele-ki-kheti-55-60-din-me-taiyar-fasal-or-jabardast-munafa/): करेला एक ऐसी सब्जी है जिसकी मांग सालभर बनी रहती है. इसके कड़वे स्वाद के कारण भी लोग इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानते हैं.करेला डायबिटीज, पाचन और खून साफ करने जैसी कई खूबियों के कारण बाजार में इसकी खपत लगातार रहती है. आज के समय में किसान ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं, जिसमें लागत कम हो, मेहनत भी ज्यादा न लगे साथ ही बाजार में अच्छी कीमत भी मिल जाए. अगर आप भी ऐसी ही फसल की योजना बना रहे हैं, तो बसंत के मौसम यानी फरवरी और मार्च का समय आपके लिए खास हो सकता […] - [50 फीसदी सब्सिडी के साथ पॉलीहाउस खेती का सुनहरा मौका, 4000 वर्ग मीटर तक मिलेगी मदद ,50 fisdi subside ke sath polyhouse kheti ka sunhara mouka](https://khetijunction.com/50-fisdi-subside-ke-sath-polyhouse-kheti-ka-sunhara-mouka/): बदलते मौसम से फसल बचाने के सरंक्षित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. पॉली हाउस, शेडनेट हाउस और प्लास्टिक मल्चिंग पर मध्य प्रदेश सरकार 50% तक सब्सिडी दे रही है. तय दरों के अनुसार 4000 वर्ग मीटर तक मदद मिलेगी. किसान कम जोखिम में ज्यादा और बेहतर पैदावार ले सकते हैं आजकल मौसम का मिजाज किस पल बदल जाए, कोई भरोसा नहीं. कभी तेज बारिश हो रही है तो कभी ओले, कभी झुलसा देने वाली गर्मी-किसानों की मेहनत को पलभर में खराब कर देती है . ऐसे हालात में अब सुरक्षित या संरक्षित खेती किसानों के लिए नई उम्मीद […] - [गर्मी में 50 फीसदी तक घट सकता है मुर्रा भैंस का दूध, इतना लीटर पानी बेहद जरूरी , Garmi me 50 fisdi tak ghat sakta hai murra bhais ka dudh , itna liter paani behad jaruri](https://khetijunction.com/garmi-me-50-fisdi-tak-ghat-sakta-hai-murra-bhais-ka-dudh-itna-liter-paani-behad-jaruri/): गर्मी बढ़ते ही मुर्रा भैंस का दूध तेजी से कम हो जाता है. अगर सही आहार, हरा चारा और 60 से 80 लीटर पानी रोज न मिले तो उत्पादन आधा रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित दाना, मिनरल मिक्सचर और धूप से बचाव अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं. जैसे ही तापमान बढ़ता है, सबसे पहले असर मुर्रा भैंस के दूध पर पड़ता है . कई किसान बताते हैं कि तेज गर्मी में दूध अचानक कम हो जाता है. अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो 20 लीटर देने वाली भैंस भी आधे दूध […] - [पौधों में खाद डालते समय न करें ये गलतियां, वरना फायदे की जगह होगा नुकसान podho me khad dalte samay na kare ye galtiya , varna fayde ki jagah hoga nuksan](https://khetijunction.com/podho-me-khad-dalte-samay-na-kare-ye-galtiya-varna-fayde-ki-jagah-hoga-nuksan/): हर पौधे की जरूरत अलग-अलग होती है. कुछ पौधे ज्यादा पानी और नमी पसंद करते हैं, तो कुछ सूखी मिट्टी में बेहतर तरीके से बढ़ते हैं. उदाहरण के तौर पर, जिन पौधों को रोज पानी नहीं दिया जाता, उनमें कोकोपीट मिलाना अच्छा रहता है क्योंकि यह मिट्टी में नमी बनाए रखता है. घर की बालकनी हो या आंगन का छोटा सा बगीचा, हर कोई चाहता है कि उसके पौधे हरे-भरे और स्वस्थ दिखें. पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए खाद बहुत जरूरी होती है, क्योंकि यही उन्हें जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाता है, जड़ों […] - [फरवरी-मार्च में करें ककड़ी की बुवाई, जानें उन्नत किस्में और सही बुवाई का तरीका Fabruary-march me kare kakdi ki buwai,jane unnat kisme or sahi buwai ka tarika...](https://khetijunction.com/fabruary-march-me-kare-kakdi-ki-buwaijane-unnat-kisme-or-sahi-buwai-ka-tarika/): Fabruary-march me kare kakdi ki buwai,jane unnat kisme or sahi buwai ka tarika : ककड़ी की खेती एक कम समय में तैयार होने वाली मुनाफे की फसल है. बुवाई के लगभग 45 से 60 दिनों के अंदर फल मिलने लगते हैं. यदि किसान बाजार की मांग को ध्यान में रखकर सही समय पर फसल तैयार करें, तो उन्हें अच्छे दाम मिल सकते हैं. गर्मियों में इसकी मांग अधिक रहती है, जिससे मुनाफा बढ़ जाता है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजारों में ठंडी और ताजगी देने वाली सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. खीरा और ककड़ी ऐसी […] - [किसान का कमाल, एक ही खेत में उगा डाली 42 तरह की गेहूं की किस्में.. अब शुरू होगी कटाई Kisan ka kamaal , ek hi khet me ugaa dali 42 tarah ki gehu ki kisme... ab shuru hogi katai](https://khetijunction.com/kisan-ka-kamaal-ek-hi-khet-me-ugaa-dali-42-tarah-ki-gehu-ki-kisme-ab-shuru-hogi-katai/): सीनियर एग्रो साइंटिस्ट कुमार लामानी ने हडिमानी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वैज्ञानिक ऐसी फसलें विकसित करते हैं जिन्हें सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन ये पशुओ के चारे के लिए अच्छी नहीं होतीं. केवल सूखी भूमि की किस्में ही इंसानों और पशुओं दोनों के लिए बेहतर हैं.  कर्नाटक के हुब्बल्ली जिले के एक किसान ने कमाल कर दिया है. जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर स्थित मलाली गांव के किसान चंद्रप्पा हडिमानी ने अपने 30,000 वर्ग फीट के खेत में 42 तरह की गेहूं की किस्में उगाई हैं. उनका मकसद यह देखना है कि कौन सी […] - [मिर्च का भाव हुआ आज 89999 रुपये क्विंटल , जल्द ही एक लाख रुपये के पार पहुंचने की है उम्मीद, Mirch ka bhav huaa aaj 89999 rupay kwintal.](https://khetijunction.com/mirch-ka-bhav-huaa-aaj-89999-ruypay-kwintal/): बायडगी मिर्च का उपयोग नेल पॉलिश और अन्य कॉस्मेटिक उत्पादों में प्राकृतिक रंग के रूप में किया जाता है, इसलिए इसकी बढ़ती कीमतों का असर सौंदर्य उत्पादों पर भी पड़ रहा है. आमतौर पर मिर्च के दाम गुणवत्ता के अनुसार 35,000 से 50,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहते हैं, लेकिन इस बार कीमतें का रिकॉर्ड टूट रहा हैं . कर्नाटक में बायडगी मिर्च की कीमत 80,000 रुपये क्विंटल के पार पहुंच गई है. इससे किसानों की अच्छी कमाई हो रही है. लेकिन अन्नदाताओं को उम्मीद है कि मिर्च की कीमतों में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है. जल्द ही कीमतें […] - [गेहूं-चावल बुवाई रोटेशन में फिट होंगी नई गेहूं किस्में, कश्मीर के कृषि वैज्ञानिकों को 10 साल बाद मिली सफलता Gehu-chawal buvai roteshan me fit hogi nayi gehu kisme , kashmir ke krishi vegyaaniko ko 10 saal baad mili safalta](https://khetijunction.com/gehu-chawal-buvai-roteshan-me-fit-hogi-nayi-gehu-kisme-kashmir-ke-krishi-vegyaaniko-ko-10-saal-baad-mili-safalta/): कश्मीर के कृषि वैज्ञानिकों ने फसल चक्र की समस्या को दूर करने के लिए गेहूं की नयी किस्में बनाईं हैं. यह किस्में समय पर पककर तैयार होंगी, जिससे धान बुवाई में देरी का संकट दूर हो सकेगा. गेहूं की इन किस्मों को विकसित करने में कृषि वैज्ञानिकों को 10 साल लग गए. कश्मीर में मौसम बदलाव से गेहूं बुवाई और धान बुवाई चक्र अकसर टकराने से किसानों को एक फसल छोड़नी पड़ जाती है या फिर देरी से बुवाई करनी पड़ती थी. जिससे उन्हें लागत तो ज्यादा और कम उत्पादन का सामना करना पड़ता रहा है. इस समस्या को दूर […] - [बारिश से बर्बाद रबी फसलों का मुआवजा देने की घोषणा, 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगी राशि Barish se barbad rabee faslo ka muavza dene ki ghoshna , 32 hazar rupye prati hekteyar milegi rashi](https://khetijunction.com/barish-se-barbad-rabee-faslo-ka-muavza-dene-ki-ghoshna-32-hazar-rupye-prati-hekteyar-milegi-rashi/): राज्य के कृषि मंत्री ने कहा कि जिन-जिन जिलों में वर्षा और बर्फ बारी की घटनाएं सामने आई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कई जिलों में सर्वे कार्य लगभग पूरा हो गया है. किसानो को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और राज्य सरकार मुआवजा जारी करेगी. मध्य प्रदेश में बीते दो सप्ताह से मौसम खराब चल रहा है. जनवरी के आखिरी सप्ताह में बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इसके बाद भी रुक रुककर बूंदाबांद से फसलें खराब हुई हैं. इंदौर, भोपाल, […] - [जर्सी गाय से ज्यादा दूध चाहिए तो सिर्फ भूसा नहीं, ये पौष्टिक आहार जरूर दें jarsee gaay se jyada dudh chaiye to sirf bhusa nahi , ye poshtik aahar jarur de](https://khetijunction.com/jarsee-gaay-se-jyada-dudh-chaiye-to-sirf-bhusa-nahi-ye-poshtik-aahar-jarur-de/): जर्सी गाय से ज्यादा दूध पाने के लिए संतुलित आहार देना बेहद जरूरी है. सिर्फ भूसा और चारा काफी नहीं होता. इसके साथ प्रोटीन, दाना, हरा चारा और मिनरल का सही मात्रा में देने से दूध की मात्रा ज्यादा बढती है. सही फीड मैनेजमेंट से गाय स्वस्थ रहती है जिससे पशुपालक की कमाई भी बढ़ती है.  गाय पालन आज सिर्फ परंपरा नहीं रही कमाई करने का भी मजबूत जरिया बन चुका है. खासकर जर्सी नस्ल की गायें, जो कम समय में ज्यादा दूध देने के लिए जानी जाती हैं. लेकिन कई पशुपालक एक बड़ी गलती कर रहे है वे सोचते […] - [फरवरी है खीरा बोने का सही समय, गर्मियों में मिलेगा तगड़ा मुनाफा… बस इन बातों का रखें ध्यान February hai khira bone ka sahi samay , garmiyo me milega tagda munafa..](https://khetijunction.com/february-hai-khira-bone-ka-sahi-samay-garmiyo-me-milega-tagda-munafa/): फरवरी का महीना खीरे की अगेती खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है. इस समय ठंड कम हो चुकी होती है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जो खीरे के पौधों के विकास के लिए सही समय है. अगेती फसल होने के कारण बाजार में प्रतिस्पर्धा कम रहती है और किसानो को बेहतर भाव मिल सकता है.  भारत में खेती करने की तकनीकी तेजी से बदल रही है. किसान अब पुरानी फसलों के साथ-साथ ऐसी सब्जियों की खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं, जिनकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. उन्हीं में से एक है खीरा. गर्मियों के […] - [आलू किसानों के लिए 3 फॉर्मूले जो बढ़ा देंगे 20 फीसदी कमाई, जेब नहीं रहेगी खाली Aalu kisano k liye 3 formule jo bada denge 20 fisdi kamai](https://khetijunction.com/aalu-kisano-k-liye-3-formule-jo-bada-denge-20-fisdi-kamai/): Aalu kisano k liye 3 formule jo bada denge 20 fisdi kamai : आलू की खुदाई के बाद सही ग्रेडिंग करना किसानों के लिए फायदे का सौदा बन सकता है.और बड़े, मध्यम व छोटे आलू अलग-अलग बेचने से बेहतर दाम मिलते हैं. सड़े और खराब आलू हटाने से पूरी फसल सुरक्षित रहती है. इस आसान 3 फॉर्मूले से किसान अपनी कमाई में 15 से 20 % तक बढ़ोतरी कर सकते हैं.  खेत में आलू की खुदाई होते ही किसान के चेहरे पर खुशी आ जाती है, लेकिन असली परीक्षा तब शुरू होती है जब फसल मंडी तक पहुंचती है. मेहनत […] - [सिंगल बड सेट कटर मशीन को मिला 20 साल का पेटेंट, कम खर्च में गन्ना किसानों को होगा ज्यादा फायदा single bad set katar machine ko mila 20 saal ka petent , kam kahrch me ganna kisano ko hoga jyada fayda:](https://khetijunction.com/single-bad-set-katar-machine-ko-mila-20-saal-ka-petent/): नई तकनीक का फायदा सिर्फ लागत तक सीमित नहीं है. परीक्षण में पाया गया कि नर्सरी में 95% तक अंकुरण दर मिली, जबकि खेत की स्थिति में भी 90% तक सफल अंकुरण दर्ज किया गया. इसका मतलब है कि एक-एक पौधा मजबूत और समान रूप से बढेगा , जिससे गन्ने की पैदावार और भी बेहतर होगी. देश में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने गन्ने की खेती में उपयोग में ली जाने वाली “सिंगल बड सेट कटर” मशीन के लिए 20 साल का पेटेंट हासिल किया है. […] - [अरहर में माहू रोग का बढ़ा खतरा, 50 फीसदी तक कम हो सकती है पैदावार.. करें दवा का छिड़काव Arhar me mahu rog ka badha khtra , 50 fisadi tak kam ho sakti hai paidawar.. kare dawa ka chidkav](https://khetijunction.com/arhar-me-mahu-rog-ka-badha-khtra-50-fisadi-tak-kam-ho-sakti-hai-paidawar-kare-dawa-ka-chidkav/): Arhar me mahu rog ka badha khtra , 50 fisadi tak kam ho sakti hai paidawar.. kare dawa ka chidkav: अरहर की फसल आमतौर पर 6 से 8 महीने में पक जाती है. इसकी खास बात यह है कि बुवाई के बाद पूरी फसल अवधि में सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती और शुरुआत में केवल यूरिया खाद का इस्तेमाल किया जाता है. इसी वजह से यह कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है.  फरवरी महीने में औसत से ज्यादा तापमान और सुबह-शाम हल्की ठंड होने के कारण अरहर के फसल पर रोग लगाने की आशंका बढ़ गई […] - [राजस्थान में 6 डिग्री ज्यादा तापमान, गेहूं और सरसों पर मंडराने लगा खतरा.. एक्सपर्ट ने बताए बचाव के टिप्स Rajasthan me 6 digree jyada tapmaan ,gehu oe sarso par mandrane laga khatra ..](https://khetijunction.com/rajasthan-me-6-digree-jyada-tapmaan-gehu-oe-sarso-par-mandrane-laga-khatra/): Rajasthan me 6 digree jyada tapmaan ,gehu oe sarso par mandrane laga khatra : सिंचाई की कमी से किसानों पर दबाव बढ़ गया है. कृषि विभाग के अनुसार, तापमान कम करने का तत्काल उपाय सिर्फ सिंचाई है. श्री गंगानगर के कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त निदेशक सुरजीत बिश्नोई कहते हैं कि फसलों में पानी देने से तापमान कम किया जा सकता है, लेकिन कई किसान सिंचाई का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं.  राजस्थान के दो जिले हनुमानगढ़ और श्री गंगानगर में फरवरी के दूसरे हफ्ते में अचानक तापमान में बढ़ोतरी हो गई हैं जिससे किसानों की चिंता बढ़ […] - [वैज्ञानिकों की चेतावनी, अधिक तापमान से गेहूं के दाने का वजन हो सकता है कम.. खेत में छिड़कें पोटैशियम नाइट्रेट, Vegyaniko ki chetavani , adhik tapmaan se gehu k dane ka vajan ho sakata hai kam](https://khetijunction.com/vegyaniko-ki-chetavani-adhik-tapmaan-se-gehu-k-dane-ka-vajan-ho-sakata-hai-kam/): Vegyaniko ki chetavani , adhik tapmaan se gehu k dane ka vajan ho sakata hai kam: पंजाब में फरवरी के बढ़ते तापमान से गेहूं की फसल पर हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ चुका है. विशेषज्ञों ने हल्की सिंचाई और 2 फीसदी पोटैशियम नाइट्रेट के छिड़काव की सलाह दी है. 34.89 लाख हेक्टेयर में बोई गई फसल से 12.5 मिलियन टन उत्पादन की उम्मीद है.  पंजाब में इस वर्ष फरवरी में तापमान पिछले वर्ष के मुकाबले में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा बढ़ गया है. कृषि विशेषज्ञों ने पंजाब के किसानों को बताया है कि वे अपनी गेहूं की फसल […] - [रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कपास आयात, अप्रैल-जनवरी में 1.79 अरब डॉलर का आंकड़ा पार Record istar par pahucha kapas aayat.](https://khetijunction.com/record-istar-par-pahucha-kapas-aayat/): Record istar par pahucha kapas aayat:भारत में मुख्य रूप से ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और पश्चिम अफ्रीकी देशों से कपास आ रहा है. इन देशों की कपास की गुणवत्ता बेहतर मानी जा रही है , खासकर लंबी स्टेपल वाली कपास, जिसकी मांग स्पिनिंग मिलों में अधिक है. अच्छी गुणवत्ता के कारण भारतीय धागा और कपड़ा वैश्विक बाजार में बेहतर कीमत पा सकता है. भारत में पहले दस महीनों में कपास आयात ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. अप्रैल से जनवरी के बीच कच्चे कपास और कपास वेस्ट का आयात 1.79 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो अब तक का […] - [आम के फूलों की सही देखभाल से बढ़ेगी पैदावार, ऐसे बनाएं बाग को ज्यादा फलदार Aaam k phoolo ki sahi dekhbhal se badegi pedawaar.](https://khetijunction.com/aaam-k-phoolo-ki-sahi-dekhbhal-se-badegi-pedawaar/): Aaam k phoolo ki sahi dekhbhal se badegi pedawaar: जैसा की हम सब जानते हैं ,आम के पेड़ आमतौर पर 5 से 8 साल बाद अच्छी तरह फूल देना शुरू करते हैं. ज्यादातर जगहों पर दिसंबर से फरवरी के बीच पेड़ों पर फूल आते हैं. हल्की ठंड और साफ मौसम फूलों के लिए अच्छा माना जाता है. अगर ज्यादा बारिश हो जाए, पाला पड़ जाए या बहुत ज्यादा नमी हो, तो फूल झड़ सकते हैं.कब और कैसे आते हैं आम में फूल आम को फलों का राजा कहा जाता है. गर्मियों में हर घर में आम की खुशबू और स्वाद […] - [कृषि यंत्रों पर सरकार दे रही है 50 फीसदी तक सब्सिडी, आवेदन करते समय इन दस्तावेजों को रखें साथ Krishi yantro par sarkar de rahi 50% tak sabsidi](https://khetijunction.com/krishi-yantro-par-sarkar-de-rahi-50-tak-sabsidi/): Krishi yantro par sarkar de rahi 50% tak sabsidi: कृषि यंत्र सब्सिडी योजना राज्य सरकार द्वारा चलाई गई है, जिसके तहत स्वीकृत कृषि उपकरण  कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाते हैं और खर्च का बड़ा हिस्सा सरकार देती है. इससे खेती के काम समय पर पूरे होते हैं, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और लंबी अवधि में उत्पादन लागत कम होती है. Agricultural Equipment Subsidy: देश में खेती अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित हो रही है. खेती में मशीनों के इस्तेमाल से मजदूरी कम होती जा रही है , लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है. इसी […] - [सेम की खेती से बढ़ेगी आमदनी, सही तकनीक अपनाकर किसान कमा सकते हैं अच्छा मुनाफा Sam ki kheti se badegi aamdhani](https://khetijunction.com/sam-ki-kheti-se-badegi-aamdhani/): सेम में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह सेहत के लिए भी अधिक फायदेमंद मानी जाती है. खास बात यह है कि सेम मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करने की क्षमता पैदा करती है, जिससे जमीन की उर्वरता भी बढ़ती रहती है |  भारत सब्जी उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में से है और इसी में सेम की खेती भी किसानों के लिए तेजी से लोकप्रिय बनती जा रही है. सेम एक ऐसी फसल है जिसे सब्जी और दलहन दोनों रूप में देखा जाता […] - [अब तेज और सस्ती होगी ,कपास कि तुड़ाई :कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने लौंच किया नया हार्वेस्टर ,जानिए इसकी खासियत Ab tej or sasti hogi ,kapas ki tudai: krishi mantri shivraj singh ne lounch kiya naya harwester , janiye iski khasiyat](https://khetijunction.com/ab-tej-or-sasti-hogi-kapas-ki-tudai-krishi-mantri-shivraj-singh-ne-lounch-kiya-naya-harwester-janiye-iski-khasiyat/): Ab tej or sasti hogi ,kapas ki tudai: krishi mantri shivraj singh ne lounch kiya naya harwester , janiye iski khasiyat– केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज आईसीएआर- केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल के 51वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने यहां वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कपास हार्वेस्टिंग मशीन किसानों को समर्पित की। जिससे कपास हार्वेस्ट आसान होगा । इस दौरान श्री चौहान ने कहा कि अब तक कपास की तुड़ाई हाथों से की जाती थी जिसमें समय, मेहनत, लागत तीनों की भारी खपत होती थी। किसानों की कई वर्षों से मांग थी कि कपास की […] - [लहसुन बुवाई के हो गए हैं 80 दिन तो खेत में डालें ये खाद,बड़े-बड़े होंगे कंद, पैदावार से भर जाएगा घर Lahsun buwai k ho gaye hai 80 din to khat me dale ye khad](https://khetijunction.com/lahsun-buwai-k-ho-gaye-hai-80din-to-khat-me-dale-ye-khad/): Lahsun buwai k ho gaye hai 80din to khat me dale ye khad : लहसुन की खेती में 80–90 दिन की अवस्था बेहद अहम मानी जाती है। यही वह समय होता है जब पौधा पत्तियों से निकलकर कंद (Bulb) बनने की ओर बढ़ता है। अगर इस चरण पर सही खाद और पानी का प्रबंधन कर लिया जाए, तो कंद बड़े, भारी और चमकदार बनते हैं। थोड़ी सी चूक पैदावार को काफी हद तक घटा सकती है। 80 दिन की अवस्था क्यों है सबसे जरूरी? इस समय पौधे की ऊर्जा कंद भरने में लगती है। अगर पोषक तत्वों की कमी रही, […] - [31 जनवरी से पहले तरबूज की इन किस्मों की करें बुवाई, अप्रैल से कमाई शुरू,5 किलो तक का होगा फल April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai](https://khetijunction.com/april-se-kamai-suru-tarbuj-ki-in-kismo-ki-kare-buwai/): April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai : अगर किसान अप्रैल से ही बाजार में तरबूज बेचकर कमाई शुरू करना चाहते हैं, तो 31 जनवरी से पहले बुवाई करना सबसे सही समय माना जाता है। इस समय बोई गई फसल जल्दी तैयार होती है, बाजार में आवक कम रहती है और भाव ज्यादा मिलता है। सही किस्म और तकनीक अपनाने पर तरबूज का वजन 4–5 किलो या उससे ज्यादा भी आसानी से मिल सकता है। जल्दी बुवाई से क्यों होता है ज्यादा मुनाफा? जनवरी के अंत तक बोया गया तरबूज मार्च के आखिरी सप्ताह से फल […] - [खीरे की खेती से कमाना है मुनाफा?ये 4 किस्में किसानों को बना रही हैं मालामाल Kisan kare khire ki kheti ,hoga bada munafa](https://khetijunction.com/kisan-kare-khire-ki-kheti-hoga-bada-munafa/): Kisan kare khire ki kheti ,hoga bada munafa : खीरा एक ऐसी सब्जी है जिसकी मांग सालभर बनी रहती है। गर्मियों में तो इसकी खपत तेजी से बढ़ती ही है, साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और सलाद इंडस्ट्री में भी खीरे की अच्छी डिमांड रहती है। सही किस्म का चयन कर लिया जाए, तो खीरे की खेती से किसान कम समय में शानदार मुनाफा कमा सकते हैं। आज हम आपको ऐसी 4 किस्मों के बारे में बता रहे हैं, जो किसानों को मालामाल बना रही हैं। खीरे की खेती क्यों है फायदे का सौदा? खीरे की फसल 40–50 दिन में तुड़ाई […] - [कीचड़, पानी और खून-पसीना!खेत से प्लेट तक ऐसे पहुंचता है मखाना, पढ़ें इनसाइड स्टोरी Khat se plat tak kese aata hai makhana ,pade inside story](https://khetijunction.com/khat-se-plat-tak-kese-aata-hai-makhana-pade-inside-story/): Khat se plat tak kese aata hai makhana ,pade inside story: आज मखाना सेहतमंद सुपरफूड के रूप में देश-विदेश में पहचान बना चुका है, लेकिन इसे उगाने और हमारी थाली तक पहुंचाने की कहानी बेहद संघर्ष भरी है। कीचड़, गहरे पानी और दिन-रात की मेहनत से होकर गुजरता है मखाना, तब जाकर बाजार और प्लेट तक पहुंचता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि मखाना की खेती और प्रोसेसिंग किसानों के लिए कितनी चुनौतीपूर्ण होती है। मखाना क्या है और कहां होता है उत्पादन? मखाना को फॉक्स नट भी कहा जाता है। यह कमल जैसी एक जलीय फसल है, जिसकी […] - [फसल पर कीड़े-मकौड़ों का हमला?तो कीटनाशक नहीं, ये प्राकृतिक तरीके अपनाइए Fasal par kide makode ka hamla ,to ye upaay apnaiye](https://khetijunction.com/fasal-par-kide-makode-ka-hamla-to-ye-upaay-apnaiye/): Fasal par kide makode ka hamla ,to ye upaay apnaiye: खेती में कीड़े-मकौड़ों का हमला किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अक्सर किसान तुरंत केमिकल कीटनाशकों का सहारा लेते हैं, जिससे लागत बढ़ती है, मिट्टी की सेहत खराब होती है और फसल की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। लेकिन अगर समय रहते प्राकृतिक और जैविक तरीके अपनाए जाएं, तो बिना नुकसान के कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। केमिकल कीटनाशक क्यों बन रहे हैं नुकसानदेह? लगातार रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग से कीटों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है, जिससे दवाएं बेअसर होने लगती हैं। […] - [सर्दियों में पॉली हाउस बना सब्जियों की ढाल, सही प्रबंधन से बचेगी फसल और बढ़ेगा उत्पादन Sardiyo me poly house bana sabjiyo ki dhal,sahi prabandhan se bachegi fasal or badhega utpadhan](https://khetijunction.com/sardiyo-me-poly-house-bana-sabjiyo-ki-dhalsahi-prabandhan-se-bachegi-fasal-or-badhega-utpadhan/): Sardiyo me poly house bana sabjiyo ki dhal,sahi prabandhan se bachegi fasal or badhega utpadhan : सर्दियों के मौसम में पाला, ठंडी हवा और कम तापमान सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। खुले खेत में उगाई जाने वाली सब्जियां ठंड के कारण बढ़वार रोक देती हैं या खराब हो जाती हैं। ऐसे में पॉली हाउस खेती किसानों के लिए सब्जियों की एक मजबूत ढाल बनकर सामने आई है। सही प्रबंधन अपनाकर न सिर्फ फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता भी कई गुना बढ़ाई जा सकती है। सर्दियों में सब्जियों के लिए खतरा […] - [पीली, लाल और मुड़ी पत्तियां क्या कहती हैं?कपास किसान समय रहते समझ लें तो बचेगा बड़ा नुकसान Kapas kisan samay rhate samaj le ,to bachega bada nuksaan](https://khetijunction.com/kapas-kisan-samay-rhate-samaj-le-to-bachega-bada-nuksaan/): Kapas kisan samay rhate samaj le ,to bachega bada nuksaan : कपास की फसल में पत्तियां पौधे की सेहत का आईना होती हैं। अगर पत्तियां पीली पड़ रही हैं, लाल हो रही हैं या मुड़ने लगी हैं, तो यह सामान्य बात नहीं बल्कि किसी पोषक तत्व की कमी, रोग या कीट प्रकोप का संकेत हो सकता है। अगर किसान समय रहते इन लक्षणों को समझ लें और सही उपाय कर लें, तो फसल को होने वाले बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। कपास में पत्तियों का रंग और आकार क्यों बदलता है? कपास की फसल को संतुलित पोषण, सही […] - [प्याज बुवाई के समय हर किसान इन 8 बातों का रखें ध्यान, बढ़ जाएगी पैदावार.. कमाई में होगा इजाफा Pyaz buwai k samay har kisan in 8 baato ka rakhe dhyan,bad jaygi pedawaar](https://khetijunction.com/pyaz-buwai-k-samay-har-kisan-in-8-baato-ka-rakhe-dhyanbad-jaygi-pedawaar/): Pyaz buwai k samay har kisan in 8 baato ka rakhe dhyan,bad jaygi pedawaar : प्याज एक ऐसी नकदी फसल है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है। लेकिन अच्छी पैदावार और बेहतर भाव तभी मिलते हैं, जब बुवाई के समय सही तकनीक अपनाई जाए। अक्सर किसान छोटी-छोटी गलतियों के कारण उत्पादन कम पा जाते हैं। अगर बुवाई के समय नीचे बताई गई 8 जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो पैदावार बढ़ेगी और आमदनी में साफ इजाफा होगा। 1. सही किस्म का चयन करें प्याज की खेती में किस्म का चयन सबसे अहम है। रबी, खरीफ और लेट खरीफ […] - [गेहूं में बालियां आते ही करें ये खास उपाय, दाना होगा मोटा और पैदावार मिलेगी बंपर Gehu me baaliya aate hi kare ye khass upaay](https://khetijunction.com/gehu-me-baaliya-aate-hi-kare-ye-khass-upaay/): Gehu me baaliya aate hi kare ye khass upaay: गेहूं की फसल में बालियां निकलने का समय (Heading/Grain Filling Stage) सबसे अहम माना जाता है। इसी अवस्था में सही देखभाल और पोषण मिल जाए, तो दाना भरपूर, मोटा और चमकदार बनता है। अगर इस समय लापरवाही हो जाए, तो दाना सिकुड़ा रह जाता है और पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए बालियां आते ही कुछ खास उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। बालियां आने पर क्यों जरूरी है खास देखभाल? बालियां निकलते ही पौधा अपनी पूरी ऊर्जा दाने भरने में लगाता है। इस समय नमी, पोषक तत्व और मौसम का […] - [बाजरा की हाइब्रिड किस्म विकसित, अब सूखे में भी लहलहाएगी फसल,28 फीसदी अधिक होगी पैदावार Bajara ki hybrid kism vikshit,ab sukhe me bhi hogi fasal](https://khetijunction.com/bajara-ki-hybrid-kism-vikshitab-sukhe-me-bhi-hogi-fasal/): Bajara ki hybrid kism vikshit,ab sukhe me bhi hogi fasal : सूखे और कम बारिश वाले इलाकों के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। वैज्ञानिकों द्वारा बाजरा की नई हाइब्रिड किस्म विकसित की गई है, जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम है। इस किस्म की सबसे खास बात यह है कि पारंपरिक किस्मों की तुलना में इससे करीब 28 फीसदी अधिक उत्पादन मिलने की संभावना है। इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों की आय में बड़ा सुधार हो सकता है। क्यों जरूरी थी नई हाइब्रिड किस्म? बाजरा मुख्य रूप से शुष्क और […] - [छत पर बिना मिट्टी के उगाएं सब्जियां, कमाएं हर महीने ₹30,000 से ज्यादा,जानें कैसे!Chat par bina mitti k ugaay sabjiya](https://khetijunction.com/chat-par-bina-mitti-k-ugaay-sabjiya/): Chat par bina mitti k ugaay sabjiya : तेजी से बदलती खेती और बढ़ती शहरी आबादी के बीच हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग एक क्रांतिकारी तरीका बनकर उभरी है। इस तकनीक में मिट्टी के बिना, केवल पानी और पोषक घोल की मदद से सब्जियां उगाई जाती हैं। खास बात यह है कि इसे घर की छत, टेरेस या छोटे से कमरे में भी किया जा सकता है और सही प्लानिंग के साथ हर महीने ₹30,000 या उससे ज्यादा की कमाई संभव है। हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग क्या है? हाइड्रोपोनिक्स एक आधुनिक खेती प्रणाली है, जिसमें पौधों की जड़ें पोषक तत्वों से भरपूर पानी में रहती […] - [कम लागत में करनी है बंपर कमाई तो करें स्ट्रॉबेरी की इन किस्मों की खेती,विदेशों तक में है भारी डिमांड Kam lagat me karni hai bampar kamai to kare stroberi ki in kismo ki kheti](https://khetijunction.com/kam-lagat-me-karni-hai-bampar-kamai-to-kare-stroberi-ki-in-kismo-ki-kheti/): Kam lagat me karni hai bampar kamai to kare stroberi ki in kismo ki kheti : आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों से हटकर ऐसी खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें कम समय में ज्यादा मुनाफा मिले। इन्हीं फसलों में स्ट्रॉबेरी एक ऐसी फल फसल है, जिसने किसानों की आमदनी बढ़ाने में बड़ा रोल निभाया है। होटल, बेकरी, आइसक्रीम, जूस और दवाइयों में इस्तेमाल होने के कारण स्ट्रॉबेरी की मांग देश ही नहीं, विदेशों तक बनी रहती है। स्ट्रॉबेरी की खेती क्यों है फायदेमंद? स्ट्रॉबेरी की खेती कम अवधि की होती है और इसकी बाजार कीमत भी अच्छी […] - [सब्जी लगाइए और आमदनी बढ़ाइए!Sabji lagaiye or aamdani badaiye](https://khetijunction.com/sabji-lagaiye-or-aamdani-badaiye/): Sabji lagaiye or aamdani badaiye:आज के समय में खेती सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि कमाई का मजबूत जरिया बनती जा रही है। बदलते खानपान और बढ़ती मांग के कारण सब्जियों की खेती किसानों के लिए सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले विकल्पों में शामिल हो गई है। कम समय, कम जमीन और सही तकनीक के साथ सब्जी लगाकर किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं। सब्जी की खेती क्यों है फायदेमंद? सब्जियां ऐसी फसलें हैं जिनकी मांग सालभर बनी रहती है। शहरों, मंडियों, होटल और सब्जी बाजारों में रोज ताजा सब्जियों की जरूरत होती है। यही वजह है कि सब्जी की […] - [हर बीज की सही जगह तय करती है सीड ड्रिल मशीन, किसानों के लिए क्यों है जरूरी Har bij ki sahi jagah tay karti hai seed drill machine](https://khetijunction.com/har-bij-ki-sahi-jagah-tay-karti-hai-seed-drill-machine/): Har bij ki sahi jagah tay karti hai seed drill machine: खेती में अच्छी पैदावार का सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है सही तरीके से बुवाई। अगर बीज सही गहराई और सही दूरी पर न गिरे, तो महंगी खाद और मेहनत के बाद भी फसल कमजोर रह जाती है। इसी समस्या का समाधान है सीड ड्रिल मशीन, जो हर बीज की सही जगह तय करती है और खेती को ज्यादा वैज्ञानिक और मुनाफे वाला बनाती है। सीड ड्रिल मशीन क्या है? सीड ड्रिल मशीन एक आधुनिक कृषि यंत्र है, जिसकी मदद से बीज को समान दूरी, सही गहराई और […] - [धान के खेत में लगी गंभीर बीमारी! पौधों से नहीं निकल रही हैं बालियां.. किसान परेशान Dhan k khat me lagi gambhir bimari,podho se nhi nikal pa rahi baliya, kisan pareshan](https://khetijunction.com/dhan-k-khat-me-lagi-gambhir-bimaripodho-se-nhi-nikal-pa-rahi-baliya-kisan-pareshan/): Dhan k khat me lagi gambhir bimari,podho se nhi nikal pa rahi baliya, kisan pareshan : धान की फसल में बालियों का न निकलना किसानों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन जाता है। यह समस्या खासतौर पर बालियां निकलने की अवस्था (Booting Stage) पर दिखाई देती है, जब पौधे तो हरे-भरे नजर आते हैं लेकिन बालियां बाहर नहीं आतीं। समय रहते कारण और समाधान न अपनाए जाएं, तो पैदावार पर सीधा और भारी नुकसान होता है। धान में बालियां न निकलने के प्रमुख कारण धान के पौधों से बालियां न निकलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। […] - [केमिकल खाद की अब जरूरत नहीं.. गाय के गोबर से बनाएं घन जीवामृत, खेतों में होगी बंपर पैदावार! Chemical khad ki ab jarurat nahi..gaay k gobar se bnay khad](https://khetijunction.com/chemical-khad-ki-ab-jarurat-nahi-gaay-k-gobar-se-bnay-khad/): Chemical khad ki ab jarurat nahi..gaay k gobar se bnay khad : आज के समय में बढ़ती लागत और मिट्टी की सेहत बिगड़ने से किसान केमिकल खाद से दूरी बनाना चाहते हैं। ऐसे में घन जीवामृत एक सस्ता, प्राकृतिक और बेहद असरदार विकल्प बनकर सामने आया है। देसी गाय के गोबर से तैयार होने वाला घन जीवामृत मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है, फसल को पोषण देता है और उत्पादन में साफ बढ़ोतरी करता है। घन जीवामृत क्या है? घन जीवामृत एक ठोस जैविक खाद है, जिसे देसी गाय के गोबर, गोमूत्र और कुछ प्राकृतिक तत्वों से तैयार किया जाता है। […] - [खेतों में बढ़ती घास-झाड़ियों से परेशान हैं? तो ले आइए ये शानदार मशीन… छोटे किसानों के लिए भी फायदेमंद Kheto me badti gaas,jadiyo se pareshan he?to le aaiye ye shandaar machine](https://khetijunction.com/kheto-me-badti-gaasjadiyo-se-pareshan-heto-le-aaiye-ye-shandaar-machine/): Kheto me badti gaas,jadiyo se pareshan he?to le aaiye ye shandaar machine : खेती में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है खरपतवार यानी घास-झाड़ियों का तेजी से बढ़ना। ये घास फसल के पोषक तत्व, पानी और जगह छीन लेती हैं, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। पहले किसान हाथ से निराई-गुड़ाई करते थे, जिसमें समय, मेहनत और मजदूरी तीनों ज्यादा लगते थे। लेकिन अब इस समस्या का एक आधुनिक और किफायती समाधान सामने आ चुका है — ब्रश कटर / पावर वीडर मशीन। क्या है ये मशीन ब्रश कटर या पावर वीडर एक हल्की, पोर्टेबल कृषि मशीन है, […] - [हर साल मुनाफा देने वाला ये फल बना किसानों की पहली पसंद, कम मेहनत में होगा ज्यादा फायदा Har saal munafa dene wala ye fal bana kisano ki phali pasand](https://khetijunction.com/har-saal-munafa-dene-wala-ye-fal-bana-kisano-ki-phali-pasand/): Har saal munafa dene wala ye fal bana kisano ki phali pasand : किसानों के बीच अब ऐसी फसलों की मांग बढ़ रही है जो हर साल स्थिर आमदनी दें और जिनमें जोखिम कम हो। इन्हीं फसलों में नाशपाती तेजी से किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है। कम मेहनत, लंबा उत्पादन काल और बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण नाशपाती की खेती किसानों को हर साल मुनाफा दे रही है। नाशपाती की खेती क्यों है फायदेमंद नाशपाती एक बार लगाने के बाद कई वर्षों तक उत्पादन देती है। आमतौर पर पौधा तीसरे–चौथे साल से फल देना शुरू […] - [अब खेतों में खुद चलेंगे ट्रैक्टर, कम मेहनत में होगी ज्यादा पैदावार,किसानों के लिए आई नई कमाल की टेक्नोलॉजी Ab kheto me chalenge khud tractor, kam mehnat me hogi jyada pedawar](https://khetijunction.com/ab-kheto-me-chalenge-khud-tractor-kam-mehnat-me-hogi-jyada-pedawar/): Ab kheto me chalenge khud tractor, kam mehnat me hogi jyada pedawar : खेती अब तेजी से आधुनिक हो रही है। बदलते समय के साथ किसानों की मेहनत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए नई-नई तकनीकें आ रही हैं। अब खेती के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां खेतों में बिना ड्राइवर के खुद चलने वाले ट्रैक्टर काम करेंगे। इस नई तकनीक से किसानों की लागत घटेगी, समय बचेगा और पैदावार में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। क्या हैं खुद चलने वाले ट्रैक्टर? खुद चलने वाले ट्रैक्टर को ऑटोनॉमस या ड्राइवरलेस ट्रैक्टर कहा जाता है। ये […] - [जलवायु परिवर्तन: बदलते मौसम में करें इन सब्जियों की खेती Badalte mousam me kare in sabjiyo ki kheti](https://khetijunction.com/badalte-mousam-me-kare-in-sabjiyo-ki-kheti/): Badalte mousam me kare in sabjiyo ki kheti : जलवायु परिवर्तन का असर अब खेती पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी अचानक तेज बारिश, तो कभी लंबा सूखा और कभी असामान्य ठंड या गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी हो गया है कि वे बदलते मौसम के अनुसार ऐसी सब्जियों की खेती करें जो जलवायु परिवर्तन को सहन कर सकें और कम जोखिम में अच्छा मुनाफा दें। जलवायु परिवर्तन खेती के लिए क्यों बन रहा है चुनौती? मौसम में हो रहे बदलाव से तापमान का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर […] - [जनवरी की ठंड में गेहूं, चना और सरसों को पाले से कैसे बचाएं Januray ki thand me fasal ko thand or pale se kese bachay](https://khetijunction.com/januray-ki-thand-me-fasal-ko-thand-or-pale-se-kese-bachay/): Januray ki thand me fasal ko thand or pale se kese bachay: जनवरी का महीना रबी फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस समय उत्तर भारत सहित कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और पाले (Frost) का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय पर बचाव न किया जाए तो गेहूं, चना और सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, जिससे उत्पादन और किसानों की आय दोनों प्रभावित होती हैं। इसलिए जरूरी है कि किसान पाले से बचाव के सही उपाय अपनाएं। पाला क्या है और फसलों को कैसे नुकसान पहुंचाता है? जब तापमान 0 डिग्री सेल्सियस या […] - [फूलों की खेती दे रही किसानों को बड़ा मुनाफा Fulo ki kheti de rahi kisano ko bada munafa](https://khetijunction.com/fulo-ki-kheti-de-rahi-kisano-ko-bada-munafa/): Fulo ki kheti de rahi kisano ko bada munafa: आज के समय में खेती केवल अनाज तक सीमित नहीं रह गई है। बदलते बाजार और बढ़ती मांग के कारण फूलों की खेती (Floriculture Farming) किसानों के लिए एक बेहद लाभदायक व्यवसाय बनती जा रही है। कम जमीन, कम समय और सही तकनीक के साथ फूलों की खेती करके किसान लाखों रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। क्यों फायदे की खेती है फूलों की खेती? फूलों की मांग साल भर बनी रहती है। शादी-विवाह, त्योहार, पूजा-पाठ, होटल, इवेंट मैनेजमेंट और दवाइयों तक में फूलों का इस्तेमाल होता है। यही वजह […] - [गेहूं में आ रही हैं बालियां तो खेत में जिंक सल्फेट के साथ डालें यूरिया का घोल,सही तरीके से छिड़काव करें, दाने होंगे बड़े, चमकदार और वजनदार Gehu me aa rahi baliya to khet me zinc salfet k sath dale yuriya ka goal](https://khetijunction.com/gehu-me-aa-rahi-baliya-to-khet-me-zinc-salfet-k-sath-dale-yuriya-ka-goal/): Gehu me aa rahi baliya to khet me zinc salfet k sath dale yuriya ka goal: गेहूं की फसल में जब बालियां निकलने लगती हैं, तब दानों का आकार, वजन और चमक तय होती है। इस समय अगर पौधे को जरूरी पोषक तत्व सही मात्रा में मिल जाएं, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में साफ फर्क दिखता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक सल्फेट के साथ यूरिया का फोलियर स्प्रे इस अवस्था में बहुत असरदार साबित होता है और दाने भराव मजबूत करता है। बालियां निकलते समय पोषण क्यों जरूरी बालियां निकलने के बाद पौधा अपनी पूरी ऊर्जा दाने भरने में […] - [अनाज से हटकर फल-सब्जियों की ओर बढ़ रहे किसान,खेती में दिख रहा बड़ा बदलाव, बढ़ती कमाई बना रही वजह Anaaj se hatkar fal sabjiyo ki or bad rahe kisan,kheti me dikh rhaha bada badlaav](https://khetijunction.com/anaaj-se-hatkar-fal-sabjiyo-ki-or-bad-rahe-kisankheti-me-dikh-rhaha-bada-badlaav/): Anaaj se hatkar fal sabjiyo ki or bad rahe kisan,kheti me dikh rhaha bada badlaav : देश की खेती में धीरे-धीरे एक बड़ा बदलाव साफ नजर आने लगा है। परंपरागत अनाज की खेती छोड़कर अब बड़ी संख्या में किसान फल और सब्जियों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कम जमीन में ज्यादा मुनाफा, बाजार में लगातार मांग और नकद आमदनी। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव आने वाले समय में भारतीय खेती की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। क्यों बदल रहा है किसानों का रुझान अनाज की खेती में लागत […] - [खेतों में खिले प्याज के फूल, लेकिन गायब हैं मधुमक्खियां—जानिए किसान क्या करें Kheto me khile pyaz k ful, lekin gayab hai madhumakhiya,janiye kisan kya kare](https://khetijunction.com/kheto-me-khile-pyaz-k-ful-lekin-gayab-hai-madhumakhiyajaniye-kisan-kya-kare/): Kheto me khile pyaz k ful, lekin gayab hai madhumakhiya,janiye kisan kya kare : रबी सीजन में जब प्याज के खेतों में फूल खिलते हैं, तो अच्छी बीज बनावट और उत्पादन की उम्मीद बढ़ जाती है। लेकिन कई इलाकों में किसान देख रहे हैं कि फूल तो खूब हैं, मधुमक्खियां नजर नहीं आ रहीं। इसका सीधा असर परागण पर पड़ता है, जिससे बीज बनना कम होता है और पैदावार घटने का खतरा रहता है। ऐसे में समय रहते सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। मधुमक्खियां क्यों हैं जरूरी प्याज की फसल में पर-परागण प्रमुख भूमिका निभाता है। मधुमक्खियां फूलों से […] - [प्याज-लहसुन की फसल पर कीट-रोगों का हमला! समय रहते अपनाएं बचाव के ये उपाय, नहीं तो पूरी फसल होगी बर्बाद Pyaz-lahsun par kit-rogo ka hamla,samay rhate apnay bachav k ye uapy](https://khetijunction.com/pyaz-lahsun-par-kit-rogo-ka-hamlasamay-rhate-apnay-bachav-k-ye-uapy/): Pyaz-lahsun par kit-rogo ka hamla,samay rhate apnay bachav k ye uapy : प्याज और लहसुन रबी सीजन की प्रमुख नकदी फसलें हैं, जिनसे किसानों को अच्छी आमदनी होती है। लेकिन जरा-सी लापरवाही पूरी फसल को बर्बाद कर सकती है। इस समय मौसम में उतार-चढ़ाव, नमी और तापमान के कारण कीट और रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अगर सही समय पर पहचान और बचाव नहीं किया गया, तो उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता भी बुरी तरह प्रभावित होती है। प्याज-लहसुन में कीट-रोग क्यों तेजी से फैलते हैं इन फसलों की जड़ और पत्तियां कोमल होती हैं, जिस कारण कीट […] - [बाजार के महंगे चने भूल जाएं, किचन गार्डन में खुद उगाएं पौष्टिक चना… जानिए पूरी प्रक्रिया Bajar k mahnege chnae bhil jay,kitchen garden me ugaay postik chana](https://khetijunction.com/bajar-k-mahnege-chnae-bhil-jaykitchen-garden-me-ugaay-postik-chana/): Bajar k mahnege chnae bhil jay,kitchen garden me ugaay postik chana : आज के समय में चना (चना दाल और साबुत चना) हर घर की जरूरत है, लेकिन बाजार में इसके बढ़ते दाम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे में अच्छी खबर यह है कि आप अपने किचन गार्डन या घर के आंगन में ही आसानी से पौष्टिक चना उगा सकते हैं। सही तरीके और थोड़ी सी देखभाल से घर पर उगा चना न केवल सस्ता पड़ेगा, बल्कि पूरी तरह शुद्ध और सेहतमंद भी होगा। चना उगाने के लिए सही मौसम क्यों है जरूरी चना ठंडी जलवायु […] - [गेहूं में कल्ले की संख्या बढ़ाने का धांसू फॉर्मूला,चूना पानी के साथ इस चीज का करें छिड़काव, फिर देखें कमाल Gehu me kalle badhane ka dhashu tarika](https://khetijunction.com/gehu-me-kalle-badhane-ka-dhashu-tarika/): Gehu me kalle badhane ka dhashu tarika : गेहूं की खेती में कल्लों (Tillers) की संख्या जितनी ज्यादा होती है, उतनी ही पैदावार बढ़ती है। कई बार किसान अच्छी किस्म और सही खाद देने के बावजूद कल्ले कम आने की समस्या से जूझते हैं। इसका मुख्य कारण पोषक तत्वों का सही समय पर पौधे तक न पहुंच पाना और ठंड के कारण बढ़वार का रुक जाना होता है। अगर सही समय पर चूना पानी के साथ खास चीज का छिड़काव कर दिया जाए, तो कल्ले तेजी से बढ़ते हैं और फसल मजबूत बनती है। गेहूं में कल्ले कम क्यों बनते […] - [खेत नहीं, छत पर उगाएं आलू! इस किस्म से घर बैठे होगी बंपर पैदावार, जानें मिट्टी से देखभाल तक का पूरा प्रोसेस Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu](https://khetijunction.com/khet-pr-nahi-ghar-ki-chat-pr-ugay-aalu/): Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu : आज के समय में जब जमीन की कमी और खेती की लागत बढ़ती जा रही है, तब छत पर सब्जी उगाना एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। खास बात यह है कि अब किसान ही नहीं, बल्कि शहरों में रहने वाले लोग भी छत (टेरिस/रूफटॉप) पर आलू की खेती करके अच्छी पैदावार ले रहे हैं। सही किस्म, सही मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल से घर बैठे ताजा और भरपूर आलू उगाए जा सकते हैं। छत पर आलू उगाने के फायदे छत पर आलू उगाने से न तो बड़ी जमीन की […] - [पशु के पेट में फंसी पॉलीथिन बन सकती है जानलेवा, समय रहते पहचानें खतरे के संकेत Pashu k pet me fashi polythin ban sakti hai jaanleva](https://khetijunction.com/pashu-k-pet-me-fashi-polythin-ban-sakti-hai-jaanleva/): Pashu k pet me fashi polythin ban sakti hai jaanleva: ग्रामीण और शहरी इलाकों में खुले में फेंकी जा रही पॉलीथिन पशुओं के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। गाय, भैंस और अन्य पालतू पशु अक्सर चारे के साथ गलती से पॉलीथिन निगल लेते हैं। यह पॉलीथिन धीरे-धीरे पेट में जमा होकर गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है, यहां तक कि समय पर इलाज न मिलने पर पशु की जान भी जा सकती है। इसलिए पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वे इसके खतरे को समझें और शुरुआती लक्षणों की पहचान करें। पशु के पेट में कैसे पहुंचती है […] - [गेहूं की खेती: किसानों के लिए सुनहरा मौका, वैज्ञानिक तरीके से करें गेहूं की खेती, होगा दोगुना मुनाफा! Vegyanik tarike se kare gehu ki kheti ,hoga 2 guna munafa](https://khetijunction.com/vegyanik-tarike-se-kare-gehu-ki-kheti-hoga-2-guna-munafa/): Vegyanik tarike se kare gehu ki kheti ,hoga 2 guna munafa: भारत में गेहूं प्रमुख रबी फसल है और किसानों की आय का बड़ा आधार भी। लेकिन बदलते मौसम, बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के दौर में पारंपरिक तरीके से गेहूं की खेती करना अब उतना फायदेमंद नहीं रहा। अगर किसान गेहूं की खेती वैज्ञानिक तरीके से करें, तो न सिर्फ उत्पादन बढ़ाया जा सकता है बल्कि कम लागत में दोगुना मुनाफा भी हासिल किया जा सकता है। सही तकनीक अपनाकर गेहूं की खेती आज भी किसानों के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है। क्यों जरूरी है गेहूं की […] - [आलू में झुलसा रोग का खतरा,साबुन के घोल में मिलाकर इस दवा का करें छिड़काव, नहीं होगा पाले का असर Sabun k goal me milakar is dava ka kare chidkaav, nhi hoga pale ka asar](https://khetijunction.com/sabun-k-goal-me-milakar-is-dava-ka-kare-chidkaav-nhi-hoga-pale-ka-asar/): Sabun k goal me milakar is dava ka kare chidkaav, nhi hoga pale ka asar : सर्दियों के मौसम में आलू की फसल पर झुलसा रोग और पाले का दोहरा खतरा मंडराता रहता है। ठंड, कोहरा और अधिक नमी के कारण झुलसा रोग तेजी से फैलता है, जिससे पत्तियां जलने लगती हैं और पैदावार पर भारी असर पड़ता है। अगर समय रहते सही उपाय कर लिए जाएं, तो किसान अपनी आलू की फसल को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं। झुलसा रोग क्या है और कैसे पहचानें आलू में झुलसा रोग दो प्रकार का होता है, अगेती झुलसा और पछेती […] - [मूली की फसल को बचाना है तो रहें सतर्क,इन रोगों से हो सकता है भारी नुकसान… यहां जानें पूरा समाधान Muli ki fasal ko bachana hai to rahe satarak](https://khetijunction.com/muli-ki-fasal-ko-bachana-hai-to-rahe-satarak/): Muli ki fasal ko bachana hai to rahe satarak : मूली की खेती कम समय में तैयार होने वाली और जल्दी मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है, लेकिन अगर इसमें रोग लग जाएं तो पूरी फसल बर्बाद होने का खतरा रहता है। कई बार किसान थोड़ी सी लापरवाही के कारण अच्छी खासी उपज खो बैठते हैं। इसलिए जरूरी है कि मूली में लगने वाले प्रमुख रोगों की समय पर पहचान और उनका सही समाधान किया जाए। मूली की फसल में रोग लगने के मुख्य कारण मूली में रोग लगने का सबसे बड़ा कारण असंतुलित सिंचाई, जलभराव, संक्रमित बीज, ज्यादा […] - [कूड़ा नहीं, पौधों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं मटर के छिलके, इस आसान तरीके से बनाएं ताकतवर जैविक खाद Matar ke chilke se banay ek jevik khad](https://khetijunction.com/matar-ka-chilke-se-banay-ek-jevik-khad/): Matar ka chilke se banay ek jevik khad : अक्सर घरों में मटर छीलने के बाद उसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़े में फेंक दिया जाता है। जबकि यही मटर के छिलके पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनमें प्राकृतिक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ पौधों की वृद्धि भी तेज करते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर मटर के छिलकों से ताकतवर जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जिससे रसोई बगीचे से लेकर खेत तक शानदार परिणाम मिलते हैं। मटर के छिलके क्यों हैं इतने […] - [जनवरी में भिंडी की अगेती खेती बना सकती है किसान को लखपति, कम खर्च में मिलेगा बंपर मुनाफा January me bhindi ki kheti bna shakti hai kisano ko lakhpati](https://khetijunction.com/january-me-bhindi-ki-kheti-bna-shakti-hai-kisano-ko-lakhpati/): January me bhindi ki kheti bna shakti hai kisano ko lakhpati : सब्जी की खेती में भिंडी (लेडी फिंगर) एक ऐसी फसल है, जिसकी बाजार में सालभर जबरदस्त मांग रहती है। खास बात यह है कि अगर किसान जनवरी महीने में भिंडी की अगेती खेती करें, तो उन्हें सीजन की शुरुआत में ही ऊंचे दाम मिलते हैं। कम लागत, जल्दी तुड़ाई और लगातार उत्पादन की वजह से यह खेती किसानों को लखपति बनाने की पूरी क्षमता रखती है। क्यों फायदेमंद है जनवरी में भिंडी की अगेती खेती जनवरी में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और फरवरी–मार्च में भिंडी की आवक […] - [सब्जियों को कोहरे और ठंड से कैसे बचाएं ,जानें पूरा और असरदार तरीका, ताकि फसल सुरक्षित रहे और पैदावार पर असर न पड़े Sabjiyo ko kohre or thand se kese bachay](https://khetijunction.com/sabjiyo-ko-kohre-or-thand-se-kese-bachay/): Sabjiyo ko kohre or thand se kese bachay: सर्दियों के मौसम में कोहरा और कड़ाके की ठंड सब्जियों की खेती के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। अधिक ठंड और पाला लगने से सब्जियों की बढ़वार रुक जाती है, पत्तियां झुलस जाती हैं और कई बार पूरी फसल खराब हो जाती है। अगर समय रहते सही उपाय कर लिए जाएं, तो सब्जियों को ठंड और कोहरे से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ठंड और कोहरे से सब्जियों को होने वाला नुकसान कोहरे के कारण पत्तियों पर नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे फंगल रोग बढ़ […] - [गोभी के फूलों को कीटों से कैसे बचाएं,जानिए पूरा और असरदार तरीका, ताकि फसल रहे सुरक्षित और पैदावार बढ़े Gobi k fullo ko kito se kese bachay](https://khetijunction.com/gobi-k-fullo-ko-kito-se-kese-bachay/): Gobi k fullo ko kito se kese bachay: फूलगोभी की खेती में कीटों का प्रकोप किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। अगर समय रहते सही उपाय न किए जाएं, तो गोभी का फूल खराब हो जाता है, वजन कम रहता है और बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता। नीचे गोभी में लगने वाले प्रमुख कीटों और उनके पूरे नियंत्रण के तरीके विस्तार से बताए गए हैं। गोभी में लगने वाले प्रमुख कीट फूलगोभी की फसल में मुख्य रूप से पत्तियां और फूल खाने वाले कीट नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें इल्ली, माहू (एफिड), थ्रिप्स और तना छेदक […] - [कड़ाके की ठंड में भी आलू को नहीं छू पाएगा झुलसा रोग, बस पानी में मिलाकर छिड़क दें ये दवा Julsa roog se aalu ko kese bachay](https://khetijunction.com/julsa-roog-se-aalu-ko-kese-bachay/): Julsa roog se aalu ko kese bachay : सर्दियों के मौसम में आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए झुलसा रोग (ब्लाइट) सबसे बड़ा खतरा बन जाता है। खासकर कड़ाके की ठंड, कोहरा और अधिक नमी के समय यह रोग तेजी से फैलता है और कुछ ही दिनों में पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। लेकिन अगर समय रहते सही दवा का छिड़काव कर दिया जाए, तो झुलसा रोग आलू की फसल को छू भी नहीं पाएगा। क्या है आलू का झुलसा रोग आलू में मुख्य रूप से दो तरह का झुलसा रोग पाया जाता है – अगेती […] - [जूं-चिचड़ी से कमजोर हो रहे हैं गाय-भैंस? ये देसी उपाय देंगे तुरंत राहत Zu- chichdi se gaay , bhas ko bachne ka ye aasan tarika](https://khetijunction.com/zu-chichdi-se-gaay-bhas-ko-bachne-ka-ye-aasan-tarika/): Zu- chichdi se gaay , bhas ko bachne ka ye aasan tarika: आज के समय में पशुपालकों के सामने जूं और चिचड़ी (Lice & Tick) की समस्या एक बड़ी परेशानी बनती जा रही है। यह बाहरी परजीवी गाय-भैंस के शरीर से खून चूसते हैं, जिससे पशु धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। इसका सीधा असर दूध उत्पादन, पशु की सेहत और किसान की आमदनी पर पड़ता है। अगर समय रहते उपचार न किया जाए, तो यह समस्या गंभीर बीमारियों का रूप भी ले सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और देसी उपायों से जूं-चिचड़ी से तुरंत राहत पाई […] - [चने की फसल में पड़ रही इल्ली से किसान कैसे करें समाधान, अपनाएं ये असरदार उपाय Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan](https://khetijunction.com/channe-ki-fasal-me-pad-rhi-illi-ka-kese-kare-samadhan/): Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan : रबी सीजन में चने की खेती करने वाले किसानों के लिए इल्ली (सुंडी) का प्रकोप एक बड़ी समस्या बन जाता है। खासतौर पर फूल और फल आने की अवस्था में इल्ली चने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाती है। समय रहते सही उपाय न किए जाएं तो पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि किसान इल्ली की पहचान कर सही समय पर नियंत्रण के उपाय अपनाएं। चने की फसल में इल्ली का नुकसान कैसे पहचानें? इल्ली सबसे पहले […] - [आलू किसानों को भारी नुकसान, 11 रुपये किलो लागत पर मंडी में मिल रहा सिर्फ 7 रुपये तक का भाव Aalu kisano ko huaa bada nuksaan](https://khetijunction.com/aalu-kisano-ko-huaa-bada-nuksaan/): Aalu kisano ko huaa bada nuksaan : देश के कई राज्यों में आलू किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस समय हालात ऐसे हो गए हैं कि आलू की लागत करीब 11 रुपये प्रति किलो आ रही है, जबकि मंडियों में किसानों को सिर्फ 6 से 7 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है। इससे किसानों को प्रति किलो सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। क्यों गिर गए आलू के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार आलू के दाम गिरने के पीछे कई बड़े कारण हैं। इस बार उत्पादन […] - [नई गन्ना किस्म ‘बिस्मिल’ को हरी झंडी, अब इन 4 राज्यों में भी हो सकेगी खेती Ganne ki ek or nai kism {bismill}](https://khetijunction.com/ganne-ki-ek-or-nai-kism-bismill/): Ganne ki ek or nai kism {bismill}: देश के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नई गन्ना किस्म ‘बिस्मिल’ को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद अब इसकी खेती चार नए राज्यों में भी की जा सकेगी। यह किस्म अधिक पैदावार, बेहतर शुगर रिकवरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘बिस्मिल’ किस्म से किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा। क्या है गन्ना किस्म ‘बिस्मिल’? ‘बिस्मिल’ एक उन्नत और उच्च उत्पादक गन्ना किस्म है, जिसे विशेष रूप से बदलती जलवायु और रोगों को ध्यान में रखकर […] - [नींबू का पौधा देगा गुच्छों में फल, किचन में रखी ये चीजें करेंगी आपकी मदद Nimbu ka podha dega guchho me fal](https://khetijunction.com/nimbu-ka-podha-dega-guchho-me-fal/): Nimbu ka podha dega guchho me fal : अगर आपके घर में नींबू का पौधा लगा है लेकिन उस पर फूल कम आते हैं या फल नहीं लगते, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप नींबू के पौधे से गुच्छों में फल पा सकते हैं। खास बात यह है कि ये उपाय आपकी किचन में मौजूद चीजों से ही संभव हैं और पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। नींबू के पौधे को चाहिए सही पोषण नींबू का पौधा तभी अच्छे से फल देता है जब उसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश के साथ-साथ कैल्शियम और मैग्नीशियम […] - [छुट्टा पशुओं से फसल बचेगी और कमाई भी दोगुनी होगी, किसानों ने निकाला स्मार्ट तरीका Chutta pashuo se kese pay chuatkara](https://khetijunction.com/chutta-pashuo-se-kese-pay-chuatkara/): Chutta pashuo se kese pay chuatkara: खेती में मेहनत के बावजूद अगर फसल ही सुरक्षित न रहे तो किसान की सारी कमाई पर पानी फिर जाता है। देश के कई राज्यों में छुट्टा पशु आज किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं। रातों-रात खेत में घुसकर फसलों को नष्ट कर देना, किसानों की आमदनी और मनोबल दोनों को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन अब किसानों ने एक ऐसा स्मार्ट और व्यावहारिक तरीका निकाल लिया है, जिससे न सिर्फ फसल सुरक्षित रह रही है बल्कि कमाई भी पहले से दोगुनी हो रही है। क्यों गंभीर हो गई है छुट्टा पशुओं […] - [जई की नई किस्म विकसित, अब पशु आहार की किल्लत खत्म.. प्रति एकड़ 90 क्विंटल होगा हरा चारा Jeai ki nai kism se hoga prati akad 90 kwintal hara chara](https://khetijunction.com/jeai-ki-nai-kism-se-hoga-prati-akad-90-kwintal-hara-chara/): Jeai ki nai kism se hoga prati akad 90 kwintal hara chara: देश में बढ़ते पशुपालन के साथ हरे चारे की कमी किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर सर्दियों में जब हरा चारा सीमित हो जाता है, तब दूध उत्पादन और पशुओं की सेहत दोनों पर असर पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में वैज्ञानिकों द्वारा जई (ओट्स) की एक नई उन्नत किस्म विकसित की गई है, जो कम समय में अधिक हरा चारा देने में सक्षम है। इस किस्म से किसान प्रति एकड़ करीब 80 से 90 क्विंटल तक हरा चारा […] - [भैंस नहीं तो दूध नहीं! देश की दूध जरूरत पूरी करने का बोझ संभाल रहीं भैंसें India Milk Production](https://khetijunction.com/india-milk-production/): India Milk Production: भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, लेकिन इस उपलब्धि के पीछे अगर किसी एक पशु का सबसे बड़ा योगदान है, तो वह है भैंस। देश की कुल दूध जरूरत का बड़ा हिस्सा भैंसों से ही पूरा हो रहा है। यही कारण है कि अक्सर कहा जाता है—भैंस नहीं तो दूध नहीं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था से लेकर डेयरी उद्योग तक, भारत की दूध उत्पादन व्यवस्था की रीढ़ भैंसें ही हैं। भारत में दूध उत्पादन की वर्तमान स्थिति भारत में हर साल करोड़ों टन दूध का उत्पादन होता है और इसमें भैंसों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा […] - [टमाटर की अगेती खेती से किसानों की बदलेगी किस्मत, बाजार में मिलती है जबरदस्त कीमत Tamatar ki ageti kheti krne se fayde](https://khetijunction.com/tamatar-ki-ageti-kheti-krne-se-fayde/): Tamatar ki ageti kheti krne se fayde : टमाटर भारत की सबसे अधिक मांग वाली सब्जियों में शामिल है, जिसकी खपत सालभर रहती है। लेकिन जो किसान टमाटर की अगेती खेती करते हैं, उन्हें सामान्य मौसम की तुलना में कई गुना ज्यादा दाम मिलते हैं। वजह साफ है—जब बाजार में टमाटर की आवक कम होती है, तब अगेती फसल अच्छी कीमत दिलाती है। सही तकनीक, उपयुक्त किस्म और समय पर प्रबंधन अपनाकर अगेती टमाटर की खेती किसानों के लिए किस्मत बदलने वाला सौदा साबित हो सकती है। टमाटर की अगेती खेती क्या है टमाटर की अगेती खेती का मतलब है […] - [जनवरी में तरबूज की खेती क्यों है फायदेमंद? जानिए सही किस्म, दूरी और बीज मात्रा January me tarbooj ki kheti k fayde](https://khetijunction.com/january-me-tarbooj-ki-kheti-k-fayde/): January me tarbooj ki kheti k fayde : तरबूज भारत की प्रमुख गर्मी की फल फसल है, जिसकी मांग मार्च से जून के बीच सबसे ज्यादा रहती है। अगर किसान जनवरी महीने में तरबूज की खेती शुरू करते हैं, तो फसल समय से पहले बाजार में आ जाती है और अच्छे दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सही किस्म, सही दूरी और संतुलित बीज मात्रा अपनाकर जनवरी में की गई खेती किसानों को ज्यादा उत्पादन और बेहतर मुनाफा देती है। जनवरी में तरबूज की खेती के फायदे जनवरी में तरबूज की बुवाई करने से फसल मार्च–अप्रैल में तैयार हो […] - [दो आंख वाला गन्ना बोने पर डबल हो सकती है पैदावार, केवल इतने महीने पुराने बीज का करें चयन Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai](https://khetijunction.com/do-aakh-wala-ganna-bone-pr-double-hogi-kamai/): Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai: गन्ना किसानों के लिए बीज का सही चयन और बोने की तकनीक सबसे अहम मानी जाती है। अगर किसान दो आंख वाले गन्ना बीज का सही तरीके से उपयोग करें, तो कम बीज लागत में ज्यादा अंकुरण, मजबूत पौधे और बेहतर उपज प्राप्त की जा सकती है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, सही उम्र के गन्ना बीज और उन्नत रोपण विधि अपनाने से गन्ने की पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है। क्या है दो आंख वाला गन्ना बीज दो आंख वाला गन्ना बीज दरअसल गन्ने का ऐसा छोटा […] - [ग्रीनहाउस फार्मिंग से दोगुनी होगी कमाई, 50% तक सरकार देती है सब्सिडी जानें निर्माण पर कितना होगा खर्च और कैसे उठाएं पूरा फायदा Green house farming](https://khetijunction.com/green-house-farming/): Green house farming : आज के समय में खेती केवल परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रही है। बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार की मांग ने किसानों को ग्रीनहाउस फार्मिंग की ओर तेजी से आकर्षित किया है। यह तकनीक न सिर्फ उत्पादन बढ़ाती है, बल्कि गुणवत्ता बेहतर कर किसानों की कमाई को दोगुना करने में भी मदद करती है। सबसे खास बात यह है कि सरकार ग्रीनहाउस निर्माण पर 50 फीसदी तक सब्सिडी भी देती है। ग्रीनहाउस फार्मिंग क्या है? ग्रीनहाउस फार्मिंग एक आधुनिक खेती तकनीक है, जिसमें पारदर्शी शीट या पॉली कवर से ढांचे को ढककर फसल उगाई […] - [सरसों की इस किस्म से होगी मोटी कमाई, कम सिंचाई में भी मिलेगा अच्छा दाम Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda](https://khetijunction.com/sarso-ki-ye-kism-degi-kisano-ko-bada-fayda/): Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda: सरसों की खेती भारत में रबी सीजन की प्रमुख तिलहनी फसलों में गिनी जाती है। बढ़ती लागत और पानी की कमी के बीच किसान ऐसी किस्मों की तलाश में रहते हैं, जो कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन और बेहतर बाजार भाव दिला सकें। RAH 749 सरसों किस्म इसी जरूरत को पूरा करती है और किसानों के लिए मोटी कमाई का मजबूत जरिया बन रही है। RAH 749 सरसों किस्म की खासियत RAH 749 एक उन्नत और उच्च उत्पादक सरसों की किस्म है, जिसे कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त […] - [नए साल में सब्जियों की बुवाई से बदलेगी किस्मत! होली तक किसान करेंगे जबरदस्त कमाई Holi tak kisan kare in sabjiyo ki kheti,milega bada munafa](https://khetijunction.com/holi-tak-kisan-kare-in-sabjiyo-ki-khetimilega-bada-munafa/): Holi tak kisan kare in sabjiyo ki kheti,milega bada munafa : नया साल किसानों के लिए नई उम्मीदें और नए मौके लेकर आया है। अगर जनवरी–फरवरी के दौरान सब्जियों की सही योजना बनाकर बुवाई की जाए, तो होली तक अच्छी पैदावार के साथ जबरदस्त कमाई संभव है। इस समय बाजार में ताजी सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ती है और दाम भी अच्छे मिलते हैं। कम लागत, कम समय और जल्दी तैयार होने वाली सब्जियां किसानों के लिए इस मौसम में सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। होली से पहले सब्जियों की मांग क्यों बढ़ती है त्योहारी सीजन के […] - [कम लागत में ज्यादा मुनाफा: गांठ गोभी की खेती से दो महीने में शुरू होगी कमाई Kam lagat me jyada munafa ,ese kare gaath gobi ki kheti](https://khetijunction.com/kam-lagat-me-jyada-munafa-ese-kare-gaath-gobi-ki-kheti/): Kam lagat me jyada munafa ,ese kare gaath gobi ki kheti: गांठ गोभी, जिसे कई जगहों पर नोल-खोल या जर्मन शलजम भी कहा जाता है, आज के समय में किसानों के लिए एक बेहतरीन नकदी सब्जी फसल बनकर उभरी है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। सही तकनीक और थोड़ी सी समझदारी के साथ गांठ गोभी की खेती करके किसान महज 55–65 दिनों में ही अच्छी कमाई शुरू कर सकते हैं। गांठ गोभी की खेती क्यों है फायदेमंद गांठ गोभी की खेती […] - [ठंड में गन्ना किसानों पर दोहरी मार: रेड रॉट बीमारी और मौसम से फसल को नुकसान, ऐसे करें बचाव Ganne me ho rhi red rot bimari ka kese kare nivaran](https://khetijunction.com/ganne-me-ho-rhi-red-rot-bimari-ka-kese-kare-nivaran/): Ganne me ho rhi red rot bimari ka kese kare nivaran: सर्दियों का मौसम गन्ना किसानों के लिए इस बार बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। एक ओर जहां कड़ाके की ठंड, कोहरा और पाला गन्ने की बढ़वार को रोक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रेड रॉट (लाल सड़न) बीमारी तेजी से फैलकर फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है। कई क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार और गुणवत्ता दोनों पर असर देखा जा रहा है, जिससे किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में समय रहते सही उपाय अपनाकर नुकसान को काफी हद तक कम किया जा […] - [रबी सीजन 2025-26: गेहूं, चना और तिलहनों का रकबा बढ़ा, कुल क्षेत्रफल में 6.87 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी 2025-26 me in fasalo ka bada rakhba](https://khetijunction.com/2025-26-me-in-fasalo-ka-bada-rakhba/): 2025-26 me in fasalo ka bada rakhba: रबी सीजन 2025-26 में किसानों के रुझान और अनुकूल मौसम का असर साफ दिखाई देने लगा है। इस बार गेहूं, चना और तिलहन फसलों के रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल रबी क्षेत्रफल में 6.87 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गेहूं की बुवाई में बढ़ा किसानों का भरोसा रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं का रकबा इस साल बढ़ा है। बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), समय पर बुवाई, पर्याप्त नमी और उन्नत किस्मों […] - [दोपहर को सरसों के खेत में जिंक, पोटाश का करें छिड़काव.. बड़े-बड़े होंगे दाने, खूब निकलेगा तेल Dupahar me sarso k khat me zink,potash ka kare chidkaav](https://khetijunction.com/dupahar-me-sarso-k-khat-me-zinkpotash-ka-kare-chidkaav/): Dupahar me sarso k khat me zink,potash ka kare chidkaav : रबी सीजन में सरसों की फसल किसानों की आमदनी का बड़ा जरिया है। अच्छी पैदावार और ज्यादा तेल प्रतिशत पाने के लिए संतुलित पोषण प्रबंधन सबसे जरूरी माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर सरसों के खेत में सही समय पर जिंक और पोटाश का छिड़काव किया जाए, तो दाने भरपूर भरते हैं, दाने का आकार बड़ा होता है और तेल की मात्रा भी स्पष्ट रूप से बढ़ जाती है। सरसों की फसल में जिंक और पोटाश क्यों है जरूरी सरसों की फसल में जिंक एक सूक्ष्म पोषक […] - [आलू में तेजी से फैल रहा लेट ब्लाइट रोग, 10 दिन पर करें मेलोडी डुओ सहित इन दवाओं का छिड़काव Aalu me fail rahe let blaight roog ka ase kare nivaran](https://khetijunction.com/aalu-me-fail-rahe-let-blaight-roog-ka-ase-kare-nivaran/): Aalu me fail rahe let blaight roog ka ase kare nivaran : आलू की फसल पर इन दिनों लेट ब्लाइट रोग का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ठंड, नमी और कोहरे वाले मौसम में यह रोग बहुत कम समय में पूरे खेत को अपनी चपेट में ले सकता है। अगर समय पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह बीमारी पत्तियों से लेकर तनों और कंदों तक को खराब कर देती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि किसान लक्षण पहचानकर सही दवाओं का समय पर छिड़काव करें। क्या है लेट […] - [गेहूं में पीला रतुआ फैलने की आशंका: वैज्ञानिकों ने फसल बचाने के लिए दी अहम सलाह Gehu me pila ratuaa felne ki aashanka](https://khetijunction.com/gehu-me-pila-ratuaa-felne-ki-aashanka/): Gehu me pila ratuaa felne ki aashanka : देश के कई गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में मौसम के बदलते मिजाज के साथ पीला रतुआ रोग के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ठंडी रातें, सुबह का कोहरा और दिन में हल्की धूप इस रोग के लिए अनुकूल वातावरण बना रही हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को समय रहते सावधानी बरतने और वैज्ञानिक तरीके अपनाने की सलाह दी है, ताकि गेहूं की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सके। पीला रतुआ रोग क्या है? पीला रतुआ गेहूं की एक खतरनाक फफूंद जनित बीमारी है, जिसे येलो रस्ट भी कहा जाता है। […] - [नींबू की खेती दे रही किसानों को अधिक मुनाफा, कम लागत में स्थायी आमदनी का जरिया Nimbu ki kheti de rhi kisano ko aadhik munafa](https://khetijunction.com/nimbu-ki-kheti-de-rhi-kisano-ko-aadhik-munafa/): Nimbu ki kheti de rhi kisano ko aadhik munafa : नींबू की खेती आज के समय में किसानों के लिए एक बेहद लाभकारी विकल्प बनकर उभरी है। बाजार में नींबू की मांग सालभर बनी रहती है, चाहे वह घरेलू उपयोग हो, होटल-रेस्तरां, जूस इंडस्ट्री या अचार और दवा उद्योग। यही वजह है कि सही तकनीक और प्रबंधन के साथ की गई नींबू की खेती किसानों को लंबे समय तक लगातार अच्छी कमाई दिला रही है। कम लागत, कम जोखिम और अधिक उत्पादन इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। नींबू की खेती क्यों है फायदे का सौदा नींबू एक बहुवर्षीय […] - [कम पैसों में बड़ा मुनाफा कमाने का मौका, मधुमक्खी पालन में सरकार दे रही ट्रेनिंग और सब्सिडी Madhumakkhi palan](https://khetijunction.com/madhumakkhi-palan/): Madhumakkhi palan : खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी की तलाश कर रहे किसानों, युवाओं और पशुपालकों के लिए मधुमक्खी पालन एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। कम लागत, कम जगह और जल्दी मुनाफे की वजह से यह व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अच्छी बात यह है कि सरकार भी मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग, तकनीकी सहायता और सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, जिससे नए लोग भी आसानी से इस काम को शुरू कर सकते हैं। मधुमक्खी पालन क्यों है मुनाफेदार मधुमक्खी पालन में शुरुआती निवेश अपेक्षाकृत कम होता है और उत्पादन जल्दी शुरू हो जाता […] - [डीजल को कहें अलविदा! CNG-CBG ट्रैक्टर से खेती होगी सस्ती, साफ और ज्यादा मुनाफेदार CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti](https://khetijunction.com/cng-cbg-tractor-se-kheti-hogi-sasti/): CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti : खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और डीजल की कीमतें किसानों की कमाई पर सीधा असर डाल रही हैं। ऐसे में अब खेती के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। CNG और CBG से चलने वाले ट्रैक्टर डीजल का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं। ये ट्रैक्टर न सिर्फ ईंधन खर्च कम करते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं। आने वाले समय में यह तकनीक किसानों की खेती को सस्ती, साफ और ज्यादा मुनाफेदार बनाने वाली है। CNG–CBG ट्रैक्टर क्या हैं CNG यानी कंप्रेस्ड […] - [सरसों फसल पर इल्ली कीट का प्रकोप बढ़ा, किसान इन तरीकों को अपनाकर नुकसान से बचाएं उपज Sarso fasal par elli kit ka pracop bada](https://khetijunction.com/sarso-fasal-par-illi-kit-ka-pracop-bada/): Sarso fasal par elli kit ka pracop bada : सरसों की फसल इस समय कई इलाकों में इल्ली कीट के गंभीर प्रकोप से जूझ रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी की स्थिति के कारण इल्ली तेजी से पनप रही है, जिससे पत्तियां, कलियां और फलियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो किसानों को भारी उपज नुकसान उठाना पड़ सकता है। सही पहचान, समय पर निगरानी और उचित नियंत्रण उपाय अपनाकर इस कीट से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है। सरसों में इल्ली की पहचान और नुकसान इल्ली कीट आमतौर पर […] - [आलू किसानों के लिए अलर्ट जारी, लेट ब्लाइट बीमारी का बढ़ा खतरा.. इन दवाओं का करें छिड़काव Let bleait bimari ka bada khatra](https://khetijunction.com/let-bleait-bimari-ka-bada-khatra/): Let bleait bimari ka bada khatra: मौसम में अचानक बदलाव, ठंडी हवाएं और नमी बढ़ने के कारण आलू की फसल पर लेट ब्लाइट (Late Blight) बीमारी का खतरा तेजी से बढ़ गया है। यह रोग समय पर नियंत्रण न होने पर पूरी फसल को कुछ ही दिनों में नष्ट कर सकता है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और तुरंत उचित दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी जा रही है। क्या है लेट ब्लाइट बीमारी लेट ब्लाइट एक फफूंद जनित रोग है, जो सबसे पहले आलू की पत्तियों पर हमला करता है। इस बीमारी में पत्तियों के किनारों पर […] - [एक बार लगाइए और सालों-साल फसल पाइए, जानिए कटहल की खेती से कैसे होगा मुनाफा Cathal ki kheti se kese hoga munafa](https://khetijunction.com/cathal-ki-kheti-se-kese-hoga-munafa/): Cathal ki kheti se kese hoga munafa: कटहल को अब सिर्फ एक पारंपरिक फल नहीं, बल्कि भविष्य की सुपर फसल माना जा रहा है। बदलते खान-पान के ट्रेंड, शाकाहारी मीट (Veg Meat) की बढ़ती मांग और पोषण से भरपूर गुणों के कारण कटहल की खेती किसानों के लिए लंबे समय तक स्थायी कमाई का साधन बनती जा रही है। एक बार पौधा लगाने के बाद 30–40 साल तक लगातार उत्पादन मिलना इसकी सबसे बड़ी खासियत है। कटहल की खेती क्यों है लाभकारी कटहल की खेती में शुरुआती मेहनत के बाद खर्च बहुत कम हो जाता है। यह फल ताजा खाने […] ## Pages - [Eicher 485](https://khetijunction.com/eicher-485/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 1850 kg ENGIN POWER 45 HP STEERING Power / Mechanical Steering CLUTCH Single / Dual DRIVE TYPE 2WD ENGIN RPM 2150 RPM WEIGHT 2045 kg Eicher 485 Specifications The Eicher 485 is a 45 hp range tractor with a 3 cylinder 2945 cc engine at 21 hp rpm. The Eicher 485 comes with a 4-stage oil bath type air filter and air-cooled cooling system. The Eicher 485 is equipped with 8 combination mesh and single mesh gearbox with 8 forward and 2 reverse gear options. The Eicher 485 comes with a 6 split PTO with a […] - [Eicher 650](https://khetijunction.com/eicher-650/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 2100 kg ENGIN POWER 60 HP STEERING Power Steering CLUTCH Dual Clutch DRIVE TYPE 2WD / 4WD ENGIN RPM NA WEIGHT NA Eicher 650 Specifications - [Mahindra 585 DI XP Plus](https://khetijunction.com/mahindra-585-di-xp-plus/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 1700 kg ENGIN POWER 50 HP STEERING Dual Acting Power Steering CLUTCH Single Clutch DRIVE TYPE 2WD ENGIN RPM 2100 RPM WEIGHT NA Mahindra 475 DI SP Plus Specifications - [Mahindra 275 DI TU](https://khetijunction.com/mahindra-275-di-tu/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 1200 kg ENGIN POWER 39 HP STEERING Mechanical / Power Steering CLUTCH Single Clutch Heavy Duty Diaphragm DRIVE TYPE 2WD ENGIN RPM 2100 RPM WEIGHT 1840 kg Mahindra 275 DI TU Specifications - [Mahindra 475 DI SP Plus](https://khetijunction.com/mahindra-475-di-sp-plus/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 1500 kg ENGIN POWER 44 HP STEERING Mechanical / Power Steering CLUTCH Single / Dual DRIVE TYPE 2WD ENGIN RPM NA WEIGHT NA Mahindra 475 DI SP Plus Specifications - [Web Story](https://khetijunction.com/web-story/): वेब स्टोरीज और देखें - [Video](https://khetijunction.com/video-2/) - [Organic Farming](https://khetijunction.com/organic-farming/) - [Other Crops](https://khetijunction.com/other-crops/) - [Eicher 242](https://khetijunction.com/eicher-242/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 900 kg ENGIN POWER 25 HP STEERING Mechanical Steering CLUTCH Single Friction Plate DRIVE TYPE 2WD ENGIN RPM 1900 RPM WEIGHT NA Eicher 242 Specifications - [shanal mandi](https://khetijunction.com/shanal-mandi/) - [Eicher Tractors](https://khetijunction.com/eicher-tractors/): Eicher Tractors आयशर ट्रैक्टर्स भारत में एक प्रसिद्ध ट्रैक्टर ब्रांड है, जिसकी स्थापना 1959 में हुई थी। कंपनी आयशर मोटर्स लिमिटेड समूह का एक हिस्सा है, जो रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल ब्रांड का भी मालिक है। आयशर ट्रैक्टर्स 18 एचपी से 60 एचपी तक के ट्रैक्टरों की एक श्रृंखला प्रदान करता है, जो विभिन्न कृषि अनुप्रयोगों जैसे जुताई, जुताई, बुवाई और कटाई के लिए उपयुक्त हैं। आयशर ट्रैक्टर्स की प्रमुख विशेषताओं में से एक उनकी ईंधन दक्षता है। कंपनी यह सुनिश्चित करने के लिए अपने इंजनों में उन्नत तकनीक का उपयोग करती है कि ट्रैक्टर कम ईंधन की खपत करते हैं […] - [Mahindra Arjun NOVO 605 DI-I](https://khetijunction.com/mahindra-arjun-novo-605-di-i/): Key Highlights LIFTING CAPACITY 2200 kg ENGIN POWER 57 HP STEERING Mechanical / Power Steering CLUTCH Duty diaphragm type DRIVE TYPE 2WD / 4WD ENGIN RPM 2100 RPM WEIGHT NA Mahindra Arjun NOVO 605 DI-I Specifications - [Mahindra Tractors](https://khetijunction.com/mahindra-tractors/): Mahindra Tractors महिंद्रा ट्रैक्टर्स भारत में एक अग्रणी ट्रैक्टर ब्रांड है, जिसका स्वामित्व महिंद्रा एंड महिंद्रा के पास है, जो देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माताओं में से एक है। कंपनी की स्थापना 1945 में हुई थी और तब से यह ऐसे ट्रैक्टरों का उत्पादन कर रही है जो भारतीय कृषि स्थितियों के लिए उपयुक्त हैं। महिंद्रा ट्रैक्टर्स 15 एचपी से 75 एचपी तक ट्रैक्टरों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है, जिनका उपयोग विभिन्न कृषि अनुप्रयोगों जैसे जुताई, जुताई, बुवाई और कटाई के लिए किया जाता है। महिंद्रा ट्रैक्टर अपने स्थायित्व, विश्वसनीयता और कम रखरखाव लागत के लिए जाने […] - [Tractor](https://khetijunction.com/tractor/): All Tractor Brands in India - [Latest News](https://khetijunction.com/latest-news/) - [Mandi Rates](https://khetijunction.com/mandi-rates/) - [Video](https://khetijunction.com/video/) - [Photos](https://khetijunction.com/photos/) - [Newsticker](https://khetijunction.com/news-ticker/): News ticker Top News Crafty Cook and Decorate all of our food dishes with love Freshly Premium Ingredients From Around The World Premium Dinning Experience With Delicious Foods Bread Medu Vada Recipe Hebbars Kitchen Vegetable Roll here your healthy, red chili spicy breakfast Chicken Pizza with summer drinks recipe by mr. nanna products Dhakaika Boti kebab is here summer drinks Recipe by Healthy Kadai Chicken Pizza with is summer in drinks recipe nanna products Dhakaika Boti kebab is here summer drinks by Recipe Healthy Cooking is at once child’s play and adult joy. 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