GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पैदा होने वाला GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal अब स्थानीय बाजार से निकलकर देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। GI टैग प्राप्त इस खास सीताफल को एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के तहत भी पहचान मिली है। प्रशासन की कोशिश है कि इसकी खेती से जुड़े किसानों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और नए कारोबार के अवसर मिल सकें।
‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान से किसानों को जोड़ने की तैयारी
किसानों को सीताफल की बेहतर कीमत दिलाने और उत्पादन से लेकर बिक्री तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने के उद्देश्य से ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में सीताफल के पौधों की गणना, किसानों का सर्वेक्षण और उत्पादक किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal से जुड़े किसानों का व्यवस्थित डेटा तैयार होने के बाद भविष्य में उत्पादन, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिल सकती है। प्रशासन अधिक से अधिक उत्पादक किसानों को इस अभियान से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
GI टैग से सीताफल को मिलेगी अलग पहचान
GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal की सबसे खास बात इसकी भौगोलिक पहचान है। GI टैग किसी विशेष क्षेत्र से जुड़े उत्पाद की पहचान को प्रमाणित करता है। सिवनी के जम्बो सीताफल को मिली यह पहचान बाजार में इसके ब्रांड को मजबूत करने में मदद कर सकती है। अब फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal के लिए ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग जैसी व्यवस्थाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे इसे संगठित बाजार में बेहतर तरीके से पेश किया जा सके।
देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी
सिवनी के जम्बो सीताफल को देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाने के लिए मार्केटिंग की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal की मांग बढ़ाने के लिए बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर ध्यान दिया जाना जरूरी होगा। अभियान के अगले चरण में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित करने की तैयारी है। इसमें सीताफल उत्पादक किसान, विक्रेता, एफपीओ सदस्य, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
विदेशी बाजार में निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा
GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए नाबार्ड और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी APEDA सहित संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों को कार्यशाला से जोड़ने की तैयारी है। कार्यशाला में किसानों और उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, पैकेजिंग, वैल्यू एडिशन और संभावित बाजारों से जुड़ी जानकारी देने पर चर्चा की जाएगी। इससे GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal के लिए नए बाजार तलाशने में मदद मिल सकती है।
सीताफल की प्रोसेसिंग से बढ़ेंगे कारोबार के अवसर
सिर्फ ताजे फल की बिक्री पर निर्भर रहने के बजाय सीताफल की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की योजना भी महत्वपूर्ण है। GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal से जुड़े प्रसंस्कृत उत्पादों के जरिए किसानों और स्थानीय उद्यमियों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। सीताफल की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और भंडारण की सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे उत्पाद की पूरी वैल्यू चेन मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।
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किसानों और एफपीओ के लिए बनेंगे नए अवसर
GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal को मजबूत कृषि ब्रांड के रूप में विकसित करने के लिए किसानों और एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। एफपीओ के माध्यम से किसान सामूहिक रूप से उत्पादन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग जैसी गतिविधियों से जुड़ सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसानों, एफपीओ, वित्तीय संस्थाओं, खरीदारों और प्रसंस्करण उद्यमियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इससे GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए एक संगठित व्यवस्था तैयार करने में मदद मिल सकती है।
किसान पंजीयन से तैयार होगा सीताफल उत्पादन का डेटा
‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत किए जा रहे सर्वे और पंजीयन से जिले में सीताफल उत्पादन की वास्तविक स्थिति का डेटा तैयार किया जाएगा। GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal का उत्पादन करने वाले किसानों की जानकारी मिलने से भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिल सकती है। यह डेटा मार्केटिंग, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और संभावित निर्यात से जुड़ी योजनाओं के लिए उपयोगी हो सकता है। जिन किसानों का अभी तक सर्वे या पंजीयन नहीं हुआ है, उन्हें जल्द पंजीयन कराने की अपील की गई है।
सीताफल उत्पादक किसान इन नंबरों पर करें संपर्क
जिन किसानों का अभी तक सर्वे या पंजीयन नहीं हुआ है, वे 9098431856 और 9713448994 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इन नंबरों के माध्यम से ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान और पंजीयन से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। GI Tag Wala Seoni Jumbo Sitaphal को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को मजबूत करना अहम होगा। अगर ये व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से विकसित होती हैं, तो सिवनी के जम्बो सीताफल के लिए नए बाजार और किसानों के लिए बेहतर मूल्य के अवसर बन सकते हैं।

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