गौशालाओं को ₹66.74 करोड़ का अनुदान, 5.40 लाख गोवंश को मिलेगा लाभ Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026

गौशालाओं को ₹66.74 करोड़ का अनुदान, 5.40 लाख गोवंश को मिलेगा लाभ Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026

Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026: मध्यप्रदेश की पंजीकृत और संचालित गौशालाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026 के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 सितंबर 2026 को इंदौर से गौशालाओं के लिए ₹66 करोड़ 73 लाख 81 हजार 160 रुपये की अनुदान राशि ऑनलाइन DBT के माध्यम से जारी करेंगे। इस राशि से प्रदेश की गौशालाओं में व्यवस्थापित 5 लाख 40 हजार 305 गोवंश के भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन में मदद मिलेगी।

गौशालाओं के खातों में सीधे पहुंचेगा अनुदान

Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026 के तहत जुलाई 2026 माह के लिए निर्धारित अनुदान राशि सीधे संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए सरकार ऑनलाइन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का इस्तेमाल करेगी। DBT के जरिए भुगतान होने से गौशाला संचालकों को अनुदान प्राप्त करने के लिए अलग से भुगतान प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी। जारी की जाने वाली राशि का उपयोग गौशालाओं में मौजूद गोवंश के भरण-पोषण और आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखने में किया जाएगा।

5,40,305 गोवंश के लिए जारी होगी राशि

इस बार जारी होने वाला अनुदान प्रदेश की गौशालाओं में व्यवस्थापित 5 लाख 40 हजार 305 गोवंश के लिए है। सरकार के अनुसार, जुलाई 2026 माह के लिए कुल 66 करोड़ 73 लाख 81 हजार 160 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026 की यह राशि गौशालाओं में रखे गए गोवंश के भोजन, भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन से जुड़ी जरूरतों में सहायता करेगी।

हर गोवंश के लिए ₹40 प्रतिदिन का अनुदान

मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में व्यवस्थापित गोवंश के लिए ₹40 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। जुलाई 2026 के अनुदान का वितरण भी इसी दर के आधार पर किया जा रहा है। पहले गौशालाओं में रखे जाने वाले गोवंश के लिए दैनिक अनुदान की राशि ₹20 प्रति गोवंश थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 से इसे बढ़ाकर ₹40 प्रति गोवंश प्रतिदिन किया गया। इससे गौशालाओं को गोवंश के चारे और देखभाल से जुड़े खर्चों के लिए अधिक सहायता मिल रही है।

गोवंश के चारे और देखभाल में होगा उपयोग

गौशालाओं में बड़ी संख्या में गोवंश की देखभाल के लिए नियमित रूप से चारा, पानी, साफ-सफाई और रहने की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार पशुओं की देखभाल से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं भी करनी होती हैं। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026 के तहत मिलने वाली राशि का उद्देश्य गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण और व्यवस्थापन में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के माध्यम से यह राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

मध्यप्रदेश में हजारों गौशालाओं का संचालन

प्रदेश में बड़ी संख्या में पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं, जहां गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण की व्यवस्था की जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदेश में 3,214 से अधिक पंजीकृत गौशालाएं हैं और इनमें बड़ी संख्या में गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। गौशालाओं के संचालन में होने वाले नियमित खर्च को देखते हुए सरकारी अनुदान महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करता है। नियमित अनुदान मिलने से संचालकों को गोवंश के लिए जरूरी व्यवस्थाएं बनाए रखने में मदद मिलती है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026

गौशालाओं के अनुदान में हुई बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने गौशालाओं में रखे जाने वाले गोवंश के लिए मिलने वाले दैनिक अनुदान में बढ़ोतरी की है। पहले जहां ₹20 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर थी, वहीं अब यह राशि ₹40 प्रति गोवंश प्रतिदिन है। इस बढ़ी हुई राशि का उद्देश्य गौशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण और देखभाल के लिए उपलब्ध आर्थिक सहायता को मजबूत करना है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026 इसी बढ़ी हुई दर के तहत जुलाई माह के लिए जारी किया जा रहा है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026

स्वावलंबी गौशालाओं पर भी सरकार का जोर

मध्यप्रदेश सरकार गौशालाओं को केवल अनुदान आधारित व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अधिक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। राज्य के बजट दस्तावेज में स्वावलंबी गौशालाओं को विकसित करने की नीति का उल्लेख किया गया है। इसके तहत आधुनिक तरीके से गौशालाओं के संचालन और जैविक खाद, पंचगव्य तथा बायोगैस जैसे उत्पादों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026

5,000 गोवंश वाली गौशालाओं के लिए भूमि का प्रावधान

स्वावलंबी गौशाला नीति के तहत बड़ी क्षमता वाली गौशालाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कम से कम 5,000 गोवंश रखने वाली गौशालाओं को 125 एकड़ तक शासकीय भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़ी संख्या में गोवंश के संरक्षण के लिए पर्याप्त स्थान और बेहतर व्यवस्थापन उपलब्ध कराना है। साथ ही गौशालाओं को भविष्य में अधिक व्यवस्थित और स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026

17 सितंबर को जारी होगा ₹66.74 करोड़ का अनुदान

कुल मिलाकर Madhya Pradesh Gaushala Anudan 2026 के तहत 17 सितंबर को इंदौर से ₹66.74 करोड़ से अधिक की राशि जारी की जाएगी। यह जुलाई 2026 के लिए निर्धारित अनुदान है और इससे 5,40,305 गोवंश के भरण-पोषण एवं व्यवस्थापन में सहायता मिलेगी। DBT के माध्यम से राशि सीधे संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी। सरकार की इस व्यवस्था से गौशालाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और गोवंश के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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