Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare: मौसम में बदलाव का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ता है। बकरी पालन करने वाले किसानों के लिए सर्दियों का मौसम खास सावधानी का समय होता है। ठंड बढ़ने के साथ बकरियों और उनके बच्चों को नमी, ठंडी जमीन और गंदगी से बचाना जरूरी हो जाता है। ऐसे में किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, ताकि पशु स्वस्थ रहें और उनके उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर न पड़े।
बकरियां सामान्य तौर पर अलग-अलग मौसम में खुद को ढालने में सक्षम मानी जाती हैं, लेकिन अचानक मौसम बदलने पर उन्हें परेशानी हो सकती है। इसलिए ठंड शुरू होने से करीब 15 दिन पहले ही शेड की व्यवस्था को बेहतर कर लेना चाहिए। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare
सर्दियों में बकरियों के लिए शेड क्यों जरूरी है?
ठंड के मौसम में बकरियों को सबसे ज्यादा परेशानी ठंडी जमीन और नमी से हो सकती है। यदि शेड का फर्श गीला रहता है या उसमें यूरिन और मेंगनी जमा होती रहती है तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बकरी के बच्चे ठंड और नमी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इसका पहला नियम यही है कि बकरियों के रहने की जगह साफ, सूखी और सुरक्षित होनी चाहिए। शेड में बारिश का पानी जमा नहीं होना चाहिए और ठंडी हवा के सीधे प्रवेश को भी नियंत्रित करना चाहिए।
कम जगह में भी कर सकते हैं बकरी पालन
जिन किसानों के पास बकरी पालन के लिए ज्यादा जमीन नहीं है, उनके लिए दो मंजिला गोट शेड अच्छा विकल्प हो सकता है। बाजार में प्लास्टिक शीट और लोहे की एंगल से तैयार किए गए रेडीमेड गोट शेड भी उपलब्ध हैं। कम जगह में बकरियों को रखने के लिए केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG), मथुरा की ओर से भी शेड के मॉडल विकसित किए गए हैं।
इस तरह के शेड को उचित रखरखाव के साथ लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर किसान सोच रहे हैं कि Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, तो शेड का सही डिजाइन और उसमें पर्याप्त जगह रखना सबसे जरूरी बातों में शामिल है। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare
दो मंजिला गोट शेड में ऐसे रखें बकरियां
प्लास्टिक से तैयार दो मंजिला गोट शेड में बड़ी बकरियों और उनके बच्चों को अलग-अलग रखा जा सकता है। आमतौर पर बड़ी बकरियों को नीचे और छोटे बच्चों को ऊपरी मंजिल पर रखने की व्यवस्था की जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि छोटे बच्चों का जमीन से सीधा संपर्क कम हो जाता है। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare
बारिश और सर्दियों के दौरान जमीन पर नमी या पानी होने की स्थिति में यह व्यवस्था बकरी के बच्चों के लिए काफी उपयोगी हो सकती है। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इसमें बकरी के बच्चों के लिए अलग और सूखी जगह उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे ठंड और गंदगी के संपर्क को कम किया जा सकता है।
बकरी के बच्चों को मिट्टी और बीमारी से बचाएं
छोटे बकरी के बच्चे कई बार जमीन पर पड़ी मिट्टी खाने लगते हैं। मिट्टी के संपर्क में रहने से उनके शरीर में पेट के कीड़ों और परजीवियों का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि बच्चों को साफ और ऊंचे फर्श वाले स्थान पर रखना बेहतर माना जाता है। दो मंजिला शेड में बच्चों को ऊपर रखने से जमीन से उनका सीधा संपर्क कम हो जाता है। साथ ही नीचे की गंदगी से भी उन्हें कुछ हद तक अलग रखा जा सकता है। किसानों को Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इसकी योजना बनाते समय बच्चों के लिए अलग स्थान, सूखा फर्श और पर्याप्त हवा की व्यवस्था जरूर करनी चाहिए।
मेंगनी और यूरिन से बचाव की व्यवस्था
दो मंजिला गोट शेड में ऊपरी मंजिल के नीचे प्लास्टिक शीट लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। इसका उद्देश्य बच्चों की मेंगनी और यूरिन को नीचे रखी बड़ी बकरियों तक पहुंचने से रोकना होता है। प्लास्टिक शीट को ढलान के साथ लगाया जाता है, जिससे यूरिन और मेंगनी शेड के किनारे की ओर निकल सके। इससे नीचे रहने वाली बकरियों का गंदगी के सीधे संपर्क में आने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा मेंगनी मिट्टी के सीधे संपर्क में नहीं आती, जिससे उसे आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है। किसान इसका इस्तेमाल जैविक खाद तैयार करने में भी कर सकते हैं।
Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare जमीन पर चारा रखने से बचें
बकरी पालन में चारे की बर्बादी भी किसानों के लिए चिंता का विषय रहती है। जब चारा सीधे जमीन पर रखा जाता है तो उसका कुछ हिस्सा नीचे गिर जाता है। जमीन पर पड़े चारे में यूरिन और मेंगनी मिल जाने से वह दूषित हो सकता है। ऐसा चारा खाने से बकरियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए चारे को जमीन से ऊपर रखने की व्यवस्था करना बेहतर होता है। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इस सवाल का जवाब केवल ठंड से बचाव तक सीमित नहीं है। साफ चारा, स्वच्छ पानी और साफ शेड भी सर्दियों में बकरी पालन के लिए उतने ही जरूरी हैं।
बारिश और नमी से रखें सुरक्षित
सर्दियों से पहले शेड की छत और फर्श की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। कहीं से बारिश का पानी अंदर आने की संभावना हो तो उसे पहले ही ठीक कर दें। शेड के आसपास पानी जमा होने की स्थिति में उसकी निकासी की व्यवस्था करें। गीले फर्श पर लंबे समय तक रहने से बकरियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए शेड की नियमित सफाई करें और मेंगनी व यूरिन को समय-समय पर बाहर निकालते रहें। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इसके लिए शेड में नमी को नियंत्रित करना सबसे महत्वपूर्ण तैयारियों में से एक है।
ये भी देखे: कासगंज के 10वीं पास किसान सतीश ने बरसात में उगाया तरबूज, ऑफ सीजन खेती से कमाई की उम्मीद
1.80 लाख रुपये में तैयार हो सकता है दो मंजिला शेड
एक बड़ी बकरी के लिए करीब डेढ़ वर्ग मीटर जगह की जरूरत बताई जाती है। सीआईआरजी के बताए मॉडल के अनुसार करीब 10 मीटर चौड़े और 15 मीटर लंबे दो मंजिला शेड में नीचे 10 से 12 बड़ी बकरियों को रखा जा सकता है। वहीं ऊपरी मंजिल पर लगभग 17 से 18 बकरी के बच्चों को रखने की क्षमता बताई गई है। इस आकार के शेड को तैयार करने में करीब 1.80 लाख रुपये की लागत आ सकती है। शेड बनाने के लिए लोहे की एंगल और प्लास्टिक शीट जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऊपरी मंजिल के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष फर्श भी बाजार में उपलब्ध हैं।
शेड में हवा और रोशनी का रखें ध्यान
सर्दियों में शेड को पूरी तरह बंद कर देना भी सही नहीं है। शेड में पर्याप्त वेंटिलेशन यानी हवा के आवागमन की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे अंदर की नमी और दुर्गंध को कम करने में मदद मिलती है। हालांकि ठंडी हवा सीधे बकरियों पर न लगे, इसका भी ध्यान रखना चाहिए। शेड का डिजाइन ऐसा होना चाहिए कि हवा का पर्याप्त आवागमन बना रहे और बकरियों को ठंडी हवाओं से बचाया जा सके। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इसके लिए साफ-सफाई, सूखा फर्श और संतुलित वेंटिलेशन को प्राथमिकता देना चाहिए।
सर्दी शुरू होने से पहले कर लें ये तैयारी
सर्दियों के आने से पहले किसान शेड की पूरी जांच कर लें। छत से पानी आने, फर्श में नमी रहने या हवा के सीधे प्रवेश जैसी समस्याओं को समय रहते ठीक करना चाहिए। बकरियों के बच्चों के लिए अलग सूखा स्थान तैयार करना भी जरूरी है। चारे और पानी की व्यवस्था ऐसी जगह करें जहां उसमें मेंगनी या यूरिन न मिले। शेड की नियमित सफाई करते रहें और गंदगी को लंबे समय तक जमा न होने दें। Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare
आखिर में Sardiyon Mein Bakri Ki Dekhbhal Kaise Kare, इसका सबसे आसान तरीका यही है कि ठंड आने का इंतजार न करें। मौसम बदलने से पहले शेड तैयार करें, बकरियों को सूखी जगह दें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। इससे बकरियों और उनके बच्चों को सर्दियों में स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

1 Comment