Urad Ki Top 5 Variety : खरीफ सीजन में किसान ऐसी फसलों की तलाश में रहते हैं, जिनमें कम लागत, कम पानी और कम मेहनत में अच्छा मुनाफा मिल सके। ऐसे में उड़द (Urad) किसानों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां पानी की कमी के कारण धान की खेती करना मुश्किल होता है, वहां उड़द की खेती किसानों को अच्छा उत्पादन और बेहतर कमाई दे सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार उड़द की खेती खरीफ और जायद दोनों सीजन में आसानी से की जा सकती है। खरीफ सीजन में इसकी बुवाई का सही समय जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक माना जाता है। वर्तमान समय में बाजार में दालों की बढ़ती कीमतों के कारण किसान उड़द की उन्नत किस्मों की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आइए जानते हैं उड़द की 5 ऐसी उन्नत किस्मों के बारे में, जो कम समय में अधिक उत्पादन देने की क्षमता रखती हैं। Urad Ki Top 5 Variety
इंदिरा उड़द-1 किस्म देगी बेहतर उत्पादन
इंदिरा उड़द-1 खरीफ सीजन की एक उन्नत किस्म मानी जाती है। यह किस्म कम समय में तैयार होने और अच्छी उपज देने के लिए किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लगभग 70 से 75 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार किसान इस किस्म से प्रति हेक्टेयर 12 से 13 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। कम अवधि और अच्छी पैदावार के कारण यह किस्म किसानों के लिए लाभदायक मानी जाती है। Urad Ki Top 5 Variety
पंत उड़द-31 किस्म पीला मोजेक रोग के प्रति सहनशील
पंत उड़द-31 उड़द की एक उन्नत और रोग प्रतिरोधी किस्म है। यह किस्म पीला मोजेक रोग के प्रति काफी सहनशील मानी जाती है, जिससे किसानों को फसल नुकसान का खतरा कम रहता है। इस किस्म की खेती खरीफ और जायद दोनों सीजन में की जा सकती है। यह लगभग 65 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 12 से 15 क्विंटल तक उत्पादन देने की क्षमता रखती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उत्पादन के कारण यह किस्म किसानों के लिए बेहतर विकल्प मानी जा रही है। Urad Ki Top 5 Variety
प्रताप उड़द किस्म से मिलेगा अच्छा मुनाफा
प्रताप उड़द किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। बाजार में दालों की बढ़ती कीमतों के कारण किसान अब उड़द की खेती पर अधिक ध्यान दे रहे हैं और प्रताप उड़द इसमें अच्छा विकल्प साबित हो रही है। यह किस्म लगभग 70 से 75 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 10 से 11 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मानी जाती है। कम लागत और बेहतर बाजार भाव के कारण किसान इस किस्म से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। Urad Ki Top 5 Variety
मुकुंद उड़द किस्म देगी 15 प्रतिशत ज्यादा उत्पादन
मुकुंद उड़द किस्म को कृषि विश्वविद्यालय कोटा द्वारा विकसित किया गया है। यह किस्म अन्य किस्मों की तुलना में लगभग 10 से 15 प्रतिशत अधिक उत्पादन देने की क्षमता रखती है। इसके दाने मोटे, चमकदार और बाजार में अधिक पसंद किए जाते हैं। यह किस्म लगभग 70 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है और किसान इससे प्रति हेक्टेयर लगभग 15 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। अधिक उत्पादन क्षमता के कारण यह किस्म किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है। Urad Ki Top 5 Variety
आईपीयू 11-02 उड़द किस्म की विशेषताएं
आईपीयू 11-02 उड़द की उन्नत किस्मों में शामिल है। यह किस्म लगभग 70 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और कम अवधि में बेहतर उत्पादन देने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर 10 से 15 किलोग्राम बीज पर्याप्त माना जाता है। किसान इससे लगभग 10 से 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। कम लागत और जल्दी तैयार होने के कारण यह किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। Urad Ki Top 5 Variety
ये भी देखें : उड़द की उन्नत खेती कैसे करें ? बुवाई से कटाई तक की पूरी जानकारी
उड़द की खेती किसानों के लिए क्यों है फायदेमंद?
उड़द की खेती कम पानी और कम लागत में अच्छी कमाई देने वाली फसल मानी जाती है। इसमें धान जैसी ज्यादा मेहनत और सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। यही वजह है कि जल संकट वाले क्षेत्रों में किसान तेजी से उड़द की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उन्नत किस्मों का चयन करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, तो कम समय में अच्छा उत्पादन और बेहतर मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। बढ़ती बाजार मांग और दालों के अच्छे भाव को देखते हुए उड़द की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Urad Ki Top 5 Variety
निष्कर्ष
आज के समय में उड़द की उन्नत किस्में किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला बेहतर विकल्प बन चुकी हैं। इंदिरा उड़द-1, पंत उड़द-31, प्रताप उड़द, मुकुंद और आईपीयू 11-02 जैसी किस्में कम समय में तैयार होकर अच्छा उत्पादन देती हैं। यदि किसान सही किस्म का चयन कर वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, तो 70 से 80 दिनों में शानदार उत्पादन और बेहतर कमाई हासिल की जा सकती है। Urad Ki Top 5 Variety
