Rajasthan Heavy Rain Crop Damage: राजस्थान के नागौर सहित कई जिलों में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारी वर्षा के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
सबसे अधिक असर मूंगफली, मूंग, मक्का और बाजरा की फसलों पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने से पौधों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई और बारिश का दौर जारी रहा, तो फसलों के खराब होने के साथ-साथ किसानों की पैदावार और आय पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से राजस्थान के कई जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा दर्ज की जा रही है। मंगलवार रात से दौसा, पाली, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं, चूरू, सवाई माधोपुर और नागौर सहित कई इलाकों में भारी बारिश के कारण खेतों और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है, जहां हजारों हेक्टेयर में खड़ी बाजरा, मक्का, मूंग और मूंगफली की फसलें पानी में डूब गई हैं। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
किसानों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिनों के भीतर खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई, तो लंबे समय तक जलभराव रहने से फसलों की जड़ें सड़ सकती हैं और पूरी फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे उत्पादन में भारी गिरावट आने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage

कोटा से बीकानेर और जयपुर तक बारिश का व्यापक असर
राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार मंगलवार सुबह तक बीते 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के भी कुछ इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सबसे अधिक 91.0 मिलीमीटर वर्षा जालौर जिले के जसवंतपुरा में रिकॉर्ड की गई, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और नागौर सहित कई जिलों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश हुई। खासकर कोटा और उदयपुर संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
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अगले दो दिन भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के कई जिलों के लिए अगले दो दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिसके चलते पूर्वी राजस्थान में अगले चार से पांच दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 और 9 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, कोटा संभाग तथा आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव, खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि 10 जुलाई से राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखते हुए खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
बाड़मेर और पोकरण में बारिश से किसानों के चेहरे खिले
राजस्थान के पश्चिमी जिलों में मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। जैसलमेर के पोकरण और बाड़मेर जिले में हुई अच्छी बारिश से लंबे समय से सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। बाड़मेर में मंगलवार दोपहर बाद तेज आंधी के साथ शुरू हुई बारिश देर शाम तक जारी रही। Rajasthan Heavy Rain Crop Damage
इस दौरान नोखड़ा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जबकि सेड़वा, धनाऊ और चौहटन सहित कई इलाकों में भी अच्छी वर्षा हुई। पर्याप्त बारिश मिलने से खरीफ फसलों की बुवाई और फसल वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
जलभराव से मूंग, मूंगफली, मक्का और बाजरा की फसल पर संकट
दूसरी ओर, नागौर सहित कई जिलों में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के चलते हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में जलभराव हो गया है, जिससे मूंग, मूंगफली, मक्का और बाजरा की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि खेतों में पानी जमा रहने से मूंग और मूंगफली की फसल सड़ने का खतरा है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई, तो पूरी फसल खराब हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसके अलावा, तेज हवा और लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बाजरा और मक्का के पौधे गिर गए हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने प्रशासन से जलनिकासी की व्यवस्था करने और नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
