इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन का तीसरा दिन: खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर 20 देशों के प्रतिनिधियों का मंथन Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन का तीसरा दिन: खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर 20 देशों के प्रतिनिधियों का मंथन Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

Indore BRICS Krishi Sammelan 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन का गुरुवार को तीसरा दिन रहा। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों और सहयोगी राष्ट्रों सहित करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्माता और कृषि विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना, कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान खोजना और किसानों की आय बढ़ाने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। इंदौर में हो रहा यह आयोजन भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सम्मेलन के माध्यम से भारत न केवल अपनी कृषि उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि वैश्विक कृषि चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

इंदौर बना वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

BRICS Agriculture Ministers Meeting Indore 2026 ने इंदौर को वैश्विक कृषि संवाद का प्रमुख केंद्र बना दिया है। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित BRICS देशों के प्रतिनिधियों के अलावा कई सहयोगी देशों के मंत्री और अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन, कृषि नवाचार और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है।

संयुक्त घोषणा-पत्र पर जारी है चर्चा

सम्मेलन के तीसरे दिन संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration) को लेकर कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र से जुड़े साझा मुद्दों और संभावित समाधानों पर चर्चा कर रहे हैं। यह घोषणा-पत्र भविष्य में BRICS देशों के बीच कृषि सहयोग, अनुसंधान, तकनीकी आदान-प्रदान और खाद्य सुरक्षा संबंधी रणनीतियों का आधार बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दस्तावेज का प्रभाव केवल BRICS देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक कृषि नीतियों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

खाद्य सुरक्षा और पोषण पर विशेष फोकस

सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा (Food Security) को सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया गया है। दुनिया की बढ़ती आबादी और बदलते जलवायु हालात के बीच पर्याप्त खाद्य उत्पादन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। प्रतिनिधि इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कृषि उत्पादन बढ़ाने, खाद्य हानि कम करने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं। कई देशों ने अपने सफल कृषि मॉडल और तकनीकी अनुभव भी साझा किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में खाद्य सुरक्षा वैश्विक नीति निर्माण का प्रमुख विषय बनने जा रही है और BRICS देशों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण होगी।

किसानों की आय बढ़ाने पर हो रहा मंथन

सम्मेलन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उत्पादन बढ़ाने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होगी, बल्कि उन्हें बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक और मूल्य संवर्धन की सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण, ई-मार्केटिंग, स्मार्ट खेती, ड्रोन तकनीक और सटीक कृषि (Precision Farming) जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। इन तकनीकों के माध्यम से लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के उपाय तलाशे जा रहे हैं। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ खेती पर विशेष चर्चा

जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और बढ़ते तापमान का सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में Climate Smart Agriculture और Sustainable Farming पर विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। प्रतिनिधि जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि टिकाऊ कृषि मॉडल ही भविष्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

कृषि व्यापार और वैश्विक सहयोग पर जोर

BRICS देशों के बीच कृषि व्यापार बढ़ाने पर भी सम्मेलन में विशेष चर्चा की जा रही है। सदस्य देशों का मानना है कि कृषि उत्पादों के निर्यात और आयात को सरल बनाकर किसानों और कृषि उद्योग को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा कृषि अनुसंधान, बीज विकास, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

12 जून को होगा कृषि मंत्रियों का विशेष संवाद

सम्मेलन के चौथे दिन यानी 12 जून को कृषि मंत्रियों का विशेष संवाद आयोजित होगा। इस वर्ष संवाद का विषय “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” रखा गया है। इस सत्र में छोटे किसानों की चुनौतियों, कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और डिजिटल कृषि तकनीकों के उपयोग पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की कृषि व्यवस्था में महिलाओं और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

13 जून को होगी BRICS कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक

सम्मेलन के अंतिम दिन 13 जून को BRICS कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत करने, खाद्य हानि कम करने, कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक के समापन पर एक साझा दस्तावेज जारी किया जा सकता है, जिसमें सदस्य देशों की सहमति से तैयार की गई सिफारिशें और भविष्य की कार्ययोजना शामिल होगी। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

बनेगी ‘ब्रिक्स वाटिका’, दिया जाएगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने के लिए विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ विकसित की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि सामूहिक पौधारोपण करेंगे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जैव विविधता को बढ़ावा देने का प्रतीक मानी जा रही है। आयोजकों के अनुसार यह वाटिका आने वाले वर्षों तक BRICS देशों की साझी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी रहेगी। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

मध्य प्रदेश को मिलेगा वैश्विक मंच

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन मध्य प्रदेश के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन नहीं बल्कि वैश्विक निवेश और कृषि विकास का बड़ा अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश की कृषि क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कृषि निर्यात, एग्री-टेक स्टार्टअप्स और निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे भविष्य में प्रदेश में कृषि क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन?

BRICS कृषि सम्मेलन में होने वाली चर्चाएं और लिए जाने वाले निर्णय भविष्य में कृषि नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। इससे किसानों को नई तकनीक, बेहतर बाजार, उन्नत कृषि मॉडल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सम्मेलन में सुझाए गए उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया जाता है तो इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सुधार देखने को मिल सकता है। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

निष्कर्ष

इंदौर में आयोजित BRICS Agriculture Ministers Meeting Indore 2026 वैश्विक कृषि सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती, कृषि व्यापार, जलवायु परिवर्तन और किसानों की आय जैसे विषयों पर हो रहा यह मंथन भविष्य की कृषि नीतियों को नई दिशा दे सकता है। साथ ही यह सम्मेलन मध्य प्रदेश और भारत को वैश्विक कृषि मंच पर मजबूत पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Indore BRICS Krishi Sammelan 2026

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