MP Weather Today: 21 सितंबर तक बारिश-आंधी का दौर, 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा

MP Weather Today: 21 सितंबर तक बारिश-आंधी का दौर, 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा

MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन विदाई से पहले एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 21 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए MP Weather Today से जुड़े पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, सितंबर के आखिरी सप्ताह से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने का अनुमान है।

MP Weather Today: 18 से 21 सितंबर तक बारिश के आसार

मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में 18 से 21 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 22 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, मानसून की सक्रियता पूरी तरह समाप्त होने की संभावना नहीं है। MP Weather Today के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दौर आगे भी देखने को मिल सकता है।

मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से होने का अनुमान है, जबकि मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी सप्ताह तक मानसून सक्रिय रह सकता है। बारिश का यह दौर उन जिलों के लिए राहत लेकर आ सकता है, जहां अभी तक सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

MP Weather Today: 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

मध्य प्रदेश में अब तक कई जिलों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के करीब 18 जिलों में बारिश सामान्य से अधिक रही है। इन जिलों में भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

वहीं इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। आलीराजपुर में सामान्य बारिश की तुलना में करीब आधी बारिश ही दर्ज हुई है, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 54 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। MP Weather Today के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों की बारिश से कम बारिश वाले जिलों को कुछ राहत मिल सकती है।

भोपाल, सीहोर और देवास में तेज बारिश

गुरुवार को भोपाल, सीहोर और देवास समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई। भोपाल-इंदौर रोड पर सोनकच्छ में बारिश के दौरान कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया। कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा। ग्वालियर में दिनभर उमस और गर्मी के बाद शाम को तेज बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

MP Weather Today: अरब सागर में लो प्रेशर एरिया का असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा मानसून ट्रफ भी इस मौसम प्रणाली से होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य भारत में नमी बनी हुई है और बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसी वजह से MP Weather Today में अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

19 सितंबर के बाद बन सकता है नया मौसम सिस्टम

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 18 और 19 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में बारिश के अलग-अलग चरण देखने को मिल सकते हैं। इसके बाद 19 सितंबर के आसपास मौसम में एक और बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

इसके बाद यह मौसम प्रणाली दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकती है। इसका असर मध्य भारत के मौसम पर भी पड़ सकता है। MP Weather Today के लिहाज से यह नया सिस्टम बारिश की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

MP Weather Today: प्रदेश में अब तक 88.9% बारिश

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 842.1 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 905.3 मिमी यानी 35.6 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से लगभग 2.5 इंच कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से करीब 2 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से लगभग 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश के मौजूदा दौर को देखते हुए MP Weather Today में आने वाले दिनों में बारिश के आंकड़ों में और सुधार होने की संभावना बनी हुई है।

32 जिलों में 4 से 50% तक बारिश की कमी

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य के आसपास रही है, लेकिन कुछ जिलों में कमी दर्ज की गई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से करीब 4 से 25 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से करीब 4 से 50 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में सुधार देखने को मिला है। MP Weather Today के अनुसार 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने पर कम बारिश वाले जिलों की स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

अगले कुछ दिनों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें। जिन फसलों में पानी जमा होने की समस्या है, वहां अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करना जरूरी है। तेज आंधी की संभावना के दौरान खेतों में सिंचाई, दवा छिड़काव और अन्य कृषि कार्य मौसम को देखकर ही करें। किसानों को स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर भी नजर रखनी चाहिए। MP Weather Today के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 21 सितंबर तक प्रदेश में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इसलिए किसान और आम लोग बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतें।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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