Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani
Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani पशुपालन करने वाले किसानों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है।इस मौसम में नया भूसा सीधे खिलाना पशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है. बिना भिगोए देने पर कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्या बढ़ सकती है. आसान सावधानी अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है, जिससे उनका पाचन सही रहेगा और दूध उत्पादन पर भी किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा.Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani

पशु पालन में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान करा सकती है, खासकर तब जब बात चारे और भूसे की हो. इस समय खेतों से नया भूसा निकलकर तैयार हो रहा है और कई पशुपालक इसे सीधे जानवरों को खिलाना शुरू कर देते हैं. यही जल्दबाजी कई बार पशुओं के पेट पर भारी पड़ जाती है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, नया भूसा बिना सही तरीके से तैयार किए खिलाने पर वह पेट में जाकर फूल जाता है, जिससे कब्ज, पेट दर्द और गैस जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. अगर समय रहते थोड़ी सावधानी बरती जाए, तो पशु पूरी तरह स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ेगा. Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani
नया भूसा क्यों होता है खतरनाक?
नया भूसा आमतौर पर सूखा, सख्त और कम पचने वाला होता है।
जब इसे बिना फुलाए पशुओं को दिया जाता है, तो:
- यह पेट में फूल जाता है
- पाचन तंत्र पर दबाव डालता है
- गैस और अपच की समस्या पैदा करता है
यही कारण है कि पशु चिकित्सक इसे सीधे खिलाने से मना कर रहे हैं। Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani
और जाने –
कपास किसानों के लिए बड़ी खबर, CCI ने कपास की कीमतें बढ़ाईं, जानिए किसानों को कितना मिलेगा फायदा?
नया भूसा सीधे खिलाना क्यों पड़ सकता है भारी
पशु चिकित्सक के अनुसार, नया भूसा देखने में भले ही साफ और ताजा लगता हो, लेकिन यह काफी सूखा और हल्का होता है. जब इसे सीधे पशु खा लेते हैं, तो पेट में पहुंचकर यह नमी खींचकर फूलने लगता है. इसी वजह से कई पशुओं में कब्ज, पेट फूलना और खाना कम करने जैसी समस्या दिखती है. खासकर दूध देने वाले पशुओं में यह परेशानी ज्यादा नुकसानदायक होती है, क्योंकि पेट खराब होने का सीधा असर दूध की मात्रा पर पड़ता है. Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani
खिलाने से पहले 2 घंटे पानी में जरूर फूलाएं
पशु चिकित्सक के अनुसार, नए भूसे को सीधे नांद में डालने की बजाय पहले उसे करीब 2 घंटे तक पानी में भिगोकर फूलने देना चाहिए. इससे भूसा पहले ही नरम हो जाता है और पेट में जाकर ज्यादा नहीं फूलता. जिस मात्रा में आप रोज भूसा देते हैं, उससे थोड़ा कम देना बेहतर रहता है. जब भूसा अच्छी तरह नरम और फूला हुआ लगे, तभी उसे पशुओं को खिलाएं. यह आसान तरीका पेट की दिक्कतों से बचाने में बहुत असरदार माना जाता है. Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani
मीठा सोडा और नमक भी रखेगा पेट दुरुस्त
सप्ताह में एक या दो बार चारे में थोड़ा मीठा सोडा और नमक मिलाकर देना भी फायदेमंद माना जाता है. इससे पशुओं का पाचन बेहतर रहता है और पेट में गैस या भारीपन की समस्या कम होती है. खासकर जब नया भूसा शुरू किया गया हो, तब यह तरीका और ज्यादा उपयोगी साबित होता है. इससे पशु चारा भी अच्छी तरह खाते हैं और उनका पेट लंबे समय तक सही रहता है. Pashu Chikitsak Ne Di Chetavani

सही देखभाल से दूध उत्पादन भी रहेगा बेहतर
पेट ठीक रहेगा तो पशु आराम से चारा खाएंगे, जुगाली सही करेंगे और दूध भी अच्छा देंगे. नया भूसा खिलाते समय बस थोड़ी सावधानी अपनाकर बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. सही तरीके से तैयार भूसा न सिर्फ बीमारी से बचाता है, बल्कि पशुओं की सेहत, वजन और दूध उत्पादन को भी बेहतर बनाए रखता है. इसलिए इस मौसम में नया भूसा शुरू करते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें और आसान घरेलू तरीके अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखें.
