Seed Treatment Before Sowing: मानसून की सक्रियता के साथ देश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। सागर समेत पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद किसान सोयाबीन, मक्का, उड़द और मूंग जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई में जुट गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बेहतर उत्पादन के लिए 10 जुलाई तक बुवाई पूरी करना सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। हालांकि, केवल समय पर बुवाई ही नहीं बल्कि बीज उपचार (Seed Treatment) भी अच्छी पैदावार के लिए बेहद आवश्यक है।
10 जुलाई तक क्यों पूरी कर लें बुवाई?
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के शुरुआती दौर में की गई बुवाई से फसल को पर्याप्त नमी मिलती है, जिससे अंकुरण अच्छा होता है और पौधों का विकास तेजी से होता है। यदि बुवाई में ज्यादा देरी होती है तो पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है और उत्पादन में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम अनुकूल रहते हुए 10 जुलाई तक सोयाबीन, मक्का, उड़द और मूंग जैसी खरीफ फसलों की बुवाई पूरी कर लें।
Seed Treatment Before Sowing: बीज उपचार क्यों है जरूरी?
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.एस. यादव के अनुसार बीज उपचार कम लागत में ज्यादा उत्पादन देने वाली सबसे प्रभावी तकनीकों में से एक है। उपचारित बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और शुरुआती अवस्था में पौधों को फफूंद तथा मिट्टी जनित रोगों से सुरक्षा मिलती है। इससे पौधे मजबूत बनते हैं, जड़ों का विकास बेहतर होता है और फसल की बढ़वार तेज होती है। Seed Treatment Before Sowing
रासायनिक बीज उपचार का सही तरीका
यदि किसान रासायनिक बीज उपचार करना चाहते हैं तो बाजार में उपलब्ध कार्बेन्डाजिम + मैंकोजिब मिश्रित दवा का उपयोग किया जा सकता है।
अनुशंसित मात्रा
- 2 ग्राम दवा प्रति किलोग्राम बीज
- बुवाई से पहले सभी बीजों पर समान रूप से उपचार करें।
- उपचार के बाद बीज को छाया में सुखाकर बुवाई करें।
इस विधि से बीजों को फफूंदजनित रोगों से सुरक्षा मिलती है और अंकुरण क्षमता बढ़ती है। Seed Treatment Before Sowing
जैविक बीज उपचार के लिए ट्राइकोडर्मा का करें उपयोग
डॉ. यादव किसानों को रासायनिक उपचार के साथ-साथ जैविक बीज उपचार अपनाने की भी सलाह देते हैं। इसके लिए ट्राइकोडर्मा सबसे प्रभावी जैविक फफूंदनाशी माना जाता है।
किन फसलों में करें उपयोग?
- सोयाबीन
- मक्का
- उड़द
- मूंग
- अन्य खरीफ फसलें
अनुशंसित मात्रा
- 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलोग्राम बीज
ट्राइकोडर्मा बीजों को सड़ने से बचाता है, जड़ों का विकास बढ़ाता है और पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है। Seed Treatment Before Sowing
राइजोबियम कल्चर से 25% तक बच सकता है खाद का खर्च
सोयाबीन जैसी दलहनी फसलों के लिए राइजोबियम कल्चर बेहद लाभकारी होता है। यह पौधों की जड़ों में गांठें बनाकर वातावरण से नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करता है, जिससे पौधों को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन मिलती रहती है।
लाभ
- रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरकों की जरुरत कम होती है।
- खाद का खर्च लगभग 25% तक घट सकता है।
- पौधों की वृद्धि तेज होती है।
- मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है।
अनुशंसित मात्रा
- 10 ग्राम राइजोबियम कल्चर प्रति किलोग्राम बीज Seed Treatment Before Sowing
PSB से मिलेगा फास्फोरस का पूरा लाभ
कई बार खेत में डाले गए डीएपी और अन्य फास्फोरसयुक्त उर्वरकों का केवल 15 से 20 प्रतिशत भाग ही पौधों को मिल पाता है। ऐसे में PSB (Phosphate Solubilizing Bacteria) का उपयोग फायदेमंद साबित होता है। PSB मिट्टी में मौजूद अवशोषित फास्फोरस को घोलकर पौधों की जड़ों तक पहुंचाने में मदद करता है।
अनुशंसित मात्रा
- 10 ग्राम PSB प्रति किलोग्राम बीज
प्रमुख लाभ
- फास्फोरस की उपलब्धता बढ़ती है।
- जड़ों का विकास बेहतर होता है।
- पौधों की वृद्धि तेज होती है।
- उर्वरकों की उपयोग क्षमता बढ़ जाती है। Seed Treatment Before Sowing
खेत की मिट्टी के लिए अपनाएं यह तरीका
डॉ. के.एस. यादव के अनुसार यदि किसान जुताई से पहले गोबर की सड़ी हुई खाद में जैविक उत्पाद मिलाकर खेत में डालें तो और भी बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
प्रति एकड़ अनुशंसित मात्रा
- 2 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा
- 2 किलोग्राम PSB
- अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर खेत में बिखेरें।
इस तकनीक से मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है और पौधों को लंबे समय तक पोषण मिलता है। Seed Treatment Before Sowing
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बीज उपचार से किसानों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
- अंकुरण प्रतिशत बढ़ता है।
- फफूंद एवं मिट्टी जनित रोगों से सुरक्षा मिलती है।
- पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं।
- पौधों की शुरुआती बढ़वार तेज होती है।
- रासायनिक खाद का खर्च 25% तक कम किया जा सकता है।
- फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होती है।
- मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह
कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.एस. यादव का कहना है कि किसान बिना बीज उपचार किए सीधे बुवाई करने की गलती न करें। बीज उपचार एक कम लागत वाली तकनीक है, लेकिन इसके फायदे पूरे सीजन में देखने को मिलते हैं। समय पर बुवाई, जैविक बीज उपचार, राइजोबियम कल्चर और PSB का सही उपयोग करके किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी काफी हद तक कम कर सकते हैं। Seed Treatment Before Sowing
