Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026: गुजरात के किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदने को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मंजूर हो चुके पात्र किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदने की समय सीमा 15 दिन और बढ़ा दी है। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को फायदा मिलेगा, जिन्हें आवेदन मंजूर होने के बावजूद समय पर कृषि उपकरण उपलब्ध नहीं हो पाए थे। Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026 के तहत किसानों को कई कृषि उपकरणों पर सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जा रही है।
Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026 की डेडलाइन बढ़ी
कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री कृषि उपकरण योजना के तहत जिन पात्र किसानों के आवेदन मंजूर हो चुके हैं, उन्हें कृषि यंत्र खरीदने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। दरअसल, एक साथ बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन स्वीकृत होने के कारण कृषि यंत्र बनाने वाली कंपनियों और विक्रेताओं पर मांग का दबाव बढ़ गया था।
कई किसानों को निर्धारित समय में अपने स्वीकृत कृषि उपकरण नहीं मिल पा रहे थे। किसानों और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने खरीद की अंतिम समय सीमा को 15 दिन आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पात्र किसानों को अपने स्वीकृत कृषि यंत्र खरीदने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026
15 दिन के अतिरिक्त समय में खरीदें कृषि यंत्र
समय सीमा बढ़ने के बाद पात्र किसान निर्धारित अतिरिक्त अवधि के भीतर अपने स्वीकृत कृषि उपकरण खरीद सकेंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और संबंधित डीलर या निर्माता से कृषि यंत्र की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेकर जल्द खरीद प्रक्रिया पूरी करें। Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026 का लाभ लेने वाले किसानों के लिए यह अतिरिक्त समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि निर्धारित अवधि में खरीद पूरी करना योजना के लाभ के लिए जरूरी हो सकता है।
कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान
कृषि मंत्री के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री कृषि उपकरण योजना के तहत राज्य सरकार ने किसानों को सहायता देने के लिए 750 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराना है, ताकि खेती के काम में लगने वाले समय और श्रम को कम किया जा सके। योजना के तहत पात्र किसानों से ‘आई-खेदूत’ पोर्टल के माध्यम से आवेदन मंगाए गए थे और निर्धारित प्रक्रिया के बाद योग्य किसानों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026
सुपर सीडर, पावर टिलर और कल्टीवेटर पर 50% तक सब्सिडी
गुजरात सरकार की कृषि यंत्र योजना के तहत किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले कई तरह के उपकरणों पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इनमें सुपर सीडर, पावर टिलर, कल्टीवेटर समेत कई अन्य कृषि उपकरण शामिल हैं। कृषि यंत्र पर मिलने वाली सहायता हर उपकरण के लिए समान नहीं होती।
सब्सिडी की राशि कृषि यंत्र के प्रकार, उसकी कीमत और सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के आधार पर तय की जाती है। कुछ कृषि उपकरणों पर किसानों को 50 फीसदी तक सब्सिडी मिल सकती है। इसलिए Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026 के तहत आवेदन करने या खरीदारी करने वाले किसानों को अपने कृषि यंत्र के लिए निर्धारित सहायता राशि और पात्रता की जानकारी पहले जरूर जांच लेनी चाहिए।
ये भी देखे: गाय और भैंस के दूध में कितना फैट होता है? एक्सपर्ट से जानिए किसके पालन में कमाई ज्यादा
किसानों को मिलेगा आधुनिक कृषि उपकरणों का फायदा
कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से खेती के कई काम कम समय में पूरे किए जा सकते हैं। सुपर सीडर जैसे उपकरण फसल अवशेष प्रबंधन और बुवाई में मदद करते हैं, जबकि पावर टिलर और कल्टीवेटर जैसे उपकरण खेत की तैयारी से जुड़े कामों में उपयोगी होते हैं। सरकार की ओर से कृषि यंत्रों पर सहायता देने का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और खेती की लागत व मेहनत को कम करने में मदद करना है। Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026
कृषि मंत्री ने किसानों और निर्माताओं से की अपील
कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने राज्य के पात्र किसानों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कृषि यंत्र निर्माताओं से भी किसानों को उपकरण समय पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सरकार का कहना है कि पात्र किसानों को बढ़ाई गई समय सीमा का उपयोग करते हुए अपनी कृषि यंत्र खरीद प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
इससे वे योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ उठा सकेंगे। Gujarat Krishi Yantra Subsidy 2026 के तहत लाभ लेने वाले किसानों को खरीद से पहले योजना के नियम, पात्रता, कृषि यंत्र की स्वीकृति और मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी संबंधित विभाग या आई-खेदूत पोर्टल से जांच लेना चाहिए।
