EL-Nino Impact: अल नीनो का डेयरी सेक्टर पर बड़ा असर, घट सकता है दूध उत्पादन, जानिए पशुओं की सही खुराक और बचाव के उपाय EL-Nino Impact on Dairy Farming

EL-Nino Impact: अल नीनो का डेयरी सेक्टर पर बड़ा असर, घट सकता है दूध उत्पादन, जानिए पशुओं की सही खुराक और बचाव के उपाय EL-Nino Impact on Dairy Farming

EL-Nino Impact on Dairy Farming : देश में एक बार फिर अल नीनो (El Nino) के प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार अल नीनो का प्रभाव कम बारिश और सामान्य से ज्यादा तापमान के रूप में देखने को मिल सकता है। इसका सीधा प्रभाव खेती के साथ-साथ डेयरी और पशुपालन क्षेत्र पर भी पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लंबे समय तक गर्मी और सूखे जैसी परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो गाय और भैंस जैसे दुधारू पशुओं की सेहत, उत्पादन क्षमता और प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है।

अल नीनो का पशुओं पर कैसे पड़ता है असर? EL-Nino Impact on Dairy Farming

पशु विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी और नमी की कमी के कारण पशु हीट स्ट्रेस (Heat Stress) का शिकार हो जाते हैं। जब पशु तनाव में आता है तो उसका खान-पान प्रभावित होता है। वह कम चारा और कम पानी का सेवन करने लगता है। इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है। गर्मी के कारण पशुओं की ऊर्जा का बड़ा हिस्सा शरीर का तापमान नियंत्रित करने में खर्च होता है, जिससे दूध उत्पादन कम होने लगता है। वहीं लंबे समय तक तनाव की स्थिति रहने पर पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ सकती है।

डेयरी उद्योग पर पड़ सकता है बड़ा प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अल नीनो के कारण बारिश कम होती है तो हरे चारे का उत्पादन भी प्रभावित होगा। इससे पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की उपलब्धता कम हो सकती है। परिणामस्वरूप दूध उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है, जिसका असर पूरे डेयरी बाजार पर देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से उत्तर भारत के डेयरी उत्पादक राज्यों में इसका प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है, जहां बड़ी संख्या में किसान दूध उत्पादन पर निर्भर हैं। EL-Nino Impact on Dairy Farming

अल नीनो के दौरान पशुओं को क्या खिलाएं?

गर्मी और सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए पशुओं को संतुलित आहार देना बेहद आवश्यक है। विशेषज्ञों ने पशुओं की दैनिक खुराक के लिए विशेष सलाह जारी की है।

1. हरा चारा जरूर खिलाएं

दुधारू पशुओं को नेपियर घास, बरसीम, ज्वार, मक्का और लुसर्न जैसे पौष्टिक हरे चारे खिलाने चाहिए।

मात्रा: 15 से 25 किलोग्राम प्रतिदिन

फायदे:

  • पाचन तंत्र मजबूत रहता है
  • शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं
  • दूध उत्पादन में वृद्धि होती है
  • पशु स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं. EL-Nino Impact on Dairy Farming

2. सूखा चारा भी जरूरी

हरे चारे के साथ-साथ सूखा चारा भी पशुओं के लिए आवश्यक होता है। इसके लिए भूसा, सूखी घास और पराली का उपयोग किया जा सकता है।

मात्रा: 5 से 6 किलोग्राम प्रतिदिन

फायदे:

  • जुगाली सही तरीके से होती है
  • पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं
  • पाचन क्रिया बेहतर रहती है. EL-Nino Impact on Dairy Farming

3. संतुलित दाना खिलाना न भूलें

पशुओं को चना, मक्का, खली, चोकर और दाल आधारित संतुलित दाना देना चाहिए।

मात्रा: प्रत्येक 2 से 2.5 लीटर दूध उत्पादन पर 1 किलोग्राम दाना

फायदे:

  • पशुओं को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है
  • दूध उत्पादन बढ़ता है
  • शरीर की कमजोरी दूर होती है. EL-Nino Impact on Dairy Farming

मिनरल मिक्चर और नमक क्यों जरूरी है?

मिनरल मिक्चर

मात्रा: 50 से 60 ग्राम प्रतिदिन

फायदे:

  • कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी दूर होती है
  • हड्डियां मजबूत बनती हैं
  • प्रजनन क्षमता बेहतर होती है
  • गर्भधारण और बछड़ा देने में सहायता मिलती है

नमक

मात्रा: 30 से 40 ग्राम प्रतिदिन

फायदे:

  • भूख बढ़ती है
  • पाचन क्रिया बेहतर होती है
  • शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है. EL-Nino Impact on Dairy Farming

पशुओं को कितना पानी पिलाना चाहिए?

अत्यधिक गर्मी के दौरान पानी की आवश्यकता सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक वयस्क गाय या भैंस को प्रतिदिन 50 से 100 लीटर तक स्वच्छ और ताजा पानी उपलब्ध कराना चाहिए। पशुओं को दिन में कम से कम 3 से 5 बार पानी पिलाना जरूरी है। पानी की कमी होने पर दूध उत्पादन तेजी से घट सकता है और पशु हीट स्ट्रेस का शिकार हो सकता है। EL-Nino Impact on Dairy Farming

अल नीनो के दौरान पशुपालक इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • पशुओं को हमेशा ताजा और साफ चारा खिलाएं।
  • फफूंदी लगे चारे का उपयोग बिल्कुल न करें।
  • चारा देने का समय नियमित रखें।
  • पशुओं को छायादार स्थान पर रखें।
  • गर्मी के समय शेड में पंखे या फॉगर्स की व्यवस्था करें।
  • स्वच्छ पानी की उपलब्धता हमेशा सुनिश्चित करें।
  • पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं। EL-Nino Impact on Dairy Farming

अल नीनो के दौरान संतुलित खुराक के 5 बड़े फायदे

1. दूध उत्पादन बढ़ेगा

संतुलित पोषण मिलने से पशुओं की उत्पादकता बनी रहती है।

2. पशु स्वस्थ रहेंगे

उचित खुराक से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

3. बीमारियों का खतरा कम होगा

गर्मी और तनाव से जुड़ी बीमारियों से बचाव मिलता है।

4. प्रजनन क्षमता बेहतर होगी

मिनरल और पोषक तत्व मिलने से प्रजनन संबंधी समस्याएं कम होती हैं।

5. डेयरी से होने वाला मुनाफा बढ़ेगा

अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर दूध उत्पादन से पशुपालकों की आय में वृद्धि होती है। EL-Nino Impact on Dairy Farming

निष्कर्ष

अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए पशुपालकों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है। कम बारिश और अधिक गर्मी के कारण दुधारू पशुओं पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, मिनरल मिक्चर और बेहतर प्रबंधन अपनाकर पशुपालक अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और डेयरी व्यवसाय को होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं। EL-Nino Impact on Dairy Farming

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