MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून सुस्त, 15 जिलों में येलो अलर्ट, कब लौटेगी तेज बारिश?

MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून सुस्त, 15 जिलों में येलो अलर्ट, कब लौटेगी तेज बारिश?

MP Weather Update के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार पिछले पांच दिनों से धीमी पड़ गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश नहीं हुई है, जिससे जुलाई में पहली बार राज्य का वर्षा रिकॉर्ड सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल केवल हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

MP Weather Update: सामान्य से 3 प्रतिशत कम हुई बारिश

MP Weather Update के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 241.8 मिलीमीटर यानी लगभग 9.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस समय तक सामान्य वर्षा 250.1 मिलीमीटर यानी लगभग 9.8 इंच होनी चाहिए थी। इसी वजह से प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से 3 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बढ़ी चिंता

MP Weather Update के अनुसार जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में सामान्य से लगभग 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बनी हुई है। प्रदेश के आधे से अधिक जिले इस समय सामान्य से कम वर्षा वाले क्षेत्र में शामिल हैं।

MP Weather Update: आज इन जिलों में हल्की बारिश के आसार

MP Weather Update के अनुसार मंगलवार को सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम सहित अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है। इन इलाकों में फिलहाल तेज बारिश की संभावना बहुत कम है।

MP Weather Update: 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट

MP Weather Update के तहत मौसम विभाग ने सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।

मानसून क्यों हुआ कमजोर?

MP Weather Update के अनुसार मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर हो गई हैं। इसी कारण प्रदेश में बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन तेज बारिश नहीं हो रही है।उत्तर बंगाल की खाड़ी में नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यदि यह कम दबाव के क्षेत्र में बदलता है तो मध्य प्रदेश में दोबारा अच्छी बारिश शुरू हो सकती है।

जुलाई में बारिश कम होना किसानों के लिए चिंता

MP Weather Update बताता है कि जुलाई मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बारिश वाला महीना माना जाता है। पूरे मानसून की लगभग 35 से 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। ऐसे में जुलाई के बीच में बारिश की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है।धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों के लिए इस समय नियमित वर्षा बेहद जरूरी होती है। यदि बारिश में अधिक देरी होती है तो फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।

MP Weather Update: देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे

MP Weather Update के अनुसार देवास जिले में सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है और यहां लगभग 18 इंच पानी गिर चुका है। हरदा में करीब 15 इंच, इंदौर और सीहोर में लगभग 14 इंच तथा भोपाल में 13.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक केवल करीब 2.25 इंच बारिश हुई है। यहां सामान्य से लगभग 74 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?

MP Weather Update के मुताबिक 15 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 जुलाई से कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

MP Weather Update के अनुसार जिन क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हुई है, वहां किसान खेतों की नमी बनाए रखने के उपाय करें। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और बुवाई, खाद तथा सिंचाई संबंधी निर्णय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर लें। यदि बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र सक्रिय होता है तो मध्य प्रदेश में फिर से अच्छी बारिश का दौर लौट सकता है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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