गोद में 4 महीने की बेटी और पति की मौत, ₹500 से शुरू किया काम, आज कमा रही हैं 75 लाख रुपये सालाना Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

गोद में 4 महीने की बेटी और पति की मौत, ₹500 से शुरू किया काम, आज कमा रही हैं 75 लाख रुपये सालाना Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam : भारत में महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। असम के नलबारी जिले की रहने वाली कनिका तालुकदार भी ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला हैं, जिन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया और सिर्फ 500 रुपये की छोटी सी पूंजी से शुरुआत करके आज 75 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाला सफल ऑर्गेनिक बिजनेस खड़ा कर दिया। उनकी सफलता की कहानी उन लाखों महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखने का साहस रखते हैं।

कौन हैं कनिका तालुकदार?

कनिका तालुकदार असम के नलबारी जिले की निवासी हैं। उन्होंने केवल 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 2008 में एक सड़क दुर्घटना में उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद उनके सामने अपनी चार महीने की बेटी की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारी का बड़ा संकट खड़ा हो गया। हालांकि, उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना। आज कनिका ‘जयातु ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स’ (Jayatu Organic Products) नामक सफल उद्यम की संस्थापक हैं, जो वर्मीकम्पोस्ट, जैविक कीटनाशक और गोबर से बनी अगरबत्तियों का उत्पादन करती है।

500 रुपये से शुरू हुआ सफलता का सफर

पति की मृत्यु के बाद कनिका कई वर्षों तक घरेलू कार्यों में व्यस्त रहीं। लेकिन आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने के लिए उन्होंने वर्ष 2014 में एक स्वयं सहायता समूह (Self Help Group-SHG) से जुड़ने का निर्णय किया। यहां उन्हें ‘जीविका सखी’ के रूप में काम करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें व्यवसाय और समूह प्रबंधन की बुनियादी समझ मिली। इसी दौरान उन्होंने नलबारी के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) का दौरा किया, जहां कृषि विशेषज्ञ डॉ. मानोषी चक्रवर्ती से वर्मीकम्पोस्ट बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने माता-पिता के घर के पीछे खाली जगह में केवल 500 रुपये की लागत से वर्मीकम्पोस्ट बनाना शुरू किया। शुरुआती दिनों में पूंजी की कमी के कारण उन्होंने घर के आसपास उपलब्ध जैविक कचरे, सूखे पत्तों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके पहला उत्पादन तैयार किया। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

शुरुआती दौर में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

कनिका के लिए शुरुआत आसान नहीं थी। उस समय उनके क्षेत्र के अधिकांश किसानों को वर्मीकम्पोस्ट और जैविक खेती के लाभों की जानकारी नहीं थी। लोगों को रासायनिक उर्वरकों की आदत थी, इसलिए वे उनके उत्पाद खरीदने में रुचि नहीं दिखाते थे। लेकिन कनिका ने हार नहीं मानी। उन्होंने किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया, व्यक्तिगत रूप से उनसे मुलाकात की और जैविक खाद के लाभ समझाए। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय रेडियो कार्यक्रमों में भाग लेकर भी लोगों को जैविक खेती के प्रति जागरूक किया। उनकी लगातार मेहनत और विश्वास का परिणाम यह हुआ कि धीरे-धीरे किसानों का भरोसा बढ़ने लगा और उनके उत्पादों की मांग बढ़ती गई।

‘जयातु ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स’ की स्थापना

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वर्ष 2017 में कनिका तालुकदार ने आधिकारिक रूप से ‘जयातु ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स’ ब्रांड की स्थापना की। उनका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पाद उपलब्ध कराना और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना था। शुरुआत में कंपनी केवल वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन करती थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने उत्पादों की श्रृंखला का विस्तार किया। आज उनकी कंपनी निम्नलिखित उत्पादों का निर्माण करती है:

  • वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद)
  • जैविक कीटनाशक
  • गोमय अगरबत्ती (गोबर से बनी अगरबत्ती)
  • केमिकल-मुक्त ऑर्गेनिक उत्पाद

सरकारी सहायता ने बदली कारोबार की तस्वीर

कनिका के व्यवसाय को वास्तविक गति वर्ष 2019 में मिली, जब जिला उद्योग केंद्र (DIC) ने उनके ब्रांड को बढ़ावा देने और बाजार विस्तार में सहायता प्रदान की। सरकारी सहयोग की मदद से उन्होंने अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे:

पर उपलब्ध कराया। विशेष रूप से GeM पोर्टल पर पंजीकरण होने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों से नियमित और बड़े ऑर्डर मिलने लगे, जिससे उनकी आय में तेजी से वृद्धि हुई। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

27.50 लाख रुपये का बिजनेस ग्रांट मिला

कनिका की मेहनत और नवाचार को देखते हुए कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्हें निम्न संस्थाओं से कुल 27.50 लाख रुपये का बिजनेस ग्रांट प्राप्त हुआ:

  • असम कृषि विश्वविद्यालय का NEED Hub
  • IIM कलकत्ता
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक रूपांतरण परियोजना (NRETP)

इस वित्तीय सहायता की बदौलत उन्होंने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाई और नए उत्पादों को बाजार में उतारा। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

ICAR राष्ट्रीय पुरस्कार से हुई सम्मानित

कनिका तालुकदार की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। वर्ष 2019 में उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें जैविक खेती को बढ़ावा देने, ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने और सफल कृषि उद्यम स्थापित करने के लिए प्रदान किया गया। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

हर महीने 70 टन वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन

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आज कनिका अपनी लगभग 1.5 बीघा जमीन पर पूरी उत्पादन इकाई का संचालन कर रही हैं। उत्पादन के लिए वह गोबर, जलकुंभी, केले के पत्तों और अन्य जैविक पदार्थों का उपयोग करती हैं। उनकी यूनिट में वर्तमान समय में हर महीने लगभग 70 टन वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन किया जाता है। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

यह उत्पाद निम्न ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है:

  • नर्सरियां
  • कृषि इनपुट स्टोर
  • बागवानी व्यवसाय
  • सीधे किसान
  • D2C (Direct-to-Customer) ग्राहक Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

कैसे करती हैं लाखों रुपये की कमाई?

कनिका ने अपने उत्पादों के लिए एक प्रभावी मूल्य निर्धारण मॉडल अपनाया है।

  • थोक वर्मीकम्पोस्ट: लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम
  • रिटेल पैक: 150 रुपये तक

थोक और खुदरा दोनों बाजारों में मजबूत उपस्थिति के कारण उनके व्यवसाय का सालाना टर्नओवर 70 से 75 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

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कनिका तालुकदार केवल एक सफल उद्यमी ही नहीं बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि सीमित शिक्षा और संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और सही दिशा में प्रयास करके बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनका उद्देश्य आने वाले वर्षों में:

  • उत्पादन क्षमता बढ़ाना
  • ऑनलाइन बिक्री मजबूत करना
  • ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देना
  • अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़ना है।

निष्कर्ष

असम की कनिका तालुकदार की सफलता की कहानी बताती है कि यदि आत्मविश्वास, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो छोटी शुरुआत भी बड़े मुकाम तक पहुंच सकती है। केवल 500 रुपये से शुरू किया गया उनका वर्मीकम्पोस्ट व्यवसाय आज 75 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाला सफल ऑर्गेनिक ब्रांड बन चुका है। उनकी यह यात्रा देशभर के किसानों, महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा का उत्कृष्ट उदाहरण है। Success Story Of Kanika Talukdar Vermicompost Business In Assam

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