मध्य प्रदेश में खरीफ बुवाई 1.22 करोड़ हेक्टेयर के पार, सोयाबीन और मक्का की मजबूत बढ़त Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026

मध्य प्रदेश में खरीफ बुवाई 1.22 करोड़ हेक्टेयर के पार, सोयाबीन और मक्का की मजबूत बढ़त Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026

मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों ने तेजी से बुवाई का कार्य पूरा किया है। Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 22 जुलाई 2026 तक राज्य में प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई 122.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है। यह निर्धारित लक्ष्य 150.45 लाख हेक्टेयर का लगभग 81.4 प्रतिशत है। अनुकूल मानसून और बेहतर मौसम की वजह से इस बार सोयाबीन, मक्का, तुअर और उड़द जैसी फसलों की बुवाई में अच्छी प्रगति देखने को मिली है। वहीं धान और ज्वार की बुवाई अभी भी लक्ष्य से पीछे बनी हुई है।

Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 में सोयाबीन रही किसानों की पहली पसंद

Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की गई है। 22 जुलाई तक 51.40 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई पूरी हो चुकी है, जो 54.09 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 51.01 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोई गई थी, इसलिए इस बार भी किसानों का भरोसा सोयाबीन पर कायम है।

Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 में मक्का की बुवाई ने बनाया रिकॉर्ड

इस वर्ष Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 में मक्का की खेती ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य में 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की बुवाई दर्ज की गई है, जो सामान्य क्षेत्रफल का 162.4 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 24.61 लाख हेक्टेयर से भी अधिक है। अच्छी बारिश और बेहतर बाजार संभावनाओं के कारण किसानों ने इस बार मक्का की खेती को प्राथमिकता दी है।इसके अलावा बाजरा की बुवाई 2.89 लाख हेक्टेयर, ज्वार की बुवाई 0.54 लाख हेक्टेयर तथा धान की बुवाई 19.54 लाख हेक्टेयर में हुई है। धान की बुवाई अभी लक्ष्य का लगभग 49.3 प्रतिशत ही पहुंच सकी है।

दलहनी फसलों में भी दिखी अच्छी बढ़त

Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 के दौरान दलहनी फसलों की कुल बुवाई 8.82 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 106.6 प्रतिशत है।

दलहनी फसलों की स्थिति इस प्रकार रही—

  • तुअर (अरहर): 2.11 लाख हेक्टेयर
  • उड़द: 6.17 लाख हेक्टेयर
  • मूंग: 0.53 लाख हेक्टेयर

तुअर की बुवाई सामान्य क्षेत्रफल से लगभग 115 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है, जबकि मूंग की खेती भी सामान्य स्तर से ऊपर बनी हुई है।

तिलहनों में सोयाबीन का दबदबा बरकरार

Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 के अनुसार, राज्य में कुल तिलहन फसलों की बुवाई 58.66 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो लक्ष्य का लगभग 93 प्रतिशत है।

अन्य प्रमुख तिलहन फसलें—

  • मूंगफली: 5.34 लाख हेक्टेयर
  • तिल: 1.92 लाख हेक्टेयर
  • नाइजर एवं अन्य: 0.01 लाख हेक्टेयर

मूंगफली की बुवाई सामान्य क्षेत्रफल की तुलना में लगभग 120 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो किसानों के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।

कपास की बुवाई ने लक्ष्य को छोड़ा पीछे

Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 में कपास की खेती भी शानदार रही है। राज्य में 5.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास बोई जा चुकी है, जबकि लक्ष्य 5.72 लाख हेक्टेयर था। यानी कपास की बुवाई 101.2 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुकी है।

खाद्यान्न फसलों की बुवाई भी रही बेहतर

राज्य में अनाज और दलहन को मिलाकर कुल 58.03 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खाद्यान्न फसलों की बुवाई दर्ज की गई है। यह लक्ष्य का लगभग 71.1 प्रतिशत है और पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रगति मानी जा रही है। Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 के आंकड़े बताते हैं कि इस बार किसानों ने मौसम का पूरा लाभ उठाते हुए समय पर बुवाई की है।

मानसून अनुकूल रहा तो और बढ़ेगा खरीफ रकबा

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून सामान्य बना रहता है, तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों का रकबा और बढ़ सकता है। Madhya Pradesh Kharif Fasal Buwai 2026 की मौजूदा स्थिति यह संकेत देती है कि सोयाबीन, मक्का और दलहनी फसलों की मजबूत बुवाई से इस वर्ष राज्य का खरीफ उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। किसानों के लिए यह सीजन उत्पादन और आय दोनों के लिहाज से सकारात्मक साबित हो सकता है।

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