Bajra Ki Top 5 Variety : भारत में बाजरा (Pearl Millet) एक प्रमुख मोटा अनाज फसल है, जिसे कम पानी और कम लागत में आसानी से उगाया जा सकता है। विशेष तौर पर राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बाजरे की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। बदलते मौसम और पानी की कमी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने बाजरे की कई उन्नत किस्में विकसित की हैं, जो कम लागत में अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ सूखा और रोगों को भी आसानी से सहन कर सकती हैं।
आज के समय में किसान पारंपरिक किस्मों की बजाय उन्नत और हाईब्रिड बाजरा किस्मों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ये उन्नत किस्में कम समय में तैयार होने, अधिक पैदावार देने और बाजार में अच्छा भाव मिलने के कारण किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही हैं। आइए जानते हैं बाजरे की टॉप 5 उन्नत किस्मों के बारे में। Bajra Ki Top 5 Variety

RHB-177 बाजरा किस्म
RHB-177 राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय बाजरा किस्म मानी जाती है। यह किस्म कम वर्षा वाले इलाकों के लिए उपयुक्त है और सूखा सहन करने की क्षमता रखती है। इसके पौधे मजबूत होते हैं और फसल गिरने की संभावना कम रहती है।
यह किस्म लगभग 75 से 80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। किसान इससे अच्छी गुणवत्ता वाला अनाज और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा दोनों प्राप्त कर सकते हैं। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मानी जाती है। Bajra Ki Top 5 Variety
HHB-67 Improved बाजरा किस्म
HHB-67 Improved बाजरे की सबसे लोकप्रिय हाईब्रिड किस्मों में से एक है। यह जल्दी पकने वाली किस्म है और कम पानी में भी अच्छा उत्पादन देती है। यही कारण है कि यह किस्म राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस किस्म में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है और यह लगभग 65 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है। किसान इससे लगभग 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। Bajra Ki Top 5 Variety
RHB-173 बाजरा किस्म
RHB-173 बाजरा किस्म को सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है। इसके पौधे मजबूत और लंबे होते हैं, जिससे पशुओं के लिए अच्छा हरा चारा भी प्राप्त होता है। यह किस्म कम सिंचाई में भी बेहतर प्रदर्शन करती है और लगभग 80 से 85 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 22 से 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मानी जाती है। Bajra Ki Top 5 Variety
ICTP-8203 बाजरा किस्म
ICTP-8203 बाजरे की उन्नत और उच्च उत्पादन देने वाली किस्मों में शामिल है। यह किस्म गर्म और शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसके दाने आकार में बड़े और गुणवत्ता में बेहतर होते हैं। इस किस्म की खासियत यह है कि यह कम लागत में अधिक उत्पादन देती है। किसान इससे लगभग 20 से 27 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही यह किस्म रोगों के प्रति भी काफी सहनशील मानी जाती है। Bajra Ki Top 5 Variety
RHB-121 बाजरा किस्म
RHB-121 बाजरे की एक उन्नत किस्म है, जिसे कम अवधि और अधिक उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह किस्म लगभग 70 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है और कम पानी वाले क्षेत्रों में भी अच्छी पैदावार देती है। इस किस्म में दानों की गुणवत्ता अच्छी होती है और बाजार में इसका अच्छा भाव मिलता है। किसान इससे बेहतर अनाज उत्पादन के साथ-साथ पशुओं के लिए पर्याप्त चारा भी प्राप्त कर सकते हैं। Bajra Ki Top 5 Variety
RHB-273 बाजरा किस्म: देश की पहली थ्री-वे हाइब्रिड वैरायटी
RHB-273 बाजरे की नवीनतम और उन्नत किस्मों में शामिल है, जिसे राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI) ने ICRISAT के सहयोग से विकसित किया है। यह देश की पहली ‘थ्री-वे हाइब्रिड’ बाजरा किस्म मानी जा रही है। इस किस्म को विशेष रूप से कम वर्षा, सूखा प्रभावित और गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह 400 मिमी से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी अच्छा उत्पादन देने की क्षमता रखती है। Bajra Ki Top 5 Variety
RHB-273 किस्म लगभग 75 से 76 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को कम समय में फसल प्राप्त होती है। वैज्ञानिक परीक्षणों के अनुसार यह किस्म औसतन 23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक अनाज उत्पादन और लगभग 48 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पौष्टिक चारा दे सकती है। इसके अलावा इसमें डाउनी मिल्ड्यू और अर्गट जैसे प्रमुख रोगों के प्रति बेहतर प्रतिरोधक क्षमता पाई गई है। कम लागत, कम पानी की आवश्यकता और बेहतर उत्पादन क्षमता के कारण RHB-273 को भविष्य की बाजरा खेती के लिए एक गेम चेंजर किस्म माना जा रहा है। Bajra Ki Top 5 Variety
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बाजरे की उन्नत किस्में किसानों के लिए क्यों हैं फायदेमंद?
आज के समय में जलवायु परिवर्तन और घटते जल स्तर के कारण किसानों को ऐसी फसलों की आवश्यकता है, जो कम पानी में अधिक उत्पादन दे सकें। बाजरे की उन्नत किस्में इसी दिशा में किसानों के लिए बेहतर विकल्प बनकर सामने आई हैं।
इन किस्मों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें कम लागत लगती है, रोग कम लगते हैं और उत्पादन अधिक मिलता है। इसके अलावा बाजरा पोषण से भरपूर अनाज माना जाता है, जिसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसान उन्नत बाजरा किस्मों की खेती करके कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। Bajra Ki Top 5 Variety
निष्कर्ष
बाजरे की उन्नत किस्में आज के समय में किसानों के लिए बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे का मजबूत विकल्प बनकर सामने आई हैं। HHB-67 Improved, RHB-177, RHB-173, ICTP-8203, RHB-121 और नई RHB-273 जैसी उन्नत किस्में कम पानी, कम लागत और प्रतिकूल मौसम में भी अच्छी पैदावार देने की क्षमता रखती हैं। इन किस्मों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने के कारण किसानों का खेती खर्च भी कम होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसान अपनी जलवायु और मिट्टी के अनुसार सही बाजरा किस्म का चयन करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। खासतौर पर नई थ्री-वे हाइब्रिड किस्म RHB-273 भविष्य की बाजरा खेती के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है, जो किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Bajra Ki Top 5 Variety
