El Nino Alert के बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने संभावित सूखे और कमजोर मानसून से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। लगातार कम हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए 479.01 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके साथ ही भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए 521.17 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी विभिन्न परियोजनाओं के लिए मंजूर की गई है।
सरकार का कहना है कि इस बार रणनीति केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाने की नहीं, बल्कि पहले से सभी जरूरी इंतजाम करने की है। इसी उद्देश्य से कृषि, जल संसाधन, पेयजल, स्वास्थ्य, पशुपालन और आपदा प्रबंधन विभागों को एक साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। El Nino Alert को देखते हुए सभी जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
El Nino Alert क्या है और इसका मानसून पर क्या असर पड़ता है?
El Nino Alert तब जारी किया जाता है जब प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। इसका असर दुनिया के कई देशों के मौसम पर पड़ता है। भारत में अल नीनो का प्रभाव अक्सर मानसून को कमजोर कर देता है, जिससे कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश होती है।
कम बारिश का सीधा असर खेती, जलाशयों, नदियों, भूजल स्तर और पेयजल व्यवस्था पर पड़ता है। यही कारण है कि जब भी El Nino Alert की स्थिति बनती है, सरकारें पहले से सूखा प्रबंधन की तैयारी शुरू कर देती हैं। कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को कम पानी वाली खेती अपनाने और मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन की सलाह देते हैं।
El Nino Alert के कारण कमजोर मानसून बना बड़ी चिंता
आंध्र प्रदेश में इस बार मानसून की शुरुआत उम्मीद के अनुसार नहीं हुई। जून महीने में राज्य में सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद जुलाई के शुरुआती दिनों में भी बारिश का सिलसिला कमजोर रहा और अब तक 40 प्रतिशत से अधिक वर्षा की कमी रिकॉर्ड की गई है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आने वाले सप्ताहों में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो पूरे मानसून सीजन के अंत तक राज्य में लगभग 27 प्रतिशत वर्षा की कमी रह सकती है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई, सिंचाई, जलाशयों के जलस्तर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इसी वजह से El Nino Alert के बीच सरकार ने समय रहते सभी विभागों को सक्रिय कर दिया है।
El Nino Alert: 105 मंडलों में गंभीर सूखे का खतरा, 208 मंडल भी निगरानी में
मौसम और वर्षा के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद राज्य सरकार ने 105 मंडलों को गंभीर सूखे की आशंका वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। इसके अलावा 208 मंडलों को मध्यम स्तर के सूखे की संभावना वाले क्षेत्रों में रखा गया है।
सरकार के अनुसार सबसे अधिक खतरा श्री सत्य साई, अनंतपुर और अन्नामय्या जिलों में है। वहीं कुर्नूल, नंद्याल, चित्तूर, कडप्पा, तिरुपति, प्रकाशम, मार्कापुरम और नेल्लोर के कई इलाकों में भी पानी की कमी और सूखे जैसे हालात बनने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में जिला प्रशासन को पहले से जल संरक्षण, पेयजल व्यवस्था और किसानों के लिए राहत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
El Nino Alert: हर जिले में 24×7 कंट्रोल रूम शुरू, हर स्थिति पर रहेगी नजर
El Nino Alert के बीच सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन कंट्रोल रूम में मौसम विशेषज्ञ, आपदा प्रबंधन अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखेंगे।
कंट्रोल रूम के माध्यम से बारिश, जलाशयों के जलस्तर, सूखे की स्थिति, पेयजल संकट और कृषि संबंधी जानकारी का रियल टाइम विश्लेषण किया जाएगा। यदि किसी जिले में स्थिति गंभीर होती है तो तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि समय पर सूचना और तेज समन्वय से किसी भी संभावित संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
El Nino Alert: किसानों के लिए सरकार की विशेष कृषि रणनीति
El Nino Alert को देखते हुए कृषि विभाग को किसानों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में बारिश कम होने की संभावना है, वहां किसानों को कम पानी वाली खेती अपनाने की सलाह दी जाएगी।
सरकार डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR), सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसिफिकेशन (SRI) और प्राकृतिक खेती जैसी तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। इन तकनीकों के जरिए धान की खेती में पानी की खपत कम होती है और सीमित सिंचाई में भी अच्छी पैदावार मिल सकती है।
इसके अलावा किसानों को समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग की ओर से मौसम आधारित सलाह भी दी जाएगी ताकि वे बुवाई, सिंचाई और फसल प्रबंधन से जुड़े फैसले सही समय पर ले सकें।
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El Nino Alert के बीच बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी
संभावित सूखे को देखते हुए सरकार ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसानों के लिए बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में पानी की कमी की संभावना अधिक है, वहां वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
कृषि अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण और सूखा प्रबंधन के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
El Nino Alert: IMD की चेतावनी सीधे किसानों के मोबाइल तक पहुंचेगी
El Nino Alert के दौरान सरकार मौसम संबंधी जानकारी को तेजी से लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दे रही है।भारतीय मौसम विभाग (IMD), आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) और रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (RTGS) की ओर से जारी मौसम संबंधी सभी अलर्ट एसएमएस, व्हाट्सऐप, मोबाइल नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सीधे किसानों और आम लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
इससे किसान मौसम के अनुसार खेती की योजना बना सकेंगे और अचानक आने वाली परिस्थितियों से बचाव कर पाएंगे।
El Nino Alert के बीच पेयजल संकट से निपटने की भी तैयारी
कम बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार ने पेयजल विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में जल संकट की संभावना है वहां पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।जलाशयों और जल स्रोतों की लगातार निगरानी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से भी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट न पैदा हो।
El Nino Alert: पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग भी अलर्ट
सूखे का असर केवल खेती पर ही नहीं बल्कि पशुपालन और मत्स्य पालन पर भी पड़ सकता है। इसी कारण सरकार ने पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा, पीने का पानी और पशु चिकित्सा सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।मत्स्य पालन विभाग को समुद्री मौसम की जानकारी समय पर मछुआरों तक पहुंचाने और खराब मौसम में समुद्र में न जाने की सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।
El Nino Alert के दौरान स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह तैयार
सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा है। सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, आईवी फ्लूइड, प्राथमिक उपचार सामग्री और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।गर्मी, जल संकट और संक्रमण से जुड़ी संभावित बीमारियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
El Nino Alert: सरकार का फोकस राहत से ज्यादा बचाव पर
राज्य सरकार का कहना है कि El Nino Alert को देखते हुए इस बार प्राथमिकता पहले से तैयारी करने की है। समय पर वित्तीय सहायता, कंट्रोल रूम, मौसम निगरानी, किसानों के लिए विशेष कृषि योजना, पेयजल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाकर संभावित नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।यदि आने वाले दिनों में मानसून सामान्य नहीं होता है, तो सरकार की यह रणनीति किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों के लिए राहत साबित हो सकती है।
