Animal Treatment Unit: बरसात में पशु बीमार है तो करें सिर्फ एक फोन कॉल, घर बैठे मिलेगा इलाज, जानें पूरी सुविधा

Animal Treatment Unit: बरसात में पशु बीमार है तो करें सिर्फ एक फोन कॉल, घर बैठे मिलेगा इलाज, जानें पूरी सुविधा

Animal Treatment Unit: बरसात में पशु बीमार है तो करें सिर्फ एक फोन कॉल, घर बैठे मिलेगा इलाज, जानें पूरी सुविधाबरसात का मौसम पशुपालकों के लिए जितना लाभदायक होता है, उतनी ही बड़ी चुनौती भी लेकर आता है। इस दौरान हरा चारा भरपूर मिलने से दूध उत्पादन बढ़ता है, लेकिन नमी और संक्रमण के कारण पशुओं में कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

ऐसे समय में बीमार पशु को अस्पताल तक ले जाना आसान नहीं होता। इसी समस्या का समाधान Animal Treatment Unit के रूप में किया गया है। Animal Treatment Unit सेवा के जरिए अब पशुपालक केवल एक फोन कॉल पर अपने घर या बाड़े में ही पशु चिकित्सक की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

Animal Treatment Unit क्या है और कैसे करती है काम?

Animal Treatment Unit केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा है। इसका उद्देश्य पशुपालकों को उनके घर पर ही पशु उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस सेवा के तहत पूरी तरह से सुसज्जित मोबाइल वेटनरी वैन और प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम सीधे पशुपालक के गांव या बाड़े तक पहुंचती है।

यदि किसी क्षेत्र में वैन का पहुंचना संभव नहीं होता, तो Animal Treatment Unit की मेडिकल टीम बाइक के माध्यम से भी पशुपालकों तक पहुंचती है। इससे दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को भी समय पर इलाज मिल पाता है।

1962 नंबर पर करें कॉल, घर पहुंचेगी Animal Treatment Unit

यदि आपकी गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊंट या घोड़ा बीमार है और उसे अस्पताल तक ले जाना संभव नहीं है, तो आपको केवल 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना होगा।कॉल मिलते ही Animal Treatment Unit की टीम आपकी लोकेशन के अनुसार जल्द से जल्द आपके गांव या घर पहुंचने का प्रयास करती है। डॉक्टर मौके पर ही पशु की जांच करते हैं और आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराते हैं। इससे पशु को समय पर उपचार मिलता है और पशुपालक का समय तथा खर्च दोनों बचते हैं।

Animal Treatment Unit में मिलती हैं ये सभी सुविधाएं

बरसात के मौसम में कई बार पशुओं की बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में Animal Treatment Unit केवल सामान्य इलाज ही नहीं बल्कि कई महत्वपूर्ण सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।टीम पशुओं के खून, मूत्र और अन्य आवश्यक सैंपल लेकर जांच के लिए भेजती है। मौके पर प्राथमिक उपचार किया जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर दवाइयां भी दी जाती हैं। यदि पशु कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) के लिए तैयार है, तो उसी Animal Treatment Unit के माध्यम से विशेषज्ञ टीम यह सेवा भी उपलब्ध कराती है।

बरसात में Animal Treatment Unit क्यों है पशुपालकों के लिए वरदान?

मॉनसून के दौरान पशुओं में गलघोटू, लंगड़ा बुखार, त्वचा संक्रमण, परजीवी रोग और कई बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। ऐसे समय में बीमार पशु को ट्रैक्टर, पिकअप या अन्य वाहन में अस्पताल ले जाना काफी कठिन हो जाता है।

Animal Treatment Unit इस परेशानी को पूरी तरह कम कर देती है क्योंकि डॉक्टर खुद पशुपालक के पास पहुंचते हैं। इससे बीमारी का इलाज जल्दी शुरू हो जाता है और दूध उत्पादन पर भी कम असर पड़ता है। समय पर उपचार मिलने से पशुओं की मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलती है।

20 राज्यों में सक्रिय हैं करीब 2500 Animal Treatment Unit

केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अनुसार वर्तमान समय में देश के लगभग 20 राज्यों में करीब 2500 Animal Treatment Unit सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।इन सभी मोबाइल यूनिट को आधुनिक चिकित्सा उपकरण, दवाइयों और प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों से लैस किया गया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य राज्यों तक भी करना है ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को घर बैठे पशु चिकित्सा सुविधा मिल सके।

दुर्गम क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है Animal Treatment Unit

Animal Treatment Unit की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल शहरों तक सीमित नहीं है। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जैसे दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में भी मोबाइल वेटनरी यूनिट की तैनाती की गई है।जहां सड़कें संकरी या खराब होती हैं, वहां टीम बाइक के जरिए भी पशुपालकों तक पहुंचती है। इससे पहाड़ी, जंगल और दूरस्थ गांवों में रहने वाले पशुपालकों को भी समय पर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।

बरसात में पशुपालक रखें इन बातों का विशेष ध्यान

बरसात के मौसम में पशुओं का बाड़ा हमेशा सूखा और साफ रखें। नियमित रूप से मक्खी-मच्छरों से बचाव के उपाय करें। स्वच्छ पानी और संतुलित आहार उपलब्ध कराएं। यदि पशु में बुखार, सुस्ती, भूख कम लगना या दूध उत्पादन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो देरी न करें और तुरंत Animal Treatment Unit सेवा का लाभ उठाएं।

घर बैठे इलाज से बढ़ रही पशुपालकों की सुविधा

आज के समय में Animal Treatment Unit पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। अब बीमार पशु को अस्पताल तक ले जाने की चिंता कम हो गई है। केवल एक फोन कॉल पर डॉक्टर, तकनीशियन और आवश्यक चिकित्सा उपकरण पशुपालक के घर तक पहुंच रहे हैं। इससे पशुओं का समय पर इलाज संभव हो रहा है और पशुपालन व्यवसाय को भी मजबूती मिल रही है।

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