नेट हाउस फार्मिंग से हर सीजन 4 लाख मुनाफा ले रहे शिवेंद्र, ऑफ सीजन फसलों ने बनाया करोड़पति Young Farmer Success Story

नेट हाउस फार्मिंग से हर सीजन 4 लाख मुनाफा ले रहे शिवेंद्र, ऑफ सीजन फसलों ने बनाया करोड़पति Young Farmer Success Story

Young Farmer Success Story शिवेंद्र सिंह सेंगर ने पारंपरिक नौकरी की राह छोड़कर खेती में कुछ नया करने का फैसला किया, जो उनके लिए बेहद सफल साबित हुआ। शिवेंद्र के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2023 में 6 एकड़ जमीन खरीदी और उस पर ऑफ-सीजन सब्जियों की खेती शुरू की। आज वे इसी आधुनिक खेती के जरिए अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं। Young Farmer Success Story

कभी आईटी सेक्टर में ऊंचे पद पर कार्यरत रहे और आकर्षक सालाना पैकेज पाने वाले शिवेंद्र सिंह सेंगर ने खेती को अपना कर एक नई मिसाल कायम की है। कोविड-19 के दौरान पुणे से जबलपुर लौटने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट करियर को छोड़ कृषि क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने का फैसला किया। आज वे सिहोरा क्षेत्र के ग्राम आश्रम में आधुनिक नेट हाउस फार्मिंग के जरिए अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं और कई किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। Young Farmer Success Story

नेट हाउस में ऑफ-सीजन सब्जियों की खेती कर शिवेंद्र बाजार में बेहतर दाम प्राप्त कर रहे हैं। मध्य प्रदेश कृषि विभाग के मुताबिक, उन्होंने नौकरी के बजाय खेती में नवाचार का रास्ता चुना और उनकी यह सोच सफल साबित हुई। शिवेंद्र बताते हैं कि वर्ष 2023 में उन्होंने सिहोरा के निकट ग्राम आश्रम में करीब 6 एकड़ भूमि खरीदी थी। शुरुआती दौर में उन्होंने डेयरी और पारंपरिक खेती की, लेकिन बेहतर परिणामों की तलाश में जल्द ही आधुनिक तकनीक आधारित खेती को अपनाकर नई दिशा में कदम बढ़ाया।

ऑफ-सीजन फसलों से हर साल लाखों की कमाई

शिवेंद्र सिंह सेंगर वर्तमान में अपने एक एकड़ नेट हाउस में सालभर तीन ऑफ-सीजन फसलें उगा रहे हैं। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन की बदौलत उन्हें प्रत्येक फसल चक्र से लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा प्राप्त होता है। इस तरह केवल एक एकड़ नेट हाउस से उनकी वार्षिक आय 10 से 12 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। ऑफ-सीजन में बाजार में सब्जियों की मांग अधिक और आपूर्ति कम होने के कारण उन्हें अपनी उपज के बेहतर दाम मिलते हैं, जिससे लाभ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है।

नेट हाउस के अलावा उनकी शेष पांच एकड़ भूमि पर भी मौसमी सब्जियों और अन्य फसलों की खेती की जाती है, जिससे उनकी कुल कृषि आय में और वृद्धि होती है। आधुनिक खेती के सफल प्रयोगों की बदौलत शिवेंद्र आज क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों में गिने जाते हैं और खेती से मजबूत आर्थिक स्थिति बनाने में सफल हुए हैं। Young Farmer Success Story

शिवेंद्र बताते हैं कि पुणे में नौकरी के दौरान उन्होंने कई किसानों को नेट हाउस तकनीक के माध्यम से मौसम के विपरीत भी उच्च गुणवत्ता वाली फसलें उगाते देखा था। किसानों को सीमित भूमि में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमाते देख उनके मन में भी आधुनिक खेती को अपनाने का विचार आया। यही अनुभव बाद में उनके लिए प्रेरणा बना और उन्होंने पारंपरिक खेती के बजाय तकनीक आधारित कृषि मॉडल को चुना। आज उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही योजना, नई तकनीक और मेहनत के दम पर खेती को भी लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

उद्यानिकी विभाग की मदद से लगाया आधुनिक नेट हाउस

जबलपुर लौटने के बाद शिवेंद्र सिंह सेंगर ने आधुनिक खेती को अपनाने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क कर नेट हाउस फार्मिंग की तकनीक, फसल प्रबंधन और उपलब्ध सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विभागीय मार्गदर्शन और तकनीकी सलाह के बाद उन्होंने एक एकड़ क्षेत्र में करीब 28.50 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक नेट हाउस स्थापित किया। Young Farmer Success Story

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इस परियोजना के लिए उन्हें केंद्र सरकार की एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) योजना के तहत बड़ी आर्थिक सहायता मिली। उद्यानिकी विभाग की ओर से उन्हें 14.25 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई, जिससे नेट हाउस स्थापना की लागत का बड़ा हिस्सा कम हो गया। इसके अलावा खेती की शुरुआत को आसान बनाने के लिए पहले वर्ष बीज, पौध सामग्री और अन्य कृषि कार्यों हेतु लगभग 3 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई गई। Young Farmer Success Story

शिवेंद्र का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी योजनाओं का सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो इतनी बड़ी परियोजना शुरू करना आसान नहीं था। आज यही नेट हाउस उनकी आय का प्रमुख स्रोत बन चुका है और आधुनिक कृषि तकनीकों की मदद से वे हर सीजन में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा हासिल कर रहे हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर किसान कम भूमि में भी खेती को लाभदायक व्यवसाय में बदल सकते हैं।

नेट हाउस में उगा रहे हैं शिमला मिर्च, गेंदा और खीरे की उन्नत हाइब्रिड किस्में

प्रगतिशील किसान शिवेंद्र सिंह सेंगर बताते हैं कि ऑफ-सीजन खेती में हाइब्रिड बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन बीजों की कीमत सामान्य बीजों की तुलना में काफी अधिक होती है। जहां पारंपरिक बीज अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं, वहीं उन्नत हाइब्रिड बीजों की कीमत कई गुना ज्यादा हो सकती है। हालांकि शुरुआती लागत अधिक होने के बावजूद इन बीजों से बेहतर उत्पादन, उच्च गुणवत्ता वाली उपज और रोगों के प्रति बेहतर प्रतिरोध क्षमता मिलती है, जिससे किसानों को अंततः अधिक मुनाफा प्राप्त होता है।

शिवेंद्र ने अपने नेट हाउस में सबसे पहले कैप्सिकम (शिमला मिर्च) की खेती शुरू की थी, जिसे बाजार से अच्छा प्रतिसाद मिला। इसके बाद उन्होंने गेंदा फूल और खीरे जैसी लाभकारी फसलों का उत्पादन किया। नियंत्रित वातावरण में उगाई गई इन फसलों की गुणवत्ता बेहतर रहने के कारण उन्हें बाजार में अच्छे दाम भी मिले। Young Farmer Success Story

वर्तमान समय में उनके नेट हाउस में खीरे की उन्नत हाइब्रिड किस्म की खेती की जा रही है। इस किस्म के खीरे की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है, जिससे उनकी आय में स्थिरता बनी हुई है। शिवेंद्र का मानना है कि आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण हाइब्रिड बीजों के सही उपयोग से किसान कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन लेकर अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं।

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क्षेत्र के किसानों के लिए बने मिसाल

शिवेंद्र सिंह सेंगर बताते हैं कि जब उन्होंने नेट हाउस फार्मिंग की शुरुआत की थी, तब उनके जिले में इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों की संख्या बेहद कम थी। शुरुआत में कई लोगों को इस मॉडल की सफलता पर संदेह था, लेकिन लगातार अच्छे उत्पादन और बेहतर मुनाफे ने उनकी सोच बदल दी। आज उनकी सफलता को देखकर आसपास के कई किसान भी आधुनिक खेती की ओर आकर्षित हुए हैं।

शिवेंद्र की उपलब्धियों से प्रेरित होकर जिले के तीन से चार किसानों ने भी नेट हाउस फार्मिंग शुरू की है। इन किसानों को भी नियंत्रित वातावरण में खेती करने से बेहतर उत्पादन और अच्छी आय प्राप्त हो रही है। इससे क्षेत्र में आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

शिवेंद्र का मानना है कि खेती में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही तकनीक, वैज्ञानिक सोच और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग भी जरूरी है। उन्होंने आधुनिक तकनीक, नवाचार और सरकारी सहायता का लाभ उठाकर यह साबित कर दिया है कि कृषि क्षेत्र में भी बेहतर करियर और मजबूत आर्थिक भविष्य बनाया जा सकता है। उनकी सफलता की कहानी आज न केवल किसानों बल्कि खेती में भविष्य तलाश रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। Young Farmer Success Story

निष्कर्ष

शिवेंद्र सिंह सेंगर की सफलता यह साबित करती है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करके कृषि को बेहद लाभदायक बनाया जा सकता है। आईटी सेक्टर की आकर्षक नौकरी छोड़कर उन्होंने नेट हाउस फार्मिंग को अपनाया और आज ऑफ-सीजन फसलों की खेती से लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल किसानों बल्कि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो खेती को एक सफल और सम्मानजनक व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं। सही योजना, नवाचार और मेहनत के साथ खेती भी बेहतर भविष्य और आर्थिक समृद्धि का मजबूत माध्यम बन सकती है।

Vinita Rathore is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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