6 लाख एकड़ पर मंडराया संकट! Tamil Nadu Paddy Farmers को सिंचाई का इंतजार, धान उत्पादन पर बड़ा खतरा

6 लाख एकड़ पर मंडराया संकट! Tamil Nadu Paddy Farmers को सिंचाई का इंतजार, धान उत्पादन पर बड़ा खतरा

तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र में इस वर्ष सांबा धान की खेती पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। Tamil Nadu Paddy Farmers सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध से पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जल भंडारण कम होने के कारण अब तक पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है। यदि जल्द सिंचाई शुरू नहीं हुई तो करीब 6 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की बुआई प्रभावित हो सकती है और लाखों किसानों की आय पर सीधा असर पड़ सकता है।

मेट्टूर बांध में पानी की कमी बनी सबसे बड़ी वजह

हर वर्ष 12 जून को मेट्टूर बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है ताकि कावेरी डेल्टा में सांबा धान की खेती समय पर शुरू हो सके। इस बार जल भंडारण कम होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। 12 जुलाई तक बांध का जलस्तर 75.83 फीट और जल भंडारण 37.93 टीएमसी दर्ज किया गया, जबकि पानी की आवक केवल 91 क्यूसेक रही। पिछले वर्ष इसी समय बांध लगभग पूरी क्षमता से भरा हुआ था। यही वजह है कि Tamil Nadu Paddy Farmers के बीच खेती को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

नहरों में पानी नहीं पहुंचने से प्रभावित हुई बुआई

कावेरी डेल्टा के अधिकांश किसान नहरों के पानी पर निर्भर रहते हैं। इस वर्ष समय पर पानी नहीं मिलने के कारण कई किसानों ने कुरुवई धान की खेती भी नहीं की। अब उनकी पूरी उम्मीद सांबा धान की फसल पर टिकी हुई है। यदि आने वाले दिनों में भी सिंचाई का पानी नहीं छोड़ा गया तो Tamil Nadu Paddy Farmers समय पर बुआई नहीं कर पाएंगे और धान उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।

3 लाख किसानों की आजीविका पर खतरा

अनुमान के अनुसार तंजावुर, तिरुवरुर, मयिलादुथुरई, नागपट्टिनम और तिरुचिरापल्ली जिलों के लगभग 3 लाख किसान हर साल सांबा धान की खेती करते हैं। किसान संगठनों का कहना है कि यदि पानी छोड़ने में और देरी हुई तो करीब 6 लाख एकड़ क्षेत्र प्रभावित होगा और लगभग 12 लाख टन धान उत्पादन का नुकसान हो सकता है। इससे Tamil Nadu Paddy Farmers की आय पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

किसान संगठनों ने सरकार से राहत पैकेज की मांग की

तमिलनाडु किसान संरक्षण संघ ने सरकार से मांग की है कि सांबा धान की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। संगठन ने मंत्रियों, कृषि अधिकारियों और किसान संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाकर मौजूदा हालात की समीक्षा करने की भी मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते सहायता मिलने से Tamil Nadu Paddy Farmers को बड़ी राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों ने बताई सिंचाई के लिए पानी की जरूरत

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि सितंबर के पहले सप्ताह तक मेट्टूर बांध से पानी छोड़ा जाता है, तब भी सांबा और थलाडी धान की खेती के लिए लगभग 130 से 140 टीएमसी पानी की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने पर Tamil Nadu Paddy Farmers को इस सीजन में सिंचाई की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

भूजल स्तर गिरने से बढ़ी परेशानी

कावेरी डेल्टा में नहरों में पानी नहीं होने के कारण भूजल का पुनर्भरण भी प्रभावित हुआ है। जिन किसानों ने बोरवेल के सहारे कुरुवई धान की खेती की है, उन्हें भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण Tamil Nadu Paddy Farmers के सामने फसल बचाने की चुनौती और कठिन होती जा रही है।

कृषि विभाग ने भी जताई चिंता

कृषि विभाग के अधिकारियों ने माना है कि मेट्टूर बांध में पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल सिंचाई के लिए पानी छोड़ना संभव नहीं है। विभाग के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कावेरी डेल्टा में सांबा धान की खेती को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो Tamil Nadu Paddy Farmers को राहत मिलने की संभावना बन सकती है।

अच्छी बारिश पर टिकी किसानों की उम्मीद

इस समय Tamil Nadu Paddy Farmers की सबसे बड़ी उम्मीद मानसून की अच्छी बारिश पर टिकी हुई है। यदि कावेरी के जलग्रहण क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा होती है तो मेट्टूर बांध का जलस्तर बढ़ेगा और सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा सकेगा। इससे सांबा धान की बुआई समय पर शुरू होने के साथ संभावित उत्पादन नुकसान को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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