नौकरी छोड़ी, पॉलीहाउस में खीरे की खेती से बने लखपति किसान, शाकिर खान की सफलता की कहानी Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

नौकरी छोड़ी, पॉलीहाउस में खीरे की खेती से बने लखपति किसान, शाकिर खान की सफलता की कहानी Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के युवा किसान शाकिर खान ने आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को कमाई का बेहतर जरिया बना दिया है। किशनगढ़ बास क्षेत्र के गांव दयालपुर निवासी शाकिर खान ने करीब 11 साल तक खाद-बीज कंपनी में नौकरी की। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर पॉलीहाउस में खीरे की खेती शुरू की। उनकी मेहनत और आधुनिक खेती का यह सफर Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan के रूप में दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है।

11 साल नौकरी के बाद खेती को बनाया व्यवसाय

शाकिर खान ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2014 में खाद-बीज कंपनी में नौकरी शुरू की थी। करीब 11 वर्षों तक उन्होंने कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनी में काम किया। नौकरी के दौरान उनका किसानों से लगातार संपर्क रहता था, जिससे उन्हें खेती की समस्याओं, फसलों और आधुनिक कृषि तकनीकों को समझने का मौका मिला। इसी अनुभव ने उनके मन में खुद खेती करने का विचार पैदा किया। नौकरी के दौरान वह यूट्यूब पर अलग-अलग फसलों और खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी भी खोजते रहते थे। इसी दौरान उन्हें पॉलीहाउस में खीरे की खेती के बारे में जानकारी मिली। Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

पॉलीहाउस खेती देखकर बदला खेती का नजरिया

शाकिर खान ने पॉलीहाउस खेती को करीब से समझने के लिए जयपुर के बसेड़ी क्षेत्र का दौरा किया। वहां उन्होंने करीब 250 से 300 पॉलीहाउस देखे। इन पॉलीहाउस में किसान खीरे सहित कई फसलों की खेती कर रहे थे। उन्होंने वहां किसानों से फसल की अवधि, उत्पादन, लागत और संभावित मुनाफे के बारे में जानकारी ली। पॉलीहाउस में नियंत्रित वातावरण के कारण बेहतर उत्पादन की संभावना देखकर शाकिर खान ने भी इस तकनीक को अपनाने का फैसला किया। Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

नौकरी छोड़कर वर्ष 2024 में शुरू की पॉलीहाउस खेती

कृषि क्षेत्र में लंबे समय तक नौकरी करने के बाद शाकिर खान ने वर्ष 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया और अपने खेत में करीब सवा बीघा जमीन पर पॉलीहाउस स्थापित किया। पॉलीहाउस तैयार होने के बाद उन्होंने खीरे की खेती शुरू की। उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन नौकरी के दौरान कृषि क्षेत्र में हासिल अनुभव ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। यही कदम उनकी Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआत बना।

36वें दिन शुरू हो जाती है खीरे की तुड़ाई

शाकिर खान के अनुसार पॉलीहाउस में खीरे के बीज लगाने के करीब 36वें दिन तुड़ाई शुरू हो जाती है। फसल तैयार होने के बाद महीने में लगभग 15 दिन खीरे की तुड़ाई की जाती है। खीरे की तुड़ाई का यह सिलसिला करीब तीन महीने तक चलता है। इस दौरान लगातार फसल प्राप्त होने से किसान को बाजार में नियमित रूप से उपज बेचने का अवसर मिलता है।

एक फसल चक्र में 35 से 40 टन उत्पादन

शाकिर खान रेट्रो सीड कुकू 3D किस्म के खीरे की खेती कर रहे हैं। किसान के अनुसार, करीब तीन महीने के पूरे फसल चक्र में लगभग 35 से 40 टन तक खीरे का उत्पादन प्राप्त होता है। कम क्षेत्रफल में इतना उत्पादन हासिल करना पॉलीहाउस तकनीक की संभावनाओं को दर्शाता है। आधुनिक तकनीक और सही प्रबंधन के जरिए किसान सीमित जमीन से भी बेहतर उत्पादन लेने का प्रयास कर सकते हैं। Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

स्थानीय बाजारों में होती है खीरे की बिक्री

पॉलीहाउस में तैयार होने वाले खीरे को शाकिर खान किशनगढ़ बास और तिजारा के स्थानीय बाजारों में बेचते हैं। स्थानीय बाजारों में बिक्री होने से उन्हें उपज के लिए आसपास ही बाजार उपलब्ध हो जाता है। फसल की तुड़ाई के बाद ताजा खीरा बाजार तक पहुंचाने पर किसान को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलती है। इस तरह उत्पादन के साथ-साथ बाजार की व्यवस्था पर भी शाकिर ने ध्यान दिया है। Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

यूट्यूब से मिली जानकारी को खेत में किया लागू

शाकिर खान ने बताया कि नौकरी के दौरान उन्होंने यूट्यूब पर खेती से जुड़ी कई जानकारियां हासिल कीं। उन्होंने अलग-अलग फसलों की लागत, उत्पादन और मुनाफे के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पॉलीहाउस खेती को करीब से देखने और किसानों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने इसे अपने खेत में लागू किया। इससे पता चलता है कि इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से मिलने वाली कृषि जानकारी किसानों को नई तकनीक अपनाने में मदद कर सकती है। Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan

युवा किसानों के लिए प्रेरणा बनी शाकिर खान की कहानी

शाकिर खान की सफलता यह दिखाती है कि कृषि क्षेत्र में अनुभव और आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल खेती को व्यवसाय के रूप में विकसित करने में मदद कर सकता है। उन्होंने लंबे समय तक नौकरी करने के बाद जोखिम लेकर खेती को चुना और पॉलीहाउस में खीरे की खेती को अपनाया। आज Success Story of Polyhouse Farming Shakir Khan in Rajasthan राजस्थान के उन किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो आधुनिक तकनीक के जरिए खेती से बेहतर कमाई करना चाहते हैं। शाकिर खान की कहानी बताती है कि सही जानकारी, तकनीक, मेहनत और बाजार की समझ के साथ किसान खेती में नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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