महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों से किसान भारी नुकसान में हैं. एनसीपी नेता छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से 500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और स्पष्ट आयात-निर्यात नीति की मांग की. नासिक और चांदवड़ मंडी में प्याज की सप्लाई और कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया.
महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों से किसानों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड रहा है. इस समय में कीमतें गिरकर 100 रुपये क्विंटल तक पहुंच गई हैं. कई किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे है. इसी बीच एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल किसानों के समर्थन में उतर आए हैं. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर प्याज किसानों के लिए प्रति क्विंटल 500 रुपये की सब्सिडी देने की मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्याज के दाम अक्सर तेजी से ऊपर-नीचे होते रहते हैं, जिससे कई बार कीमतें गिर जाती हैं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. निर्यात शुल्क बढ़ने से भी किसानों पर बुरा असर पड़ा है. Maharashtra me 100 rupye kwintal pyaj , chagan bhujbal ne CM ko likha patra.. ki 500 rupye kwintal sabcidi ki maag

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार , भुजबल ने कहा है कि देश के कुल प्याज उत्पादन का लगभग 60% हिस्सा महाराष्ट्र से आता है. नासिक, जिसे देश का प्याज हब माना जाता है, वहां के किसान इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं. जनवरी में प्याज की कीमत करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब गिरकर लगभग 500 रुपये प्रति क्विंटल रह गई है. छगन भुजबल ने अपने पत्र में लिखा कि प्याज की खेती पर करीब 1,500 रुपये प्रति क्विंटल का खर्च आता है. लेकिन दाम गिरकर 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाने से किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बेमौसम बारिश ने हालात को और ज्यादा खराब कर दिया है.
भुजबल ने याद दिलाया कि साल 2023 में राज्य सरकार ने प्याज किसानों को 350 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी थी. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार स्थिति पहले से ज्यादा गंभीर है, इसलिए किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने अन्य फसलों की तरह प्याज पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने और आयात-निर्यात नीति को लेकर स्पष्टता देने की मांग की.
प्याज की खेती पर करीब 1,500 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आता है
एमएसपी का सुझाव देते हुए भुजबल ने लिखा कि प्याज की खेती पर करीब 1,500 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आता है. इसमें 750 रुपये मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,250 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर बाजार में कीमतें बढ़कर 3,000 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचती हैं, तो उस समय निर्यात शुल्क लगाया जा सकता है और यदि दाम 5,000 रुपये प्रति क्विंटल से भी ऊपर चले जाएं, तो निर्यात पर पाबंदी लगाने पर सोचना चाहिए. Maharashtra me 100 rupye kwintal pyaj , chagan bhujbal ne CM ko likha patra.. ki 500 rupye kwintal sabcidi ki maag
चांदवड़ एपीएमसी में प्याज का ताजा रेट
इस वक्त में महाराष्ट्र में कीमतें 200 रुपये क्विंटल से भी गिरकर कम हो गई हैं. Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, 26 फरवरी को महाराष्ट्र के नासिक जिले की चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया. न्यूनतम भाव 165 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,225 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव 830 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. वहीं, 25 फरवरी को चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज का दाम और कम था. इस दिन न्यूनतम कीमत 100 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,275 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव 830 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया था.
किस दिन मंडी में कितनी हुई प्याज की आवक
हालांकि, 24 फरवरी को चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज की मिनिमम रेट 25 और 26 फरवरी के मुकाबले ज्यादा थी . जबकि, इस दिन भी लाल (लोकल) प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया. न्यूनतम भाव 300 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,200 रुपये प्रति क्विंटल और औसत कीमत 850 रुपये प्रति क्विंटल रही. वहीं, आवक की बात करें तो चांदवड़ मंडी में प्याज की सप्लाई 24 से 26 फरवरी 2026 तक लगातार दर्ज की गई. 24 फरवरी को 2,502 मीट्रिक टन, 25 फरवरी को 2,350 मीट्रिक टन और 26 फरवरी को 2,600 मीट्रिक टन प्याज मंडी में पहुंचा.
भारत दिघोले ने की थी 500 रुपये क्विंटल सब्सिडी की मांग
बता दें कि पिछले बीते दिनों महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा था कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत लगभग 1,800 रुपये आती है. ऐसे में जब बाजार भाव 1,000 रुपये या उससे कम हो जाता है, तो किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पाते. मंडी तक प्याज लाना भी घाटे का सौदा बन जाता है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को बचाने के लिए कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल की तुरंत सब्सिडी दी जाए. Maharashtra me 100 rupye kwintal pyaj , chagan bhujbal ne CM ko likha patra.. ki 500 rupye kwintal sabcidi ki maag

