Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri: राजस्थान के किसानों के लिए खाद खरीदना अब पहले के मुकाबले आसान होने जा रहा है। राज्य सरकार उर्वरकों की बिक्री और वितरण व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri व्यवस्था को फिलहाल 18 जिलों में लागू किया जा चुका है। जल्द ही इसका विस्तार प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जाएगा। डिजिटल सिस्टम का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार सब्सिडी वाला खाद उपलब्ध कराना और खाद की मांग, स्टॉक तथा बिक्री पर बेहतर निगरानी रखना है। इससे कालाबाजारी और जमाखोरी जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
18 जिलों में लागू हुई डिजिटल खाद बिक्री व्यवस्था
कृषि विभाग के अनुसार, डीबीटी पीओएस एप्लिकेशन के वर्जन 3.77 के जरिए राजस्थान के 18 जिलों में डिजिटल खाद वितरण व्यवस्था शुरू हो चुकी है। इसकी शुरुआत सिरोही और राजसमंद में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई थी। पायलट प्रोजेक्ट के सफल परिणामों के बाद बूंदी, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, धौलपुर और चूरू को भी इससे जोड़ा गया। इसके बाद बारां, दौसा, हनुमानगढ़, डूंगरपुर, जालोर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri
एक लाख से ज्यादा किसानों ने की यूरिया की बुकिंग
कृषि विभाग के मुताबिक, शुरुआती दो चरणों में ही एक लाख से अधिक किसानों ने करीब 15 हजार मीट्रिक टन यूरिया की डिजिटल बुकिंग की है। इससे संकेत मिलता है कि किसान नई व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri व्यवस्था के तहत किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग करेंगे। बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को एक टोकन मिलेगा। इस टोकन की वैधता 48 घंटे होगी। किसान 48 घंटे के अंदर अपने नजदीकी अधिकृत खाद विक्रेता के यहां जाकर टोकन के आधार पर यूरिया खरीद सकेंगे। अगर तय समय में खाद नहीं ली जाती है तो किसान को दोबारा बुकिंग करनी होगी।
खाद के लिए दुकानों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
नई डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को खाद के लिए अलग-अलग दुकानों पर भटकने की जरूरत कम होगी। साथ ही खाद की दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलने की उम्मीद है। डिजिटल सिस्टम के जरिए कृषि विभाग को यह पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में खाद की कितनी मांग है और किस जगह कितना स्टॉक मौजूद है। इससे खाद की आपूर्ति को जरूरत के हिसाब से बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri
फार्मर आईडी से होगी खाद की बिक्री
नई व्यवस्था में खाद की बिक्री फार्मर आईडी के आधार पर की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार, राजस्थान में अब तक 88.85 लाख किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एग्रीस्टैक कमिश्नरेट स्थापित करने की तैयारी भी कर रही है। इससे किसानों से जुड़ी अलग-अलग सेवाओं को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने में मदद मिलेगी। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri
कालाबाजारी और ओवरचार्जिंग पर लगेगी रोक
डिजिटल खाद बिक्री व्यवस्था से सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। इससे खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही, दुकानदारों द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक पैसे लेने या खाद के साथ जबरन अन्य सामान खरीदने के लिए कहने जैसी शिकायतों पर भी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। अधिकारियों को खाद विक्रेताओं के पास उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक जानकारी मिलने से जरूरत के अनुसार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
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सरकार को मिल रही है प्रोत्साहन राशि
राजस्थान में डिजिटल खाद बिक्री व्यवस्था लागू करने के लिए राज्य सरकार को वित्तीय प्रोत्साहन भी मिल रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, सिरोही और राजसमंद में यह व्यवस्था लागू करने पर करीब 175 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। अगर इस डिजिटल सिस्टम को पूरे राजस्थान में लागू किया जाता है तो करीब 675 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने की संभावना है। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri
किसानों के लिए क्या बदलेगा?
Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri शुरू होने के बाद किसानों को खाद की उपलब्धता की जानकारी बेहतर तरीके से मिल सकेगी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार बुकिंग कर सकेंगे और टोकन के माध्यम से अधिकृत विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। Rajasthan Mein Online Khaad Ki Bikri
