March Me Torai Ki Kheti Kaise Kare, Kisano Ko Mil Sakta Hai Accha Munafa कई क्षेत्रों में गन्ने की कटाई के बाद खेत खाली हो जाते हैं. ऐसे में किसान इन खाली खेतों में तोरई की खेती कर सकते हैं. इससे खेत खाली भी नहीं रहते और अतिरिक्त आय का अच्छा मौका मिल जाता है. बाजार में गर्मियों के दौरान तोरई की मांग लगातार बनी रहती है, इसलिए किसानों को इसके अच्छे दाम भी मिल जाते हैं.

गर्मी का मौसम आते ही बाजार में हरी सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे समय में अगर किसान जल्दी तैयार होने वाली सब्जियों की खेती करें तो कम समय में अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं. तोरई भी ऐसी ही एक सब्जी है, जिसकी खेती गर्मियों में काफी फायदेमंद मानी जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में इसकी बुवाई करने से फसल करीब 50 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है और किसानों को अच्छा उत्पादन मिल सकता है.
कई क्षेत्रों रबी के बाद खेत खाली हो जाते हैं. ऐसे में किसान इन खाली खेतों में तोरई की खेती कर सकते हैं. इससे खेत खाली भी नहीं रहते और अतिरिक्त आय का अच्छा मौका मिल जाता है. बाजार में गर्मियों के दौरान तोरई की मांग लगातार बनी रहती है, इसलिए किसानों को इसके अच्छे दाम भी मिल जाते हैं. March Me Torai Ki Kheti Kaise Kare, Kisano Ko Mil Sakta Hai Accha Munafa
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक किसान इंडिया को बताते हैं कि अगर किसान सही तकनीक और अच्छी किस्मों का चुनाव करें तो तोरई की खेती से काफी अच्छी पैदावार मिल सकती है. कई उन्नत किस्में ऐसी हैं जो कम समय में तैयार होकर किसानों को बेहतर उत्पादन देती हैं.
खेती के लिए सही मिट्टी और मौसम जरूरी
तोरई की फसल गर्म और हल्की नमी वाले मौसम में अच्छी तरह बढ़ती है. इसके लिए ऐसी जमीन बेहतर रहती है जहां पानी का निकास आसानी से हो सके. अगर खेत में पानी जमा हो जाता है तो पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार तोरई की खेती के लिए मिट्टी का pH मान 6.5 से 7.5 के बीच होना सबसे उपयुक्त माना जाता है. खेत की अच्छी तरह जुताई कर उसमें गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं. March Me Torai Ki Kheti Kaise Kare, Kisano Ko Mil Sakta Hai Accha Munafa
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March Me Torai Ki Kheti Kaise Kare, Kisano Ko Mil Sakta Hai Accha Munafa जल्दी तैयार होने वाली उन्नत किस्में
तोरई की कुछ किस्में ऐसी हैं जो बहुत जल्दी तैयार हो जाती हैं और किसानों को जल्दी उत्पादन देना शुरू कर देती हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित पूसा सुप्रिया ऐसी ही एक किस्म है. यह लगभग 50 दिनों में फल देना शुरू कर देती है और इससे करीब 130 से 140 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिल सकता है. इस किस्म में कई रोगों के प्रति सहनशीलता भी देखी जाती है.
इसी तरह पंत चिकनी तोरई-1 भी एक लोकप्रिय किस्म है, जिसे पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया है. इसके फल लंबे और आकर्षक होते हैं, जो बाजार में आसानी से बिक जाते हैं. यह किस्म लगभग 50 से 55 दिनों में तैयार हो जाती है और इससे करीब 140 से 170 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार मिल सकती है.
अधिक उत्पादन देने वाली किस्में
जो किसान ज्यादा उत्पादन चाहते हैं उनके लिए पूसा चिकनी किस्म एक अच्छा विकल्प मानी जाती है. यह फसल तैयार होने में लगभग 60 से 70 दिन का समय लेती है, लेकिन इसकी पैदावार काफी अच्छी होती है. इससे करीब 150 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिल सकता है.
इसके अलावा भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी द्वारा विकसित काशी दिव्या भी एक उन्नत किस्म है. यह किस्म विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जहां डाउनी मिल्ड्यू जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है. लगभग 60 दिनों में तैयार होने वाली यह किस्म 130 से 160 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन दे सकती है. March Me Torai Ki Kheti Kaise Kare, Kisano Ko Mil Sakta Hai Accha Munafa
किसानों में लोकप्रिय किस्म
कानपुर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कल्याणपुर हरी चिकनी को भी तोरई की अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों में गिना जाता है. इसके फल अच्छी गुणवत्ता के होते हैं और बाजार में इसकी मांग भी अच्छी रहती है. इस किस्म से 200 से 220 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार मिलने की संभावना रहती है, इसलिए कई किसान इसकी खेती को प्राथमिकता देते हैं.
कम लागत में बेहतर आमदनी का मौका
तोरई की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लागत ज्यादा नहीं आती और फसल जल्दी तैयार हो जाती है. बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है, इसलिए किसानों को इसकी बिक्री में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसान मार्च के महीने में उन्नत किस्मों के साथ वैज्ञानिक तरीके से तोरई की खेती करें तो कम समय में अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं. यही वजह है कि अब कई किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सब्जी खेती को भी अपनी आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम मानने लगे हैं. March Me Torai Ki Kheti Kaise Kare, Kisano Ko Mil Sakta Hai Accha Munafa

