Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के किसान योगेंद्र कुमार सिंह ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर मूंगफली की खेती को कम लागत में अच्छी आमदनी का जरिया बनाया है। करीब 5 हजार रुपये की लागत में एक एकड़ जमीन पर 9 से 10 क्विंटल तक उत्पादन लेने वाले योगेंद्र सिंह की कहानी किसानों के लिए प्रेरणादायक है। Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP कम लागत में बेहतर उत्पादन और बाजार की सही रणनीति की मिसाल पेश करती है।
योगेंद्र सिंह के अनुसार, मूंगफली की फसल करीब 2 से 2.5 महीने में तैयार हो जाती है। पहली अच्छी बारिश के बाद इसकी बुआई की जाती है। कम अवधि में फसल तैयार होने और बाजार में अच्छी मांग रहने की वजह से किसान इससे बेहतर आमदनी हासिल कर सकते हैं।
Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP की शुरुआत कैसे हुई?
मिर्जापुर के किसान योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ जमीन में गिरनार प्रजाति की मूंगफली लगाई है। उन्होंने खेती में ज्यादा खर्च करने के बजाय कम लागत वाले तरीकों को अपनाया। उनका उद्देश्य ऐसी फसल तैयार करना था, जिसमें लागत कम हो और उत्पादन के साथ बाजार में अच्छा भाव भी मिल सके। इसी सोच के साथ योगेंद्र सिंह ने मूंगफली की खेती शुरू की। उनकी खेती का तरीका अब Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP के रूप में किसानों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है।
एक एकड़ में करीब 5 हजार रुपये आती है लागत
योगेंद्र सिंह के मुताबिक, मूंगफली की खेती में मुख्य खर्च खेत की जुताई, बुआई, फसल उखाड़ने और मजदूरी पर आता है। खेत की जुताई और बुआई में करीब 1,000 से 1,200 रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद फसल की खुदाई और मजदूरी पर करीब 2,000 से 2,500 रुपये तक खर्च आता है। अन्य छोटे-मोटे खर्चों को जोड़ने के बाद एक एकड़ में कुल लागत करीब 5 हजार रुपये तक पहुंचती है। कम लागत में खेती करना ही Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP की सबसे खास बातों में से एक है।
ढाई महीने में तैयार हो जाती है मूंगफली की फसल
मूंगफली की खेती में कम समय लगना किसानों के लिए बड़ा फायदा हो सकता है। योगेंद्र सिंह बताते हैं कि पहली बारिश के बाद मूंगफली की बुआई कर दी जाती है और करीब 2 से 2.5 महीने में फसल तैयार हो जाती है। गिरनार प्रजाति की मूंगफली को उन्होंने अपने खेत में लगाया है। उचित मौसम और फसल प्रबंधन मिलने पर कम समय में इसकी खुदाई की जा सकती है। इस तरह किसान कम अवधि में उत्पादन लेकर आगे की फसल की तैयारी कर सकते हैं। Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP
एक एकड़ में 9 से 10 क्विंटल तक उत्पादन
योगेंद्र सिंह के अनुसार, एक एकड़ जमीन से करीब 9 से 10 क्विंटल तक मूंगफली का उत्पादन प्राप्त हो जाता है। हालांकि वास्तविक उत्पादन मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम, बीज, सिंचाई और फसल प्रबंधन जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। किसान के मुताबिक, बलुई जमीन में मूंगफली की पैदावार अच्छी हो सकती है। यही वजह है कि उपयुक्त जमीन वाले किसान कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर इस फसल को अपनी खेती का हिस्सा बना सकते हैं। यही पहलू Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP को खास बनाता है।
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50 से 70 रुपये किलो तक मिल सकता है भाव
मूंगफली की बिक्री से होने वाली आमदनी बाजार भाव पर निर्भर करती है। योगेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें खुले बाजार में करीब 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल जाता है। थोक में बिक्री करने पर करीब 50 रुपये किलो और खुदरा बिक्री में करीब 60 रुपये किलो तक दाम मिल सकता है। मांग बढ़ने पर मूंगफली का भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना भी रहती है। ऐसे में उत्पादन और बाजार भाव के आधार पर किसान अपनी आमदनी का अनुमान लगा सकते हैं। Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP
महंगे कीटनाशकों की जगह ट्रैप का इस्तेमाल
योगेंद्र सिंह मूंगफली की फसल में महंगे कीटनाशकों का इस्तेमाल करने के बजाय कम लागत वाले उपायों को प्राथमिकता देते हैं। किसान के अनुसार, उन्होंने फसल में अब तक किसी महंगे कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया है। कीटों के प्रभाव को कम करने के लिए वह मट्ठे का छिड़काव करने के साथ अलग-अलग प्रकार के ट्रैप का इस्तेमाल करते हैं। इनमें पीली पन्नी, नीली पन्नी, फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप और फल मक्खी ट्रैप शामिल हैं। Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP
कम लागत और सही प्रबंधन से बढ़ सकती है आमदनी
Yogendra Singh Moongfali Farming Success Story in UP यह बताती है कि किसान कम लागत वाली फसल और बेहतर फसल प्रबंधन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। एक एकड़ में करीब 5 हजार रुपये की लागत और 9 से 10 क्विंटल तक उत्पादन का दावा इस खेती को किसानों के लिए आकर्षक बनाता है।
हालांकि हर क्षेत्र में उत्पादन और बाजार भाव अलग हो सकते हैं। इसलिए मूंगफली की खेती शुरू करने से पहले किसान अपने क्षेत्र की मिट्टी, मौसम, पानी की उपलब्धता और स्थानीय मंडी भाव की जानकारी जरूर लें। कृषि विशेषज्ञों की सलाह के साथ खेती करने से जोखिम को कम करने और बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिल सकती है। योगेंद्र सिंह का यह मॉडल खास तौर पर उन किसानों के लिए प्रेरणा बन सकता है, जो कम लागत में कम अवधि वाली फसल से अतिरिक्त आमदनी हासिल करना चाहते हैं।
