Delhi Rain: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मॉनसून ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखाया है। बुधवार देर रात शुरू हुई Delhi Rain गुरुवार सुबह तक लगातार जारी रही, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं, कई अंडरपास बंद करने पड़े और कार्यालय जाने वाले लोगों को घंटों तक ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।
Delhi Rain: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को गंभीर मानते हुए दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण, 10 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान
मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया के अनुसार आधी रात से ही उत्तर-पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के कुछ इलाकों में 100 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। उनके मुताबिक अगले 24 घंटों यानी 10 जुलाई की सुबह तक दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में 100 से 200 मिमी तक वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। इसी वजह से Delhi Rain को लेकर प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
IMD ने जारी किया रेड अलर्ट, आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राजधानी में लगातार खराब हो रहे मौसम को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दिनभर मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। IMD के मुताबिक सफदरजंग मौसम केंद्र में सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वहीं लोधी रोड में 80.2 मिमी, रिज में 77.8 मिमी, पालम में 63 मिमी और आयानगर में 57.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि यदि Delhi Rain की तीव्रता बनी रही तो कई इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।
सड़कें डूबीं, पेड़ गिरे और बिजली आपूर्ति भी हुई प्रभावित
लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित राजा धीर सिंह मार्ग पर दो बड़े पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास सड़क पर गिरा जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। कई इलाकों में बिजली लाइनों में फॉल्ट आने से घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
नगर निगम, बिजली विभाग और दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमें लगातार राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। Delhi Rain के कारण कई कॉलोनियों में लोगों को जलभराव और बिजली कटौती दोनों समस्याओं का सामना करना पड़ा।
दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर लगा लंबा जाम
भारी बारिश का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। विकास मार्ग, मुनिरका, द्वारका, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, सदर बाजार और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पानी भरने से वाहन धीमी गति से चलते रहे। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने जलभराव, ट्रैफिक और खराब सड़क व्यवस्था की तस्वीरें साझा करते हुए अपनी परेशानियां बताईं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि Delhi Rain अगले कुछ घंटों तक इसी तरह जारी रही तो ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
आखिर क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार की भारी वर्षा की मुख्य वजह मॉनसून ट्रफ का मध्य भारत से उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी की तरफ खिसकना है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच रही है। यही कारण है कि राजधानी में लगातार बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह मौसम प्रणाली सक्रिय रहेगी, तब तक Delhi Rain का असर बना रह सकता है। इसके बाद सिस्टम के आगे बढ़ने पर बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
किसानों और पशुपालकों के लिए मौसम विभाग की अहम सलाह
मौसम विभाग ने केवल शहरी क्षेत्रों ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों के किसानों और पशुपालकों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने किसानों से कहा है कि तेज बारिश और बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। वहीं पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खुले मैदानों में नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की संभावना भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि Delhi Rain का असर एनसीआर के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
अगले 24 घंटे क्यों माने जा रहे हैं सबसे अहम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे राजधानी और आसपास के इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों से बचने, बिजली के खंभों और टूटे तारों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Delhi Rain का यह दौर 10 जुलाई की सुबह तक जारी रह सकता है। इसके बाद मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना जताई गई है। फिलहाल राजधानी और एनसीआर के लोगों को पूरी सतर्कता बरतने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
