महाराष्ट्र में किसानों को बड़ी राहत, ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण 15 जनवरी तक / ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

महाराष्ट्र में किसानों को बड़ी राहत, ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण 15 जनवरी तक / ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण : महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ई-फसल सर्वे (e-Peek Pahani) के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जनवरी तक बढ़ा दी है। यह निर्णय उन किसानों के हित में लिया गया है जो मोबाइल, इंटरनेट या तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन सर्वे नहीं करा पा रहे थे। सरकार के इस कदम से हजारों किसानों को फसल पंजीकरण का एक और अवसर मिला है।

क्या है ई-फसल सर्वे?

ई-फसल सर्वे महाराष्ट्र सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसके तहत किसानों की बोई गई फसलों का सही और समय पर रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा मुआवजा, सरकारी योजनाओं और अनुदानों का लाभ सही किसानों तक पहुंचाना है।

ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण
ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

ई-फसल सर्वे के बिना किसान कई महत्वपूर्ण सरकारी लाभों से वंचित रह सकता है, इसलिए इसका समय पर पंजीकरण बेहद जरूरी होता है। ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा क्यों जरूरी?

राज्य के कई ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आज भी इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन की सुविधा सीमित है। ऐसे में केवल ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर रहना किसानों के लिए मुश्किल साबित हो रहा था।
इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने ऑफलाइन मोड में भी ई-फसल सर्वे की अनुमति दी है, ताकि कोई भी पात्र किसान सर्वे से बाहर न रह जाए।

ऑफलाइन ई-फसल सर्वे कैसे होगा?

ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है—

  • किसान अपने ग्राम सेवक, तलाठी, कृषि सहायक या कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं
  • संबंधित अधिकारी खेत का भौतिक निरीक्षण करेंगे
  • फसल का विवरण, बोई गई फसल का प्रकार, क्षेत्रफल आदि दर्ज किया जाएगा
  • सर्वे डेटा को बाद में सरकारी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा

इस प्रक्रिया में किसान को किसी मोबाइल ऐप या इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होगी। ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

किसानों को क्या-क्या लाभ मिलेगा?

ई-फसल सर्वे पूरा कराने वाले किसानों को कई बड़े फायदे मिलते हैं—

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ
  • अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि जैसी आपदाओं में मुआवजा
  • सरकारी सब्सिडी और अनुदान योजनाओं की पात्रता
  • राज्य और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं में प्राथमिकता
  • फसल उत्पादन से जुड़ा आधिकारिक रिकॉर्ड

अंतिम तिथि क्यों है महत्वपूर्ण?

ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

सरकार ने साफ किया है कि 15 जनवरी के बाद ऑफलाइन या ऑनलाइन ई-फसल सर्वे स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन किसानों का सर्वे तय समय तक पूरा नहीं होगा, उन्हें भविष्य में फसल बीमा और आपदा राहत जैसी योजनाओं में परेशानी हो सकती है। ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण

सरकार की अपील

महाराष्ट्र सरकार और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ई-फसल सर्वे पूरा कराएं। खासतौर पर वे किसान जो अब तक तकनीकी कारणों से सर्वे नहीं करा पाए थे, वे इस ऑफलाइन सुविधा का पूरा लाभ उठाएं।

निष्कर्ष

ई-फसल सर्वे के ऑफलाइन पंजीकरण की तारीख बढ़ाना महाराष्ट्र सरकार का एक किसान-हितैषी फैसला है। इससे छोटे, सीमांत और तकनीकी रूप से कमजोर किसान भी सरकारी योजनाओं से जुड़ सकेंगे। किसानों को चाहिए कि वे 15 जनवरी से पहले अपने नजदीकी कृषि अधिकारी या ग्राम सेवक से संपर्क कर ई-फसल सर्वे अनिवार्य रूप से पूरा करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता से वंचित न रहना पड़े। ई-फसल सर्वे का ऑफलाइन पंजीकरण |

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