PM Fasal Bima Yojana: उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सुल्तानपुर, बहराइच, बाराबंकी समेत कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इसका सबसे ज्यादा असर धान, मक्का और सब्जियों की फसलों पर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में धान की खड़ी फसल गिरने लगी है, वहीं पकने की अवस्था में पहुंच चुकी फसल को भी नुकसान होने की चिंता बढ़ गई है।
कृषि विभाग के अनुसार सुल्तानपुर जिले में 10 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जिले में बड़ी संख्या में किसानों ने फसल का बीमा कराया है। ऐसे में नुकसान का सर्वे होने के बाद पात्र किसानों को PM Fasal Bima Yojana के नियमों के तहत बीमा राशि मिलने की उम्मीद है।
लगातार बारिश से धान की फसल को नुकसान
सुल्तानपुर जिले में करीब एक महीने से रुक-रुककर बारिश हो रही है। हालांकि पहले हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी रही, लेकिन पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय धान की फसल में दाने बनने और पकने की प्रक्रिया चल रही है। अगेती किस्मों में बालियां पकने लगी हैं। खेतों में पानी जमा होने के कारण तेज हवा चलने पर पौधों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। पकी बालियों से दाने झड़ने की स्थिति में किसानों को अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।
1.28 लाख हेक्टेयर खरीफ फसलों की निगरानी
PM Fasal Bima Yojana उप कृषि निदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार सुल्तानपुर जिले में करीब 1.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की निगरानी की जा रही है। इसमें लगभग 10,800 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल शामिल है। तराई और निचले इलाकों में कई धान के खेतों में पानी भरने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अभी नुकसान का अंतिम आकलन नहीं किया गया है। बारिश रुकने और खेतों से पानी निकलने के बाद ही फसल को हुए वास्तविक नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी।
29 सितंबर तक बारिश की संभावना
लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार अवध क्षेत्र में 29 सितंबर तक तेज बारिश का अनुमान जताया गया है। पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण किसानों की चिंता बनी हुई है। पूर्वांचल के कई जिलों में भी बारिश का असर देखा जा रहा है। बारिश के कारण क्षेत्र में बहने वाली गोमती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
किसानों को खेत से पानी निकालने की सलाह
PM Fasal Bima Yojana कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी है। पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान की फसल की लगातार निगरानी करना भी जरूरी बताया गया है। बारिश के दौरान खेत में उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है। फिलहाल धान की फसल में किसी बड़े रोग के प्रकोप की सूचना नहीं है। वहीं मक्का और बाजरे की फसल की स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है, लेकिन लंबे समय तक जलभराव और तेज हवा से फसल गिरने का खतरा बना हुआ है।
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PM Fasal Bima Yojana 1.12 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया फसल बीमा
PM Fasal Bima Yojana कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन 2026-27 में सुल्तानपुर जिले के 1,12,907 किसानों ने फसल बीमा कराया है। इन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा किया है। बताया गया है कि करीब 10,680 हेक्टेयर फसल क्षेत्र बीमा कवरेज के दायरे में आ सकता है। बारिश और जलभराव से फसल को हुए नुकसान का आकलन होने के बाद पात्र किसानों को योजना के नियमों के अनुसार बीमा राशि मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
PM Fasal Bima Yojana में किसानों को क्या करना चाहिए?
PM Fasal Bima Yojana जिन किसानों की बीमित फसल बारिश या जलभराव के कारण प्रभावित हुई है, उन्हें अपने बीमा से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। फसल में नुकसान होने पर निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार संबंधित बीमा कंपनी या अधिकृत माध्यम को इसकी सूचना देना जरूरी है। किसानों को खेत की स्थिति और फसल के नुकसान का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना चाहिए। नुकसान का सर्वे और आकलन संबंधित नियमों के अनुसार होने के बाद ही बीमा दावे पर निर्णय लिया जाएगा।
बारिश थमने के बाद साफ होगी नुकसान की तस्वीर
अभी लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा है, इसलिए फसल नुकसान का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। कृषि विभाग की निगरानी जारी है। बारिश रुकने के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे किया जाएगा और उसके आधार पर नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। किसानों के लिए इस समय सबसे जरूरी है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की कोशिश करें और फसल की स्थिति पर लगातार नजर रखें। वहीं जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें PM Fasal Bima Yojana से संबंधित दस्तावेज और आवश्यक जानकारी तैयार रखनी चाहिए, ताकि नुकसान होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा किया जा सके।

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