PRAGATI Mission: 20 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, 20 हजार युवा बनेंगे कृषि-उद्यमी, खेती में आएगी तकनीक की नई क्रांति

PRAGATI Mission: 20 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, 20 हजार युवा बनेंगे कृषि-उद्यमी, खेती में आएगी तकनीक की नई क्रांति

PRAGATI Mission: देश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए PRAGATI Mission (प्रगति मिशन) की शुरुआत की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ किया।

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी (Agri-Entrepreneurs) के रूप में तैयार करना है, जो गांव-गांव जाकर लगभग 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, डिजिटल सेवाओं, कृषि मशीनरी, वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। सरकार का मानना है कि PRAGATI Mission खेती को तकनीक से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

क्या है PRAGATI Mission और क्यों शुरू किया गया?

भारत में आज भी बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह और बाजार तक सीधी पहुंच से वंचित हैं। कई किसानों को सरकारी योजनाओं, उन्नत खेती, कृषि मशीनरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वित्तीय सेवाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय दोनों प्रभावित होती हैं।

इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने PRAGATI Mission की शुरुआत की है। इस मिशन का उद्देश्य गांव स्तर पर प्रशिक्षित कृषि-उद्यमियों का ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जो किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाएं सीधे पहुंचा सके। सरकार का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित बनाना भी है।

20 हजार ग्रामीण युवा बनेंगे कृषि-उद्यमी

PRAGATI Mission की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ग्रामीण युवाओं को रोजगार और उद्यमिता दोनों का अवसर मिलेगा। सरकार देशभर में 20 हजार युवाओं का चयन कर उन्हें आधुनिक कृषि, डिजिटल तकनीक, कृषि व्यवसाय, वित्तीय सेवाओं और किसानों को सलाह देने से संबंधित विशेष प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण के बाद ये कृषि-उद्यमी अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के लिए स्थानीय कृषि सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और किसानों को विशेषज्ञों तक पहुंचने के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

20 लाख किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि सेवाएं

PRAGATI Mission के तहत तैयार किए जाने वाले कृषि-उद्यमी लगभग 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। गांव स्तर पर किसानों को खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इन सेवाओं में मिट्टी परीक्षण, उन्नत बीजों की जानकारी, वैज्ञानिक खेती की सलाह, कृषि मशीनरी तक पहुंच, डिजिटल कृषि समाधान, मौसम आधारित फसल प्रबंधन, सरकारी योजनाओं की जानकारी, बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना और बाजार तक बेहतर पहुंच जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे किसानों को खेती के हर चरण में तकनीकी सहयोग मिलेगा और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

खेती को लाभकारी बनाने पर सरकार का विशेष फोकस

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिशन के शुभारंभ के दौरान कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब गांव और किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि खेती की लागत कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाना है।

सरकार का मानना है कि यदि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ा जाए तो खेती से होने वाली आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। इसी कारण PRAGATI Mission में फसल विविधीकरण, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को विशेष महत्व दिया गया है।

पहले चरण में इन राज्यों में लागू होगा PRAGATI Mission

सरकार ने PRAGATI Mission को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में इसे देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शुरू किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान खेती पर निर्भर हैं। पहले चरण में जिन राज्यों को शामिल किया गया है, उनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड प्रमुख हैं। इन राज्यों में कृषि-उद्यमियों का नेटवर्क तैयार कर किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

आधुनिक तकनीक और डिजिटल खेती को मिलेगा बढ़ावा

आज के समय में कृषि क्षेत्र में तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीकों के बिना किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि संभव नहीं है। इसलिए PRAGATI Mission में डिजिटल कृषि और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। मिशन के तहत किसानों को ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि सलाह, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि मशीनरी और स्मार्ट खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

कृषि के साथ अन्य व्यवसायों को भी मिलेगा बढ़ावा

सरकार केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहना चाहती। PRAGATI Mission के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, कृषि प्रसंस्करण और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों की आय के कई स्रोत विकसित होंगे और किसी एक फसल पर निर्भरता कम होगी।

महिला किसानों की भागीदारी होगी मजबूत

PRAGATI Mission में महिला सशक्तिकरण को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। सरकार बड़ी संख्या में कृषि सखी और महिला कृषि-उद्यमियों को इस मिशन का हिस्सा बनाएगी। महिला कृषि-उद्यमी गांवों में महिला किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि व्यवसाय से जोड़ने का कार्य करेंगी। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नई पहचान मिलेगी।

निजी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का मिलेगा सहयोग

PRAGATI Mission को भारत में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साझेदारी से चलाए जाने वाले सबसे बड़े कृषि कार्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। इस मिशन में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान करेंगी।

इस पहल में PepsiCo Foundation, SBI Foundation (SBIF), Gates Foundation, IDH, Heifer International, Environmental Defense Fund (EDF), Global Agri Entrepreneurship Academy, SAFIA, Agri Entrepreneur Growth Foundation (AEGF) और Transform Rural India Foundation (TRIF) जैसी संस्थाएं भागीदार हैं। ये संस्थाएं कृषि-उद्यमियों के प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म, तकनीकी सहायता, वित्तीय समावेशन, बाजार संपर्क और उद्यमिता विकास में सहयोग करेंगी।

AEGF के अनुभव का मिलेगा लाभ

PRAGATI Mission को Agri Entrepreneur Growth Foundation (AEGF) के सफल अनुभवों के आधार पर विकसित किया गया है। वर्तमान में AEGF के नेटवर्क के माध्यम से 26 हजार से अधिक कृषि-उद्यमी देश के विभिन्न राज्यों में किसानों के साथ कार्य कर रहे हैं। अब इसी अनुभव का विस्तार करते हुए सरकार 20 हजार नए कृषि-उद्यमियों को तैयार करेगी, जिससे आधुनिक कृषि सेवाओं का दायरा और अधिक बढ़ सके।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए तय किए गए बड़े लक्ष्य

सरकार ने PRAGATI Mission के तहत कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं। मिशन के माध्यम से 20 लाख से अधिक छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। कम से कम 20 प्रतिशत किसानों को पुनर्योजी (Regenerative) कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके साथ ही किसानों की आय में लगभग 30 प्रतिशत तक वृद्धि करने, धान, मक्का और आलू जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता में 15 से 20 प्रतिशत तक सुधार लाने और किसानों को डिजिटल एवं औपचारिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि भविष्य की खेती जलवायु परिवर्तन के अनुकूल, टिकाऊ और अधिक लाभकारी बने।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा नया आधार

PRAGATI Mission केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। हजारों युवाओं को कृषि-उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा, जिससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय स्तर पर कृषि सेवाएं उपलब्ध होने से किसानों का समय और लागत दोनों कम होंगे, जबकि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार आएगा। इसके अलावा निजी निवेश, कृषि स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और कृषि क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।

विशेषज्ञों की राय

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार PRAGATI Mission भारतीय कृषि को पारंपरिक मॉडल से आधुनिक, डिजिटल और उद्यमिता आधारित मॉडल की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक तकनीकों की पहुंच बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आने वाले वर्षों में यह मिशन भारत की कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी और तकनीक आधारित बनाने में बड़ी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

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