मॉनसून का मौसम किसानों और पशुपालकों के लिए जितना जरूरी होता है, उतना ही यह पशुओं में कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ा देता है। इसी खतरे को देखते हुए पंजाब सरकार ने Punjab Tikakaran अभियान के तहत राज्यभर में गायों और भैंसों को हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (HS) जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
इस अभियान का उद्देश्य बारिश के मौसम में पशुओं को संक्रमण से सुरक्षित रखना, डेयरी उत्पादन को बनाए रखना और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाना है। सरकार ने 30 जुलाई तक 57 लाख 70 हजार 979 गायों और भैंसों का टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Punjab Tikakaran अभियान के तहत 57.70 लाख पशुओं को लगाया जाएगा टीका
राज्य सरकार के अनुसार Punjab Tikakaran अभियान पूरे पंजाब में तेज गति से चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत सभी पात्र गायों और भैंसों को मुफ्त HS वैक्सीन लगाई जा रही है। सरकार का मानना है कि यदि मॉनसून शुरू होते ही बड़े स्तर पर टीकाकरण कर दिया जाए तो बीमारी के फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है। यही कारण है कि पशुपालन विभाग ने सभी जिलों में अभियान को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर टीकाकरण शुरू किया है।
16.49 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण पूरा
पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने जानकारी दी कि Punjab Tikakaran अभियान के तहत अब तक 16 लाख 49 हजार 598 से अधिक गायों और भैंसों को HS का टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव जाकर पशुपालकों तक पहुंच रही हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा सके। सरकार का लक्ष्य केवल आंकड़े पूरे करना नहीं बल्कि पूरे राज्य के पशुधन को सुरक्षित बनाना है।
मॉनसून में क्यों बढ़ जाता है HS बीमारी का खतरा
हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (HS) एक गंभीर बैक्टीरियल बीमारी है, जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। यह बीमारी बारिश और अधिक नमी वाले मौसम में तेजी से फैलती है। संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, गले और शरीर में सूजन, सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी और भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
यदि समय पर इलाज या टीकाकरण नहीं कराया जाए तो कई मामलों में पशु की अचानक मौत भी हो सकती है। इसी वजह से विशेषज्ञ मॉनसून शुरू होने से पहले या शुरुआती बारिश के दौरान HS वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं और Punjab Tikakaran अभियान को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
पशुपालकों की आय बचाने में अहम भूमिका निभाएगा Punjab Tikakaran
पशुपालन किसानों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यदि कोई दुधारू पशु HS जैसी बीमारी की चपेट में आ जाता है तो दूध उत्पादन प्रभावित होता है और कई बार पशु की मृत्यु भी हो जाती है। इससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। Punjab Tikakaran अभियान का उद्देश्य केवल पशुओं को बीमारी से बचाना नहीं बल्कि किसानों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े परिवारों की आय को भी सुरक्षित रखना है। समय पर टीकाकरण से इलाज का खर्च कम होता है और पशुधन की उत्पादकता भी बनी रहती है।
सभी सरकारी पशु चिकित्सालयों में उपलब्ध है HS वैक्सीन
पंजाब सरकार ने बताया है कि Punjab Tikakaran अभियान के लिए राज्य के सभी सरकारी पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों में HS वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है। वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड-चेन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है, जिससे हर पशु को प्रभावी टीका मिल सके। विभाग की मोबाइल टीमें भी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर टीकाकरण कर रही हैं ताकि दूर-दराज के पशुपालकों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सके।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर सरकार का विशेष फोकस
मॉनसून के दौरान कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बन जाती हैं, जिससे बैक्टीरिया तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष टीमें तैनात की हैं। ये टीमें गांव-गांव पहुंचकर अधिक से अधिक पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उस पर नियंत्रण पाया जा सके। Punjab Tikakaran अभियान के तहत ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां संक्रमण का खतरा अधिक है।
पशुपालकों से समय पर टीकाकरण कराने की अपील
पशुपालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय या पशु औषधालय में जाकर अपने पशुओं का टीकाकरण जल्द से जल्द कराएं। उनका कहना है कि समय पर लगाया गया HS टीका पशुओं की जान बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है। यदि सभी पशुपालक Punjab Tikakaran अभियान में सक्रिय भागीदारी करेंगे तो मॉनसून के दौरान HS जैसी जानलेवा बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
Punjab Tikakaran क्यों है पशुपालकों के लिए जरूरी
मॉनसून के दौरान पशुओं में फैलने वाली बीमारियां किसानों और डेयरी व्यवसाय के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। ऐसे समय में Punjab Tikakaran अभियान पशुओं की सुरक्षा, दूध उत्पादन की निरंतरता और पशुपालकों की आय बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
समय पर टीकाकरण कराने से न केवल पशुओं की जान बचाई जा सकती है बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से भी बचा जा सकता है। यही कारण है कि सरकार लगातार सभी पशुपालकों से इस अभियान का लाभ उठाने और अपने पशुओं का जल्द टीकाकरण कराने की अपील कर रही है।
