Agriculture Budget India 2026: केंद्र सरकार ने दावा किया है कि पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का बजट लगभग पांच गुना बढ़ाया गया है। सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कृषि मंत्रालय का बजट 1.40 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2013-14 में यह बजट केवल 27,663 करोड़ रुपये था। सरकार का कहना है कि बढ़े हुए बजट का उपयोग किसानों को आर्थिक सहायता, उन्नत तकनीक, फसल सुरक्षा, कृषि अनुसंधान और आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए किया गया है।
12 वर्षों में कृषि क्षेत्र को मिली नई दिशा Agriculture Budget India 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर जारी ‘जनसेवा ही संकल्प’ पुस्तिका में कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। सरकार के अनुसार पिछले 12 वर्षों में कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना रहा है। सरकार का दावा है कि कृषि क्षेत्र में हुए निवेश का सकारात्मक प्रभाव उत्पादन, निर्यात और किसानों की आय पर देखने को मिला है। Agriculture Budget India 2026
कृषि बजट 27 हजार करोड़ से बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013-14 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का बजट 27,663 करोड़ रुपये था। इसे लगातार बढ़ाते हुए 2026-27 में 1.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र में बढ़ते निवेश से अनुसंधान, सिंचाई, तकनीकी विकास, कृषि अवसंरचना और किसान कल्याण योजनाओं को गति मिली है। इससे कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
3,000 जलवायु-अनुकूल फसल किस्में विकसित की गईं
बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2014 से 2025 के बीच लगभग 3,000 क्लाइमेट-रेजिलिएंट यानी जलवायु-अनुकूल फसल किस्में विकसित और जारी करने का दावा किया है। इन नई किस्मों को सूखा, अधिक तापमान, अनियमित वर्षा और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार किया गया है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी किस्में भविष्य में खाद्य सुरक्षा और स्थिर उत्पादन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को मिला लाभ
सरकार के अनुसार किसानों को संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग करने के लिए अब तक लगभग 26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों को उनकी जमीन की पोषक स्थिति की जानकारी दी जाती है। इससे किसान जरूरत के अनुसार उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं, जिससे लागत कम होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है। Agriculture Budget India 2026
PM-KISAN के तहत किसानों को मिले 4.3 लाख करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना सरकार की सबसे बड़ी किसान सहायता योजनाओं में शामिल है। फरवरी 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है। सरकार के अनुसार अब तक किसानों के बैंक खातों में 4.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। इस योजना से करोड़ों किसानों को खेती और घरेलू आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता मिली है। Agriculture Budget India 2026
खाद सब्सिडी में हुआ बड़ा इजाफा
सरकार का कहना है कि किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए खाद सब्सिडी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्ष 2014-15 में खाद सब्सिडी का बजट लगभग 75 हजार करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2024-25 में 2.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है। इससे किसानों पर खेती की लागत का बोझ कम करने में मदद मिली है। Agriculture Budget India 2026
यूरिया पर किसानों को मिल रही 90 प्रतिशत तक सब्सिडी
केंद्र सरकार के अनुसार किसानों को यूरिया पर लगभग 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। वर्तमान में किसान 45 किलो की एक बोरी यूरिया मात्र 266 रुपये में खरीद पा रहे हैं, जबकि इसकी वास्तविक लागत लगभग 2,200 रुपये प्रति बोरी बताई गई है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण किसानों को खेती की लागत कम रखने में मदद मिली है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है। Agriculture Budget India 2026
MSP पर 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद
सरकार ने दावा किया है कि पिछले 12 वर्षों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मुख्य रूप से गेहूं और धान की 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खरीद की गई है। MSP व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बाजार में होने वाले मूल्य उतार-चढ़ाव से बचाना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। सरकार के अनुसार इससे करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिला है। Agriculture Budget India 2026
खाद्यान्न उत्पादन ने बनाया नया रिकॉर्ड
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3,577 लाख टन तक पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बीज, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के संयुक्त प्रभाव से कृषि उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। Agriculture Budget India 2026
कृषि निर्यात में भी हुई उल्लेखनीय वृद्धि
भारत का कृषि निर्यात भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। सरकार के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में कृषि निर्यात का कुल मूल्य लगभग 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा वर्ष 2013-14 की तुलना में लगभग 37 प्रतिशत अधिक बताया गया है। बढ़ते निर्यात से किसानों और कृषि आधारित उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए अवसर प्राप्त हुए हैं। Agriculture Budget India 2026
जैविक खेती और डिजिटल कृषि को मिला बढ़ावा
सरकार ने कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि और स्मार्ट फार्मिंग जैसी पहलों को भी प्रोत्साहित किया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, कृषि ऐप, ड्रोन तकनीक, रिमोट सेंसिंग और डेटा आधारित खेती जैसी तकनीकों को बढ़ावा देकर किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। Agriculture Budget India 2026
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फसल बीमा योजना से किसानों को सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान से सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार के अनुसार इस योजना के लाभार्थियों में लगभग 63 प्रतिशत किसान अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आते हैं। इससे कमजोर वर्गों के किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिली है। Agriculture Budget India 2026
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना रहा है। कृषि बजट में वृद्धि, PM-KISAN, MSP खरीद, खाद सब्सिडी, फसल बीमा, जैविक खेती और कृषि निर्यात जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। Agriculture Budget India 2026
निष्कर्ष
केंद्र सरकार के अनुसार पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कृषि बजट 5 गुना बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। PM-KISAN के तहत 4.3 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ, 26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 3,000 जलवायु-अनुकूल फसल किस्में, 2.21 लाख करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी और रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन जैसी उपलब्धियों को सरकार कृषि क्षेत्र की बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रही है। आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र को और अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने पर सरकार का फोकस रहने की संभावना है। Agriculture Budget India 2026
