भारत में बदलते मौसम और अनियमित मानसून के कारण किसानों की फसलें लगातार जोखिम में रहती हैं। ऐसे समय में PM Fasal Bima Yojna किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं में से एक है। खरीफ सीजन 2026 के लिए मध्य प्रदेश के कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते PM Fasal Bima Yojna के तहत फसल बीमा कराने की अपील की है। इस योजना में किसान बेहद कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं और नुकसान होने पर 1 लाख से 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक तक का मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।
PM Fasal Bima Yojna के तहत 31 जुलाई तक करा सकते हैं फसल बीमा
खरीफ मौसम 2026 में कम बारिश, अधिक बारिश, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदा और अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए PM Fasal Bima Yojna के अंतर्गत 31 जुलाई 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने सभी किसानों, विशेष रूप से गैर-ऋणी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं।
किसानों को देना होगा सिर्फ 2 प्रतिशत प्रीमियम
PM Fasal Bima Yojna की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करना होता है। बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। इससे कम लागत में किसानों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिल जाती है।
छतरपुर जिले में इन फसलों को किया गया अधिसूचित
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में उड़द और मूंग पूरे जिले में अधिसूचित फसलें हैं। इसके अलावा तिल, मूंगफली और ज्वार तहसील स्तर पर अधिसूचित हैं, जबकि सोयाबीन, अरहर और धान को पटवारी हल्का स्तर पर अधिसूचित किया गया है। इन सभी फसलों का बीमा PM Fasal Bima Yojna के तहत कराया जा सकता है।
किस फसल पर कितना प्रीमियम देना होगा?
खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रति हेक्टेयर किसानों को निम्न प्रीमियम देना होगा।
- सोयाबीन – 870 रुपये
- उड़द – 590 रुपये
- मूंग – 546 रुपये
- तिल – 504 रुपये
- मूंगफली – 888 रुपये
- अरहर – 638 रुपये
- मक्का – 760 रुपये
- सिंचित धान – 924 रुपये
- असिंचित धान – 610 रुपये
इन निर्धारित प्रीमियम दरों के साथ किसान PM Fasal Bima Yojna का लाभ उठा सकते हैं।
नुकसान होने पर मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का मुआवजा
यदि प्राकृतिक आपदा, अधिक वर्षा, कम वर्षा, बाढ़, सूखा या अन्य कारणों से फसल खराब होती है तो PM Fasal Bima Yojna के तहत किसानों को 1 लाख रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक तक का मुआवजा मिल सकता है। अंतिम भुगतान फसल के नुकसान के आकलन और बीमित राशि के आधार पर तय किया जाएगा।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
PM Fasal Bima Yojna के लिए आवेदन करते समय किसानों के पास निम्न दस्तावेज होना आवश्यक है।
- भूमि अभिलेख
- बुवाई प्रमाण-पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- मोबाइल नंबर
इन दस्तावेजों के साथ किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र, कंप्यूटर कैफे या प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर दें सूचना
यदि बीमित फसल को किसी प्राकृतिक आपदा से नुकसान होता है तो किसान PM Fasal Bima Yojna के नियमों के अनुसार तुरंत टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दें। इसके बाद 72 घंटे के भीतर पंचनामा सहित संबंधित बीमा कंपनी के पास दावा प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। समय पर सूचना देने से दावा प्रक्रिया आसान हो जाती है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है PM Fasal Bima Yojna?
आज के समय में मौसम की अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में PM Fasal Bima Yojna किसानों को आर्थिक जोखिम से बचाने का प्रभावी माध्यम है। केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देकर किसान अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित कर सकते हैं। इसलिए यदि आपने अभी तक बीमा नहीं कराया है तो 31 जुलाई 2026 से पहले आवेदन कर इस सरकारी योजना का लाभ जरूर उठाएं।
